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मरेली ग्राम पंचायत में 5 साल से अधूरी पड़ी पाइपलाइन, एक भी घर को नहीं मिला पानी का कनेक्शन सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

2 hrs ago
user_Ankitsinghtomar
Ankitsinghtomar
पत्रकार महोली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मरेली ग्राम पंचायत में 5 साल से अधूरी पड़ी पाइपलाइन, एक भी घर को नहीं मिला पानी का कनेक्शन सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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  • सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है।
जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।”
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Ankitsinghtomar
    Ankitsinghtomar
    पत्रकार महोली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी एमआरपी 1777, वसूली 2200 भारत गैस एजेंसी में ब्लैक का खेल! भारत गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी का आरोप है। जहां सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वहीं ग्राहकों से 2200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे ले रहा है तो वीडियो दें, कार्रवाई होगी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह खेल कर्मचारियों तक सीमित है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।
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    लखीमपुर खीरी
एमआरपी 1777, वसूली 2200 भारत गैस एजेंसी में ब्लैक का खेल! भारत गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी का आरोप है। जहां सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वहीं ग्राहकों से 2200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे ले रहा है तो वीडियो दें, कार्रवाई होगी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह खेल कर्मचारियों तक सीमित है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • पलिया कलां (खीरी) — बुलेटिन न्यूज। स्मैकियों से परेशान मोहल्ला रंगरेजान-2 के लोग, सभासद को दी जान से मारने की धमकी, पलिया नगर के मोहल्ला रंगरेजान-2 में स्मैक के बढ़ते कारोबार से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार स्मैक की बिक्री हो रही है, जिससे नशेड़ी आए दिन मोहल्ले में हंगामा करते हैं। बताया जा रहा है कि वार्ड के सभासद प्रतिनिधि मनोज गुप्ता ने जब कुछ नशेड़ियों को अपने वार्ड में नशा करने से मना किया, तो वे भड़क गए और उनसे लड़ाई-झगड़ा करने लगे। इतना ही नहीं, नशेड़ियों ने सभासद को जान से मारने की धमकी भी दी। मोहल्ले के लोगों के अनुसार एक नेपाली युवक, जो अक्सर स्मैक के नशे में मोहल्ले में आकर गाली-गलौज और विवाद करता है, को जब मना किया गया तो वह अपने साथियों के साथ झगड़े पर उतारू हो गया। इस दौरान पलिया कोतवाली पुलिस को फोन कर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने में लगभग आधा घंटा लग गया। तब तक आरोपी नशेड़ी और उसके साथी मौके से फरार हो चुके थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड के सभासद प्रतिनिधि मनोज गुप्ता द्वारा इस संबंध में पलिया कोतवाली में कई बार मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्मैक के कारोबार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मोहल्ला वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं करता और स्मैक जैसे मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त बंद नहीं कराई जाती, तो वे मजबूर होकर अपने घर बेचकर कहीं और जाने को विवश होंगे। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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    पलिया कलां (खीरी) — बुलेटिन न्यूज।
स्मैकियों से परेशान मोहल्ला रंगरेजान-2 के लोग, सभासद को दी जान से मारने की धमकी,
पलिया नगर के मोहल्ला रंगरेजान-2 में स्मैक के बढ़ते कारोबार से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार स्मैक की बिक्री हो रही है, जिससे नशेड़ी आए दिन मोहल्ले में हंगामा करते हैं।
बताया जा रहा है कि वार्ड के सभासद प्रतिनिधि मनोज गुप्ता ने जब कुछ नशेड़ियों को अपने वार्ड में नशा करने से मना किया, तो वे भड़क गए और उनसे लड़ाई-झगड़ा करने लगे। इतना ही नहीं, नशेड़ियों ने सभासद को जान से मारने की धमकी भी दी।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार एक नेपाली युवक, जो अक्सर स्मैक के नशे में मोहल्ले में आकर गाली-गलौज और विवाद करता है, को जब मना किया गया तो वह अपने साथियों के साथ झगड़े पर उतारू हो गया। इस दौरान पलिया कोतवाली पुलिस को फोन कर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने में लगभग आधा घंटा लग गया। तब तक आरोपी नशेड़ी और उसके साथी मौके से फरार हो चुके थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड के सभासद प्रतिनिधि मनोज गुप्ता द्वारा इस संबंध में पलिया कोतवाली में कई बार मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्मैक के कारोबार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मोहल्ला वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं करता और स्मैक जैसे मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त बंद नहीं कराई जाती, तो वे मजबूर होकर अपने घर बेचकर कहीं और जाने को विवश होंगे।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
    user_Lakhimpur समाचार
    Lakhimpur समाचार
    मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Dayashankar Singh ने बताया कि Uttar Pradesh Government की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक नई परिवहन नीति लेकर आई है। इस नीति के तहत जिले के हर गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रोजाना बस सेवा शुरू की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अनुसार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन एक बस गांव तक भेजी जाएगी। यह बस रात में गांव में ही खड़ी रहेगी और अगले दिन सुबह वहीं से यात्रियों को लेकर ब्लॉक और तहसील होते हुए वापस जिला मुख्यालय पहुंचेगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी।
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    Dayashankar Singh ने बताया कि Uttar Pradesh Government की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक नई परिवहन नीति लेकर आई है। इस नीति के तहत जिले के हर गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रोजाना बस सेवा शुरू की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अनुसार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन एक बस गांव तक भेजी जाएगी। यह बस रात में गांव में ही खड़ी रहेगी और अगले दिन सुबह वहीं से यात्रियों को लेकर ब्लॉक और तहसील होते हुए वापस जिला मुख्यालय पहुंचेगी।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी।
    user_असद जुनैद भारत नैशनल न्यूज
    असद जुनैद भारत नैशनल न्यूज
    Voice of people सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • यह दशा है हमारे साफ सुथरे भारत देश में सीतापुर जिले के महर्षि के स्कूल के दूसरी गाली के पास की जहा गिनती के कुछ लोग कूड़ा फेंकने आते है और मना करने पर लडाई करने को उतारू हो जाते है यह स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं
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    यह दशा है हमारे साफ सुथरे भारत देश में सीतापुर जिले के महर्षि के स्कूल के दूसरी गाली के पास की जहा गिनती के कुछ लोग कूड़ा फेंकने आते है और मना करने पर लडाई करने को उतारू हो जाते है 
यह स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Agricultural association Sitapur, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • Post by Jagtar singh
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    Post by Jagtar singh
    user_Jagtar singh
    Jagtar singh
    Media company मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • लखीमपुर खीरी में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भारत गैस एजेंसी के कर्मचारी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिस कमर्शियल सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वही सिलेंडर ग्राहकों को 2200 रुपये तक में बेचा जा रहा है। ग्राहकों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए मजबूरी में उन्हें ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। विरोध करने पर साफ कह दिया जाता है कि “यही रेट है, लेना है तो लो।” इस पूरे मामले पर एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे वसूल रहा है तो उसका वीडियो या सबूत दें, ताकि कार्रवाई की जा सके। लेकिन अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि 👉 क्या इतनी बड़ी वसूली सिर्फ कर्मचारियों के दम पर हो रही है? 👉 या फिर कालाबाजारी का यह खेल ऊपर तक सेटिंग से चल रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द जांच नहीं कराई तो गरीब और छोटे कारोबारियों की जेब पर इसी तरह डाका पड़ता रहेगा। ⚠️ अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि एमआरपी से ज्यादा वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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    लखीमपुर खीरी में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भारत गैस एजेंसी के कर्मचारी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिस कमर्शियल सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वही सिलेंडर ग्राहकों को 2200 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए मजबूरी में उन्हें ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। विरोध करने पर साफ कह दिया जाता है कि “यही रेट है, लेना है तो लो।”
इस पूरे मामले पर एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे वसूल रहा है तो उसका वीडियो या सबूत दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
लेकिन अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि
👉 क्या इतनी बड़ी वसूली सिर्फ कर्मचारियों के दम पर हो रही है?
👉 या फिर कालाबाजारी का यह खेल ऊपर तक सेटिंग से चल रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द जांच नहीं कराई तो गरीब और छोटे कारोबारियों की जेब पर इसी तरह डाका पड़ता रहेगा।
⚠️ अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि एमआरपी से ज्यादा वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।
    user_Ajay shukla
    Ajay shukla
    Journalist Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    37 min ago
  • देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है – “नोटबंदी देख लिए, घर बंदी कोरोना देख लिए, अब गैस बंदी के मजे लो… आगे और भी मजे आते रहेंगे, घबराना नहीं है।” इस पोस्ट के जरिए लोग रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के लिए रसोई चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। वहीं कुछ लोग सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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    देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है – “नोटबंदी देख लिए, घर बंदी कोरोना देख लिए, अब गैस बंदी के मजे लो… आगे और भी मजे आते रहेंगे, घबराना नहीं है।”
इस पोस्ट के जरिए लोग रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के लिए रसोई चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है।
वहीं कुछ लोग सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
    user_Awadh News
    Awadh News
    Local News Reporter मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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