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एक समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है। कार्यकर्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे भाजपा को साल 2027 में सरकार नहीं बनाने देंगे।
Ashutosh Social Activist
एक समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है। कार्यकर्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे भाजपा को साल 2027 में सरकार नहीं बनाने देंगे।
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- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक भीषण सड़क हादसे में कैंची धाम जा रहे चार दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना हाईवे पर हुई, जिसमें तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार इनोवा कार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से एक ट्रेलर में जा घुसी।1
- एक समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है। कार्यकर्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे भाजपा को साल 2027 में सरकार नहीं बनाने देंगे।1
- बाराबंकी जिले के घुघंटेर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में सोमवार रात तेज़ आंधी के दौरान लगी आग से किसान राम दुलारे रावत का कच्चा छप्परनुमा घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस भीषण अग्निकांड में करीब 17 बकरियां ज़िंदा जल गईं, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ है। परिजनों के अनुसार, यह घटना सोमवार रात करीब 11:35 बजे घटी, जब परिवार खाना खाकर घर के बाहर सो रहा था क्योंकि गर्मी के चलते बिजली पहले से गुल थी। अचानक छप्पर में आग की लपटें देखकर परिवार और गांव में अफरा-तफरी मच गई। राम दुलारे रावत ने बताया कि शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर जुट गए और पंपिंग सेट व इंजन की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक घर में रखा गेहूं, चावल, सरसों, कपड़े, अलमारी और बक्सा सहित अन्य घरेलू सामान भी जलकर नष्ट हो चुका था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना दिए जाने के करीब दो घंटे बीत जाने के बावजूद दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुँचा। रात साढ़े बजे, थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्य ने बताया कि अज्ञात कारणों से आग लगी थी, जिसमें कच्चा मकान जल गया और 15-16 बकरियों समेत घरेलू सामान नष्ट हो गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।1
- बाराबंकी जिले के फतेहपुर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में बेसिक शिक्षा निदेशालय से सेवानिवृत्त लिपिक रमेश शुक्ला (65) का निधन हो गया। तेज रफ्तार अनियंत्रित पिकअप की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए शुक्ला ने लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सोमवार को नगर के मुंशीगंज बाजार में तब हुई जब एक तेज रफ्तार पिकअप उल्टी दिशा से आकर अनियंत्रित हो गई। पिकअप ने सड़क पर चल रहे एक मोटरसाइकिल सवार को जोरदार टक्कर मारी, जिससे दो अन्य मोटरसाइकिल और पास खड़ी एक स्कूटी को भी नुकसान पहुंचा। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बताया गया कि रमेश शुक्ला फतेहपुर में दवा लेने आए थे और अपने घर लौटते समय इस हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए पिकअप और उसके चालक को तुरंत मौके पर ही पकड़ लिया, जिससे वह भाग नहीं सका। स्थानीय लोगों की मदद से घायल रमेश शुक्ला को एंबुलेंस के ज़रिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ देर शाम उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। रमेश शुक्ला ने बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय तक लिपिक के पद पर सेवा दी थी और कुछ वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सादगी और मिलनसार स्वभाव के कारण उन्हें क्षेत्र में काफी सम्मान दिया जाता था। उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक दत्तक पुत्र हैं, जो स्थानीय तहसील में विधि व्यवसाय करते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेहरू नगर स्थित मारुति सुजुकी के एक शोरूम में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने शोरूम के महाप्रबंधक (GM) पर छेड़छाड़, अश्लील संदेश भेजने और अभद्र व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस आरोपी महाप्रबंधक को लेकर शोरूम पहुंची, तो महिला कर्मचारी ने उन पर स्याही फेंक दी। इतना ही नहीं, उसने महाप्रबंधक के चेहरे और कपड़ों पर स्याही फेंकने के साथ-साथ उन्हें थप्पड़-लात भी मारी। महिला कर्मचारी अमृता सिंह ने महाप्रबंधक अंकित आनंद पर ये आरोप लगाए हैं। इस घटना का एक वीडियो सामने आने के बाद, शोरूम की कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी अंकित आनंद पर इसी तरह के आरोप लगाए हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- सीतापुर जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ईदगाहपुरवा निवासी 55 वर्षीय छंगालाल पुत्र मुल्लू मंगलवार शाम करीब चार बजे अपनी बाइक से किसी काम से बिसवां जा रहे थे। सदरपुर-बिसवां मार्ग पर गंगेला के सामने गुड़ बेल के पास उनकी बाइक की टक्कर एक स्विफ्ट डिजायर कार से इतनी जोरदार हुई कि छंगालाल ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में स्विफ्ट डिजायर में बैठे तीन अन्य लोग भी घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी बिसवां भिजवाया, जहाँ उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम डाडिया मऊ कटरा निवासी पीड़िता आफरीन बानो पुत्री नेहरूद्दीन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, सिराजुद्दीन, मेराजुद्दीन, कमालुद्दीन, मुसीर, महफूज, नसीम बाबू और अन्य कई लोगों ने एक राय होकर उनके घर पर हमला किया। पीड़िता का कहना है कि इन विपक्षियों ने घर में घुसकर जमकर मारपीट की, जिसके परिणामस्वरूप ताजुद्दीन पुत्र नेहरूद्दीन, आफरीन बानो, स्वालिहा बानो, नाज बानो, नरगिस और नियाजुद्दीन घायल हो गए। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ गाली गलौज की, अभद्रता की और मारपीट भी की। यह विवाद जमीन के एक पुराने मामले से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों को शक था कि नियाजुद्दीन जमीन की पैमाइश कराने गया था, इसी बात से नाराज़ होकर आरोपियों ने हमला कर दिया। अब पीड़िता ने पुलिस से इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रण्डा मजरा लच्छीपुर में सोमवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रात करीब 11:30 बजे तेज हवाओं के कारण एक पक्की दीवार अचानक ढह गई, जिसके नीचे दबने से 65 वर्षीय मूलचंद भार्गव, जो स्व. नंदा के पुत्र थे, की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनकी 35 वर्षीय बहू श्रीमती सुमन, जो रमेश की पत्नी हैं, गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने तुरंत घायल सुमन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर नहीं पहुंचे, जिस पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सीतापुर स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।4