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बड़ी खबर कर्मा डिटेक्टिव एजेंसी चलाने वाले शक्श बैंक डिटेल और कॉल डिटेल (जो कि सबसे जरूरी प्राइवेसी हैं) उसे कुछ रुपयों में बेच रहे है।
Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
बड़ी खबर कर्मा डिटेक्टिव एजेंसी चलाने वाले शक्श बैंक डिटेल और कॉल डिटेल (जो कि सबसे जरूरी प्राइवेसी हैं) उसे कुछ रुपयों में बेच रहे है।
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- मंत्री दौरे के बीच मैहर मां शारदा धाम में वीआईपी व्यवस्था पर सवाल, आम श्रद्धालु परेशान। मध्यप्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में इन दिनों वीआईपी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दौरे के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।मंदिर में रोपवे सेवा आम श्रद्धालुओं से टिकट लेकर संचालित की जाती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत बिना प्रतीक्षा के सुविधा दिए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे आम भक्तों में नाराजगी बढ़ रही है।सूत्रों के अनुसार मंदिर में दर्शन के लिए दो प्रमुख व्यवस्थाएं हैं—एक अतिथि श्रेणी और दूसरी सशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था। अतिथि श्रेणी में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी और विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं। वहीं आम श्रद्धालु शुल्क देकर शीघ्र दर्शन की सुविधा ले सकते हैं।नियमों के तहत राज्य के मंत्रियों को राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त होता है, जिससे वे अपने सीमित स्टाफ या परिवार के साथ विशेष व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं। हालांकि आरोप यह है कि इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक भी पहुंचाया जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की गरिमा पर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को विशेष छूट मिलती रही, तो आम श्रद्धालुओं की परेशानियां और बढ़ेंगी।इस पूरे मामले में प्रशासन, विशेष रूप से मैहर कलेक्टर और एसडीएम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि सभी श्रद्धालुओं के लिए समान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन निष्पक्षता दिखाते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराए, ताकि आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर हर श्रद्धालु को समान सम्मान और सुविधा मिल सके।1
- मैं डायबिटीज का मरीज था, लेकिन 2020 से मैंने अपने अंदर बड़ा बदलाव लाया। सोना, पानी, डाइट, और रेगुलर व्यायाम, इन सब पर मैंने ध्यान दिया। अब मुझे किसी भी इन्सुलिन और अतिरिक्त दवाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। : अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री1
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