शामगढ़ में दोपहर हुई बरसात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसका अंदाज़ा एक घटना से लगाया जा सकता है। मंडी में एक किसान अपनी लहसुन लाया था, जो बारिश में भीग गई। इसके बाद व्यापारी ने गीली और नमी होने का हवाला देते हुए किसान की लहसुन में से डेढ़ किलो अतिरिक्त काटने की बात कही है। यह स्थिति तब बनी जब व्यापारियों का अपना माल टीन शेड के नीचे सुरक्षित रखा हुआ था, जबकि किसान अपने माल को बारिश से नहीं बचा पाया। बारिश के कारण लहसुन गीली हो जाने पर, इसके नुकसान की भरपाई किसान को ही करनी पड़ रही है। इस घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई है, जहाँ यह कहा गया है कि किसान तो केवल नुकसान के लिए ही खेती करता आ रहा है। पोस्टर का आरोप है कि किसान की ‘गलती’ यह है कि वह देश को अनाज देता है, लेकिन जब उसे अपना पेट पालने का समय आता है, तो सभी अपनी-अपनी बारी से उसे लूट लेते हैं।
शामगढ़ में दोपहर हुई बरसात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसका अंदाज़ा एक घटना से लगाया जा सकता है। मंडी में एक किसान अपनी लहसुन लाया था, जो बारिश में भीग गई। इसके बाद व्यापारी ने गीली और नमी होने का हवाला देते हुए किसान की लहसुन में से डेढ़ किलो अतिरिक्त काटने की बात कही है। यह स्थिति तब बनी जब व्यापारियों का अपना माल टीन शेड के नीचे सुरक्षित रखा हुआ था, जबकि किसान अपने माल को बारिश से नहीं बचा पाया। बारिश के कारण लहसुन गीली हो जाने पर, इसके नुकसान की भरपाई किसान को ही करनी पड़ रही है। इस घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई है, जहाँ यह कहा गया है कि किसान तो केवल नुकसान के लिए ही खेती करता आ रहा है। पोस्टर का आरोप है कि किसान की ‘गलती’ यह है कि वह देश को अनाज देता है, लेकिन जब उसे अपना पेट पालने का समय आता है, तो सभी अपनी-अपनी बारी से उसे लूट लेते हैं।
- शामगढ़ में दोपहर हुई बरसात से किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसका अंदाज़ा एक घटना से लगाया जा सकता है। मंडी में एक किसान अपनी लहसुन लाया था, जो बारिश में भीग गई। इसके बाद व्यापारी ने गीली और नमी होने का हवाला देते हुए किसान की लहसुन में से डेढ़ किलो अतिरिक्त काटने की बात कही है। यह स्थिति तब बनी जब व्यापारियों का अपना माल टीन शेड के नीचे सुरक्षित रखा हुआ था, जबकि किसान अपने माल को बारिश से नहीं बचा पाया। बारिश के कारण लहसुन गीली हो जाने पर, इसके नुकसान की भरपाई किसान को ही करनी पड़ रही है। इस घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई है, जहाँ यह कहा गया है कि किसान तो केवल नुकसान के लिए ही खेती करता आ रहा है। पोस्टर का आरोप है कि किसान की ‘गलती’ यह है कि वह देश को अनाज देता है, लेकिन जब उसे अपना पेट पालने का समय आता है, तो सभी अपनी-अपनी बारी से उसे लूट लेते हैं।1
- आलोट मंडी से 1 जून 2026, सोमवार के लिए सोयाबीन और गेहूं के ताजा बाजार भाव सामने आ गए हैं। इच्छुक लोग इन खुले बाजार भावों की जानकारी देख सकते हैं।1
- रणायरा में स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर अब क्षेत्र के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में स्थापित हो गया है। इसी के साथ, मंदिर परिसर में पंचकुंडी महायज्ञ भी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।1
- उन्हेल थाना पुलिस ने 24 घंटे के रिकॉर्ड समय के अंदर एक 'अंधे कत्ल' का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित और प्रभावी जांच को दर्शाती है।1
- बड़ोद नगर और आसपास के क्षेत्रों में 1 जून को मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। इस अचानक हुए बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ; कई मकानों के टीन शेड उड़ गए, वहीं कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर पड़ीं। आंधी के कारण लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बाजारों में भी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे। हालाँकि, इसके बाद शुरू हुई जोरदार बारिश ने पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। तेज धूप और बढ़ते तापमान से बेहाल लोगों के लिए मौसम सुहावना हो गया। बच्चों और युवाओं ने इस बारिश का भरपूर आनंद लिया, जबकि किसानों ने भी इसे अपनी खेतों के लिए बेहद लाभकारी बताया। इस बदले हुए मिजाज से पूरे क्षेत्र में ठंडक का एहसास हुआ और लोगों ने चैन की सांस ली। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के चलते वे बिना किसी काम के अपने घर से बाहर न निकलें।2
- मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत खड़पालिया में भूमिहीन गरीबों को दिए गए जमीन के पट्टों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसके चलते दोनों पक्ष गोल चौराहा पर धरने पर बैठ गए हैं। दरअसल, वर्ष 2008 में ग्राम पंचायत खड़पालिया के सरपंच ने भूमिहीन गरीबों को शासकीय भूमि पर पट्टे वितरित किए थे। इन पट्टों पर अब तक बीस पक्के मकान भी बन चुके हैं। लेकिन, बीस वर्ष बाद, किसी व्यक्ति ने इन जमीनों पर अपनी निजी संपत्ति होने का दावा करते हुए आपत्ति जताई है और पट्टेधारकों को हटाने की मांग की है। इस स्थिति ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि सरपंच द्वारा दी गई भूमि को अब कोई निजी बता रहा है।1
- मंदसौर जिले के शामगढ़, गरोठ और भानपुरा क्षेत्र में दोपहर के समय तेज आंधी के साथ अचानक बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के कारण शामगढ़ कृषि उपज मंडी प्रांगण में किसानों द्वारा लाई गई फसल पूरी तरह भीग गई, जिससे उनकी उपज खराब हो गई। फसल खराब होने से किसान काफी परेशान दिखे।1
- रतलाम जिले के नामली क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों द्वारा एक गैंगवार की घटना सामने आई है। इस दौरान लकड़ी और पाइप का इस्तेमाल करते हुए जमकर मारपीट की गई, जिसमें 'दनादन' वार किए गए।1