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झारखंड चांडिल गौरी पुल से एक युवक ने किया आत्महत्या युवक
कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
झारखंड चांडिल गौरी पुल से एक युवक ने किया आत्महत्या युवक
- User6108Kisko, Pune🤝14 hrs ago
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- सरायकेला। आगामी नगर पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुमित कुमार चौधरी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र यानी 'संकल्प-पत्र' जारी कर दिया है। सुमित कुमार चौधरी ने अपना संकल्प-पत्र जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सरायकेला नगर चुनाव प्रभारी रमाकांत महतो और संयोजक राजा सिंह देव की गरिमामयी उपस्थिति में सार्वजनिक किया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष बद्री दरोगा, बीजू दत्त, राजकुमार सिंह नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मीनाक्षी पटनायक सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। 'बक्सा छाप' (क्रम संख्या 7) के साथ चुनावी मैदान में उतरे चौधरी ने शहर के सर्वांगीण विकास के लिए 20 से अधिक लोक-कल्याणकारी वादों की घोषणा की है। संकल्प-पत्र की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: हर मोहल्ले में बेहतर सड़क, लाइट और नाली की सुविधा सुनिश्चित करना। बिजली और पानी की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनता से सीधा संवाद। सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त वाई-फाई और छात्रों के लिए समृद्ध पुस्तकालय की स्थापना। घाटों और तालाबों में महिलाओं के लिए 'चेंजिंग रूम' का निर्माण और शहर के मुख्य चौराहों व स्कूलों के पास CCTV कैमरे लगवाना। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सीधे घर तक पहुँचाने की सुविधा। बेघरों को पात्रता के आधार पर मकान और भूमिहीनों के लिए नए फ्लैटों का निर्माण। मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि और पुस्तकालयों में उड़िया व जनजातीय भाषाओं की पुस्तकों की उपलब्धता। मरीजों के लिए एम्बुलेंस और नि:शुल्क शव वाहन व लकड़ी की व्यवस्था। चैत्र पर्व, कार्तिक पूर्णिमा और छठ पूजा के लिए माजना घाट पर पक्की घाट का निर्माण। सुमित चौधरी ने सरायकेला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का भी बड़ा वादा किया है। "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और विकास की जीत" कार्यक्रम के दौरान चुनाव प्रभारी रमाकांत महतो ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और पार्टी का लक्ष्य केवल विकास है। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि सुमित चौधरी के मुकाबले कोई भी जुझारू उम्मीदवार नहीं है और पूर्व की तरह इस बार भी भाजपा समर्थित अध्यक्ष ही चुना जाएगा।3
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- हक और हुकूक की लड़ाई: मानकी-मुंडा व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने का संकल्प, कोल्हान रक्षा संघ ने फूंका आंदोलन का शंखनाद। जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक स्वायत्तता और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को बचाने की मांग अब तेज़ हो गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत कोल्हान रक्षा संघ के बैनर तले आयोजित एक विशाल रैली ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों और आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और विल्किंसन रूल (1837) को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर बुलंद आवाज़ उठाई। ऐतिहासिक पहचान पर आर-पार की जंग हाथों में बैनर और जुबां पर 'कोल्हान एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे अपनी पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 1833 में थॉमस विल्किंसन द्वारा बनाए गए 31 नियम आज भी कोल्हान की विशेष पहचान का आधार हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रमुख मांगें और चिंताएं: मानकी-मुंडा की शक्ति: ग्रामीणों ने मांग की कि वंशानुगत मानकी-मुंडा शासन प्रणाली को और अधिक संवैधानिक मजबूती दी जाए ताकि वे न्यायिक और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें। सरकारी हस्तक्षेप का विरोध: आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय शासन में बाहरी हस्तक्षेप उनकी सदियों पुरानी व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। अस्तित्व की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि यह केवल नियमों की लड़ाई नहीं, बल्कि कोल्हान के अस्तित्व और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का महासंग्राम है। प्रशासन की बढ़ी धड़कनें क्षेत्र में बढ़ती हलचल को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जानकारों का कहना है कि यदि जगन्नाथपुर और आसपास के क्षेत्रों में उठी इस मांग का समय रहते संवाद के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो कोल्हान में एक बड़ा जनांदोलन खड़ा होना तय है। बड़ी बात: "कोल्हान की धरती पर अब अपनी परंपराओं को बचाने की जिद ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।"2
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