✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता) ✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता)
✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता) ✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता)
- Post by Bolti Divare1
- ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ सीधी से बड़ी खबर महिला के पूछने पर भड़के सीधी सांसद....... .......जी ह आखिर क्यों महिला के पूछने पर भड़के सीधी सांसद राजेश मिश्रा ऐसा तो कोई महिला ने नहीं पूछा कोई सवाल की भड़काना चाहिए सीधी सांसद जी को आखिर क्यों ऐसा भड़क रहे हैं चुनाव के समय तो ऐसा कोई राजनेता नहीं भड़कता है जिस तरह आज सिधी के सांसद एक महिला के ऊपर एक सबाल वह भी अपने लिए नहीं अपने गांव के हित के लिए उन्होंने सीधी सांसद राजेश मिश्रा से सवाल पूछा और महिला के सवाल पूछते ही भड़क उठे राजेश मिश्रा सीधी सांसद और सरकार लाडली लक्ष्मी योजना महिला सशक्ति करण के नाम पर इसी तरह आए दिन ऐसे सांसद और विधायकों द्वारा महिलाओं का किया जा रहा है अपमान आखिर ऐसा कौन सा गलत शब्द पूछ लिया की भड़क उठे सीधी सांसद1
- हाई कोर्ट ने नौ पुलिस वालों को सुनाई फांसी की सजा1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa2
- नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (Narendra Kumar Suryavanshi) 2012 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 में रीवा जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे पूर्व में बैतूल और रतलाम के कलेक्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। अपनी सख्त कार्यशैली और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए वे चर्चित रहे हैं। नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के बारे में मुख्य विवरण: पद: कलेक्टर (रीवा), मध्य प्रदेश। बैच: 2012 (मध्य प्रदेश कैडर)। पूर्व पदस्थापन: कलेक्टर बैतूल (जनवरी 2024 से), कलेक्टर निवाड़ी। प्रशासनिक शैली: सख्त प्रशासक, भू-माफिया के खिलाफ कार्यवाही और जनसुनवाई में सक्रियता के लिए जाने जाते हैं।1
- रामपुर बाघेलान विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम सिंह (विक्की भैया) ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रा.स्वा. केन्द्र बहेलिया भाठ जिला सतना (म.प्र.) का भव्य उद्घाटन किया। यह केन्द्र क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने में मदद करेगा।4
- रीवा जिले के मनगवां थाने में फर्जी केस का बड़ा आरोप, सस्पेंडेड TI के खिलाफ IG से शिकायत, जांच की मांग1
- ✍️ब्यूरो चीफ़ रिप्पू पाण्डेय रीवा की ख़ास रिपोर्ट ✍️* *सिटी:- रीवा* *स्लग:-सरकारी खजाने पर डकैती* *दिनांक- 10.04.2026* अपर बैंड:-_ भ्रष्टाचार का 'महाबली' खेल: तिवनी में अटल सरोवर के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, विधायक और अध्यक्ष के रसूख के आगे प्रशासन नतमस्तक! _एंकर:-_ विकास और रोजगार के दावों के बीच रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत तिवनी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ 'अटल सरोवर' निर्माण और तालाब गहरीकरण के नाम पर सरकारी बजट को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। पुख्ता सबूतों और जांच रिपोर्ट के बावजूद, सत्ताधारी नेताओं के दबाव में मामले को 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया गया है। _VO:-_ तिवनी पंचायत में रोजगार गारंटी योजना की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों के हक पर डाका डाला गया। शिकायत के अनुसार, तालाब की खुदाई के लिए गरीब मजदूरों की जगह ट्रैक्टर और JCB मशीनों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया। लाखों रुपये का फर्जी मस्टर रोल भरकर बंदरबांट की गई। भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि अटल सरोवर के निर्माण में इस कदर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि उसका ढांचा खड़े होने के साथ ही ध्वस्त हो गया। सरकारी पैसे की इस खुली लूट पर तकनीकी अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। _शिकायतकर्ता प्रकाश तिवारी का गंभीर आरोप है कि इस पूरे घोटाले को मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति और गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी का खुला संरक्षण प्राप्त है।_ आरोप है कि इन्हीं के दबाव में प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित ने जनपद सीईओ से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। सीएम हेल्पलाइन और RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने हर जगह से उन्हें निराश किया। अब हालात यह हैं कि न्याय मांग रहे प्रकाश तिवारी को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें लगातार गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं और कैसे सत्ता के रसूखदार लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। बाइट: * प्रकाश तिवारी (शिकायतकर्ता)1