एआरटीओ कार्यालय में सीडीओ का औचक छापा, अवैध वसूली पर ऑपरेटर बर्खास्त, दलाल पर FIR के निर्देश लखीमपुर-खीरी, 10 मार्च। जिले में भ्रष्टाचार और दलाली पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में औचक छापा मारा। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया। सीडीओ अभिषेक कुमार ने कार्यालय पहुंचते ही मुख्य गेट बंद करवा दिए और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान बेहजम क्षेत्र के कैमाखादर निवासी इश्तियाक अपने साथ रवि पुत्र प्रेमशंकर के साथ वाहन ट्रांसफर कराने के लिए मौजूद मिला। पूछताछ में पहले रवि ने खुद को रिश्तेदार बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने स्वीकार किया कि वह काम कराने के लिए दफ्तर आया था। इश्तियाक ने बताया कि उससे काम कराने के लिए दो हजार रुपये लिए गए थे। इस पर सीडीओ ने एआरटीओ को रवि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अर्जुनपुरवा निवासी शुभम गुप्ता ने शिकायत की कि ड्राइविंग लाइसेंस को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) कराने के लिए काउंटर पर 400 रुपये की जगह 1500 रुपये वसूले गए हैं। शिकायत मिलते ही सीडीओ सीधे इंस्टेंट सॉल्यूशन सेंटर काउंटर पर पहुंचे। पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर कमर अली ने 1500 रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली। तलाशी में पैसे भी बरामद हुए, जिस पर सीडीओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दे दिए। महीनों से चक्कर काट रहे व्यक्ति को मिला इंसाफ निरीक्षण के दौरान राधेश्याम नामक व्यक्ति ने सीडीओ को बताया कि वह नवंबर माह से अपनी गाड़ी का बंधक कटवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन बाबू द्वारा टालमटोल की जा रही है। इस पर सीडीओ राधेश्याम को साथ लेकर संबंधित काउंटर पर पहुंचे। पूछताछ में कनिष्ठ सहायक आशीष श्रीवास्तव संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की प्राथमिकता : सीडीओ सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सुनिश्चित करना है। डीएम के निर्देशानुसार एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आईं। प्रत्येक मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है तथा दलाली करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य कर्मचारियों की लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
एआरटीओ कार्यालय में सीडीओ का औचक छापा, अवैध वसूली पर ऑपरेटर बर्खास्त, दलाल पर FIR के निर्देश लखीमपुर-खीरी, 10 मार्च। जिले में भ्रष्टाचार और दलाली पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में औचक छापा मारा। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया। सीडीओ अभिषेक कुमार ने कार्यालय पहुंचते ही मुख्य गेट बंद करवा दिए और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान बेहजम क्षेत्र के कैमाखादर निवासी इश्तियाक अपने साथ रवि पुत्र प्रेमशंकर के
साथ वाहन ट्रांसफर कराने के लिए मौजूद मिला। पूछताछ में पहले रवि ने खुद को रिश्तेदार बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने स्वीकार किया कि वह काम कराने के लिए दफ्तर आया था। इश्तियाक ने बताया कि उससे काम कराने के लिए दो हजार रुपये लिए गए थे। इस पर सीडीओ ने एआरटीओ को रवि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अर्जुनपुरवा निवासी शुभम गुप्ता ने शिकायत की कि ड्राइविंग लाइसेंस को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) कराने के लिए काउंटर पर 400 रुपये की जगह 1500 रुपये वसूले गए हैं। शिकायत मिलते ही सीडीओ सीधे इंस्टेंट सॉल्यूशन सेंटर काउंटर पर पहुंचे।
पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर कमर अली ने 1500 रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली। तलाशी में पैसे भी बरामद हुए, जिस पर सीडीओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दे दिए। महीनों से चक्कर काट रहे व्यक्ति को मिला इंसाफ निरीक्षण के दौरान राधेश्याम नामक व्यक्ति ने सीडीओ को बताया कि वह नवंबर माह से अपनी गाड़ी का बंधक कटवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन बाबू द्वारा टालमटोल की जा रही है। इस पर सीडीओ राधेश्याम को साथ लेकर संबंधित काउंटर पर पहुंचे। पूछताछ में कनिष्ठ सहायक आशीष श्रीवास्तव संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर
सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की प्राथमिकता : सीडीओ सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सुनिश्चित करना है। डीएम के निर्देशानुसार एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आईं। प्रत्येक मामले में तत्काल कार्रवाई की गई है। कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है तथा दलाली करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य कर्मचारियों की लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
- भूटान भारत से पेट्रोल ख़रीद कर, भूटान अपने देश में 62 रु प्रति लीटर बेचता है, ...और भारत में पेट्रोल की क़ीमत कितनी है रु 95 से रु 108 प्रति लीटर, फिर भी मोदी हैं तो मुमिकन है का स्लोगन 12 सालों से रटाया जा रहा है... ये देश हित नहीं, सरकार के साथ मिलकर विशेष लूट है चंद पूंजीपतियों की।1
- सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- पीयूष दीक्षित की रिपोर्ट गोला गोकर्णनाथ-खीरी। थाना हैदराबाद क्षेत्र में गोला–मोहम्मदी रोड स्थित झारा मोड़ पर बुधवार दोपहर बस और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को करीब 1:40 बजे झारा मोड़ पर सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। इस पर उपनिरीक्षक खेमेन्द्र सिंह अपने हमराही पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर जांच के दौरान पता चला कि स्कूटी संख्या UP31 BX 3404 चला रहीं रितु यादव पत्नी ऋतुराज, निवासी प्रयागराज, जो कुम्भी ब्लॉक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं, की बस संख्या UP31 AT 4536 से आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में रितु यादव को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला भेजा। बस चालक का नाम-पता अभी अज्ञात बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा करा दिया है। घटना के बाद मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है तथा मामले की जांच की जा रही है।1
- अहमदाबाद में खेले गए बड़े फाइनल में हमारी जीत शानदार रही। पूरे टूर्नामेंट में दबाव के बावजूद लड़कों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और इस प्रतिभाशाली टीम के सामने कोई भी टिक नहीं पाया। इस शानदार उपलब्धि में योगदान देने के लिए पूरी मैनेजमेंट टीम और सपोर्ट स्टाफ को हार्दिक बधाई।1
- सरकार ऐसी नुमाइंदों पर क्यों कार्रवाई करने में असमर्थ रहती है जो अक्सर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें और भड़काऊ बातें फ्लेट रहते हैं किसी हर एक व्यक्ति की अपनी पर्सनल आस्था होती है उसे आस्था को इस प्रदीप मौर्या जैसे लोग आहत करते हैं ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए@प्रदीपमौर्या #uppolice1
- Post by Jagtar singh1
- कुर्सी थाने के अंतर्गत जो घटना हुई थी उसमें बुलडोजर कार्यवाही पूर्ण कराई जाए नहीं तो 12 तारीख तक लाखन आर्मी महाआंदोलन के लिए बाध्य होगी1
- लखीमपुर खीरी एमआरपी 1777, वसूली 2200 भारत गैस एजेंसी में ब्लैक का खेल! भारत गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी का आरोप है। जहां सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वहीं ग्राहकों से 2200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे ले रहा है तो वीडियो दें, कार्रवाई होगी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह खेल कर्मचारियों तक सीमित है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।1