मंत्री दौरे के बीच मैहर मां शारदा धाम में वीआईपी व्यवस्था पर सवाल, आम श्रद्धालु परेशान। मध्यप्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में इन दिनों वीआईपी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दौरे के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।मंदिर में रोपवे सेवा आम श्रद्धालुओं से टिकट लेकर संचालित की जाती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत बिना प्रतीक्षा के सुविधा दिए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे आम भक्तों में नाराजगी बढ़ रही है।सूत्रों के अनुसार मंदिर में दर्शन के लिए दो प्रमुख व्यवस्थाएं हैं—एक अतिथि श्रेणी और दूसरी सशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था। अतिथि श्रेणी में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी और विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं। वहीं आम श्रद्धालु शुल्क देकर शीघ्र दर्शन की सुविधा ले सकते हैं।नियमों के तहत राज्य के मंत्रियों को राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त होता है, जिससे वे अपने सीमित स्टाफ या परिवार के साथ विशेष व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं। हालांकि आरोप यह है कि इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक भी पहुंचाया जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की गरिमा पर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को विशेष छूट मिलती रही, तो आम श्रद्धालुओं की परेशानियां और बढ़ेंगी।इस पूरे मामले में प्रशासन, विशेष रूप से मैहर कलेक्टर और एसडीएम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि सभी श्रद्धालुओं के लिए समान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन निष्पक्षता दिखाते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराए, ताकि आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर हर श्रद्धालु को समान सम्मान और सुविधा मिल सके।
मंत्री दौरे के बीच मैहर मां शारदा धाम में वीआईपी व्यवस्था पर सवाल, आम श्रद्धालु परेशान। मध्यप्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में इन दिनों वीआईपी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में राज्य के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के दौरे के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।मंदिर में रोपवे सेवा आम श्रद्धालुओं से टिकट लेकर संचालित की जाती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों को वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत बिना प्रतीक्षा के सुविधा दिए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे आम भक्तों में नाराजगी बढ़ रही है।सूत्रों के अनुसार मंदिर में दर्शन के लिए दो प्रमुख व्यवस्थाएं हैं—एक अतिथि श्रेणी और दूसरी सशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था। अतिथि श्रेणी में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी और विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल होते हैं। वहीं आम श्रद्धालु शुल्क देकर शीघ्र दर्शन की सुविधा ले सकते हैं।नियमों के तहत राज्य के मंत्रियों को राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त होता है, जिससे वे अपने सीमित स्टाफ या परिवार के साथ विशेष व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं। हालांकि आरोप यह है कि इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक भी पहुंचाया जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की गरिमा पर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को विशेष छूट मिलती रही, तो आम श्रद्धालुओं की परेशानियां और बढ़ेंगी।इस पूरे मामले में प्रशासन, विशेष रूप से मैहर कलेक्टर और एसडीएम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि सभी श्रद्धालुओं के लिए समान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन निष्पक्षता दिखाते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराए, ताकि आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर हर श्रद्धालु को समान सम्मान और सुविधा मिल सके।
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- Post by Bolti Divare1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ सीधी से बड़ी खबर महिला के पूछने पर भड़के सीधी सांसद....... .......जी ह आखिर क्यों महिला के पूछने पर भड़के सीधी सांसद राजेश मिश्रा ऐसा तो कोई महिला ने नहीं पूछा कोई सवाल की भड़काना चाहिए सीधी सांसद जी को आखिर क्यों ऐसा भड़क रहे हैं चुनाव के समय तो ऐसा कोई राजनेता नहीं भड़कता है जिस तरह आज सिधी के सांसद एक महिला के ऊपर एक सबाल वह भी अपने लिए नहीं अपने गांव के हित के लिए उन्होंने सीधी सांसद राजेश मिश्रा से सवाल पूछा और महिला के सवाल पूछते ही भड़क उठे राजेश मिश्रा सीधी सांसद और सरकार लाडली लक्ष्मी योजना महिला सशक्ति करण के नाम पर इसी तरह आए दिन ऐसे सांसद और विधायकों द्वारा महिलाओं का किया जा रहा है अपमान आखिर ऐसा कौन सा गलत शब्द पूछ लिया की भड़क उठे सीधी सांसद1
- *फायर स्टेशन उपयुक्त स्थल पर बने -प्रभात ।* मैहर | जिला मुख्यालय में शासन द्वारा बनाए जा रहे फायर स्टेशन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने स्पष्ट कहा है कि फायर स्टेशन का निर्माण सही और उपयुक्त स्थान पर किया जाना चाहिए। प्रभात द्विवेदी ने कहा कि वे फायर स्टेशन के निर्माण के विरोध में नहीं हैं, बल्कि उसके स्थान चयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसी आपातकालीन सेवा ऐसी जगह स्थापित होनी चाहिए, जहां से शहर के सभी हिस्सों तक तेजी से पहुंच संभव हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चयनित स्थान इस दृष्टि से उपयुक्त नहीं है, जिससे आपदा के समय राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। द्विवेदी ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों की राय ली जाए।1
- Rajrwar tuda Bad nambar 1 GariB Adiwasi Samaj Bechare Pani ke Bina pese mar Rahe hay sarpancha wa siketri wa pCO sahab bhi mile hay2
- आकाशवाणी रीवा से सुनिए चौपाल गणेश भाई और अवध भाई के साथ, सुनिए लोकगीत और अपनी बघेली को सपोर्ट कीजिए1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- ✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता)1
- Post by Bolti Divare1