दिनारा/जनकपुर स्थित अशोक होटल के पास बने मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों की उपेक्षा के कारण यह मुक्तिधाम खंडहर में तब्दील होता जा रहा है और यहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इसके शीघ्र सुधार की मांग उठाई है। समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने मुक्तिधाम की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जब उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था, तब चारों ओर झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपने निजी खर्च से लगभग ₹2000 खर्च कर मजदूरों से पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई थी। कल्लू महाराज का यह भी कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत करैरा, जनपद सीईओ और संबंधित सचिव को भी जानकारी दी थी, जहां उन्हें खर्च की गई राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। हाल ही में पुनः निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। परिसर का मुख्य गेट चोरी हो गया है, पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है, बैठने की समुचित सुविधा नहीं है और पर्याप्त वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। जर्जर भवन और अव्यवस्थित परिसर इस पवित्र स्थान की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। कल्लू महाराज ने प्रशासन से मांग की है कि मुक्तिधाम में तत्काल नया गेट लगाया जाए, बोरिंग कराकर हैंडपंप की व्यवस्था की जाए, सोलर अथवा विद्युत प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, भवन की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराया जाए, और परिसर को सुंदर व व्यवस्थित बनाया जाए। उनका मानना है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र स्थान है जहां सभी आत्माओं का अंतिम मिलन होता है। उन्होंने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ करैरा, ग्राम पंचायत दिनारा, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि मुक्तिधाम के संरक्षण और विकास के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, क्योंकि समय रहते मरम्मत न होने पर भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। समाजसेवी मैथिलीशरण गुप्त, दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी, तेज सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई नागरिकों ने भी मुक्तिधाम के सुधार की मांग का समर्थन किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण नहीं बल्कि समाज की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है। कल्लू महाराज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने पर भी विचार करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुक्तिधाम को एक आदर्श एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाए, क्योंकि "मुक्तिधाम हमारी संस्कृति, श्रद्धा और अंतिम सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
दिनारा/जनकपुर स्थित अशोक होटल के पास बने मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों की उपेक्षा के कारण यह मुक्तिधाम खंडहर में तब्दील होता जा रहा है और यहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इसके शीघ्र सुधार की मांग उठाई है। समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने मुक्तिधाम की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जब उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था, तब चारों ओर झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपने निजी खर्च से लगभग ₹2000 खर्च कर मजदूरों से पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई थी। कल्लू महाराज का यह भी कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत करैरा, जनपद सीईओ और संबंधित सचिव को भी जानकारी दी थी, जहां उन्हें खर्च की गई राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। हाल ही में पुनः निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। परिसर का मुख्य गेट चोरी हो गया है, पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है, बैठने की समुचित सुविधा नहीं है और पर्याप्त वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। जर्जर भवन और अव्यवस्थित परिसर इस पवित्र स्थान की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। कल्लू महाराज ने प्रशासन से मांग की है कि मुक्तिधाम में तत्काल नया गेट लगाया जाए, बोरिंग कराकर हैंडपंप की व्यवस्था की जाए, सोलर अथवा विद्युत प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, भवन की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराया जाए, और परिसर को सुंदर व व्यवस्थित बनाया जाए। उनका मानना है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र स्थान है जहां सभी आत्माओं का अंतिम मिलन होता है। उन्होंने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ करैरा, ग्राम पंचायत दिनारा, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि मुक्तिधाम के संरक्षण और विकास के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, क्योंकि समय रहते मरम्मत न होने पर भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। समाजसेवी मैथिलीशरण गुप्त, दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी, तेज सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई नागरिकों ने भी मुक्तिधाम के सुधार की मांग का समर्थन किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण नहीं बल्कि समाज की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है। कल्लू महाराज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने पर भी विचार करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुक्तिधाम को एक आदर्श एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाए, क्योंकि "मुक्तिधाम हमारी संस्कृति, श्रद्धा और अंतिम सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
- मंगलवार को करैरा नगर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। यह कार्रवाई थाना प्रभारी विनोद सिंह छावई के नेतृत्व में की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना था। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल ने पैदल गश्त कर लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से कानून का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। वहीं, असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए यह स्पष्ट किया गया कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी विनोद सिंह छावई ने बताया कि पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आमजन में विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार गश्त एवं निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।1
- दिनारा/जनकपुर स्थित अशोक होटल के पास बने मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति इस समय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह मुक्तिधाम अब खंडहर में तब्दील होता दिखाई दे रहा है, जहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसी को देखते हुए, समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने स्थानीय नागरिकों और अन्य समाजसेवियों के साथ मिलकर इसके शीघ्र सुधार की मांग तेज कर दी है। कल्लू महाराज ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जब उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था, तब यहाँ चारों ओर झाड़ियाँ और जंगल जैसी स्थिति थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए, उन्होंने अपने निजी खर्च से लगभग ₹2000 खर्च कर मजदूरों के माध्यम से पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई थी। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत करैरा, जनपद सीईओ और संबंधित सचिव को भी जानकारी दी थी, जहाँ उन्हें साफ-सफाई में खर्च की गई राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक उन्हें कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ। हाल ही में पुनः निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की कई गंभीर समस्याएँ सामने आईं। इनमें परिसर का मुख्य गेट गायब है, जिसे अज्ञात लोग चुरा ले गए हैं। इसके अतिरिक्त, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था नहीं है, बैठने की कोई समुचित सुविधा नहीं है, और पर्याप्त वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। जर्जर भवन और अव्यवस्थित परिसर मुक्तिधाम की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। कल्लू महाराज ने मांग की है कि मुक्तिधाम में तत्काल नया गेट लगाया जाए, बोरिंग करवाकर हैंडपंप की व्यवस्था की जाए, सोलर अथवा विद्युत प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, भवन की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराया जाए, और परिसर को सुंदर व व्यवस्थित बनाया जाए। उनका मत है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र स्थान है जहाँ सभी आत्माओं का अंतिम मिलन होता है। उन्होंने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ करैरा, ग्राम पंचायत दिनारा, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि मुक्तिधाम के संरक्षण और विकास के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भवन को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। समाजसेवी मैथिलीशरण गुप्त, दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी, तेज सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई नागरिकों ने भी इस सुधार की मांग का समर्थन किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण नहीं बल्कि समाज की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है। कल्लू महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किए गए, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने पर भी विचार करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुक्तिधाम को एक आदर्श एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाए, क्योंकि "मुक्तिधाम हमारी संस्कृति, श्रद्धा और अंतिम सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। युवा फोर्स की अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद जब एक युवा अपने घर पहुंचा, तो उसने सबसे पहले अपने माता-पिता को सम्मानपूर्वक सैल्यूट किया। बेटे के इस हृदयस्पर्शी कृत्य ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। यह पल इतना भावुक था कि हर किसी की आँखों में गर्व और सम्मान के आँसू आ गए, जिसने इस अनोखे 'दबंग स्टाइल' सम्मान की गहरी छाप छोड़ दी।1
- मध्य प्रदेश के नरवर-मगरोनी रोड पर MPRDC द्वारा निर्मित सड़क इन दिनों बड़े हादसे को खुला न्योता दे रही है। सड़क के बिल्कुल किनारे बनी गहरी खाई और क्षतिग्रस्त पुलिया राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा बन गई है, जिस पर जिम्मेदार विभाग मौन साधे बैठा है। मौके पर स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहाँ सड़क किनारे पुलिया के पास की मिट्टी धंस गई है और नीचे एक गहरी खाई बन गई है। यह खाई सड़क से सटकर बनी है और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, खासकर रात के अंधेरे या बारिश में यहाँ से गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है। यदि कोई वाहन चालक थोड़ा भी संतुलन खोता है, तो उसका वाहन सीधे खाई में जा सकता है, जिससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन चालकों की जान हर समय जोखिम में बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, फिर भी सुरक्षा के नाम पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। इसी के मद्देनजर, लोगों ने MPRDC और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण करने, इस खतरनाक खाई को भरवाने, क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत कराने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया, तो नरवर-मगरोनी रोड पर यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका है।1
- करैरा क्षेत्र में खाद दुकानदारों द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक दामों पर खाद की बोरियां बेचे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में, एक किसान ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) कार्यालय में SADO फूल सिंह हिंडोलिया से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। SADO करैरा ने इस शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, बिना किसी देरी के दुकान पर पहुँचकर किसान द्वारा अधिक चुकाए गए पैसे वापस करवाए। कार्यालय ने यह भी नोट जारी किया है कि किसी भी किसान को ऐसी कोई भी परेशानी हो तो वे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, यह भी बताया गया है कि SADO करैरा के और भी कई ऐसे कार्य हैं जिनका उजागर होना आवश्यक है।1
- भांडेर नगर में मोहर्रम की आठवीं तारीख के अवसर पर बुधवार रात करीब 10 बजे एक पारंपरिक बुर्राख जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शामिल बुर्राखों ने अपने आकर्षक प्रदर्शनों और हैरतअंगेज करतबों से लोगों का खूब मन मोहा। यह बुर्राखें नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए घटिया बाजार पहुंचीं, जहां सभी का एकत्रीकरण हुआ। घटिया बाजार में कलाकारों ने विभिन्न प्रकार के रोमांचक और पारंपरिक करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़ पड़े। महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और देर रात तक इन करतबों का आनंद लिया। इस अवसर पर पूरे नगर में धार्मिक आस्था और भाईचारे का माहौल देखने को मिला, जिसमें युवाओं ने अनुशासन और उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाई। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मुस्तैद रखा, जिसके कारण पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। मोहर्रम की आठवीं तारीख पर निकले इस पारंपरिक जुलूस और बुर्राखों के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने नगरवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखा।1
- इंदरगढ़ के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम, दतिया रोड पर 'माँ शीतला क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2' का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन सेवढ़ा के एसडीओपी श्री अजय चानना ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ खेलने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ आज 24 जून 2026 को शाम 4 बजे से हुआ। यह टूर्नामेंट 'शहीद भगत सिंह युवा मंडल' और 'महारानी लक्ष्मीबाई महिला मंडल' इंदरगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अंडर-16 बालक वर्ग और बालिका वर्ग के लिए एक ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करके क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है, जिससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति का विकास हो सके। एसडीओपी श्री अजय चानना ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगिता के लिए विजेता टीम को ₹5100 का प्रथम पुरस्कार और उपविजेता टीम को ₹2100 की राशि निर्धारित की गई है। आयोजकों ने टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त नियम भी लागू किए हैं, जिसमें अंपायर का निर्णय अंतिम होगा और खिलाड़ियों को निर्धारित ड्रेस कोड (जूते, लोअर, टी-शर्ट) का पालन करना अनिवार्य है। इस आयोजन को लेकर स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- दिनारा/जनकपुर स्थित अशोक होटल के पास बने मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्षों की उपेक्षा के कारण यह मुक्तिधाम खंडहर में तब्दील होता जा रहा है और यहाँ मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इसके शीघ्र सुधार की मांग उठाई है। समाजसेवी एवं गौ सेवक कल्लू महाराज ने मुक्तिधाम की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जब उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था, तब चारों ओर झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपने निजी खर्च से लगभग ₹2000 खर्च कर मजदूरों से पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई थी। कल्लू महाराज का यह भी कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जनपद पंचायत करैरा, जनपद सीईओ और संबंधित सचिव को भी जानकारी दी थी, जहां उन्हें खर्च की गई राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। हाल ही में पुनः निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम की कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। परिसर का मुख्य गेट चोरी हो गया है, पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, प्रकाश व्यवस्था भी नदारद है, बैठने की समुचित सुविधा नहीं है और पर्याप्त वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। जर्जर भवन और अव्यवस्थित परिसर इस पवित्र स्थान की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। कल्लू महाराज ने प्रशासन से मांग की है कि मुक्तिधाम में तत्काल नया गेट लगाया जाए, बोरिंग कराकर हैंडपंप की व्यवस्था की जाए, सोलर अथवा विद्युत प्रकाश की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, भवन की मरम्मत एवं रंग-रोगन कराया जाए, और परिसर को सुंदर व व्यवस्थित बनाया जाए। उनका मानना है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि एक पवित्र स्थान है जहां सभी आत्माओं का अंतिम मिलन होता है। उन्होंने जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ करैरा, ग्राम पंचायत दिनारा, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि मुक्तिधाम के संरक्षण और विकास के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, क्योंकि समय रहते मरम्मत न होने पर भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है। समाजसेवी मैथिलीशरण गुप्त, दीपक तिवारी, जितेंद्र लोधी, जयराम लोधी, राजू लोधी, तेज सिंह यादव, मलखान यादव सहित कई नागरिकों ने भी मुक्तिधाम के सुधार की मांग का समर्थन किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक निर्माण नहीं बल्कि समाज की आस्था और संस्कारों का प्रतीक है। कल्लू महाराज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ नहीं किए गए तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने पर भी विचार करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुक्तिधाम को एक आदर्श एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाए, क्योंकि "मुक्तिधाम हमारी संस्कृति, श्रद्धा और अंतिम सम्मान का प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"1