किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धवेली पंचायत के लोधाबाड़ी स्थित रेतुआ नदी पर मंगलवार को एक निर्माणाधीन आरसीसी पुल के समीप बनाया गया अस्थायी डायवर्सन अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। इस घटना से क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा रेतुआ नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से एक आरसीसी पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यह अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था, जिसका उपयोग आसपास के कई गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन के लिए करते थे। डायवर्सन के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों और राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। बाजार आने-जाने वाले लोगों, स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों, किसानों, मजदूरों और मरीजों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ तक कि आपातकालीन स्थितियों में भी लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण में देरी के कारण यह डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र साधन था, और इसके बह जाने से नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों का संपर्क काफी हद तक टूट गया है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी से रेतुआ नदी में अस्थायी रूप से नाव संचालन की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की भी अपील की है, क्योंकि बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धवेली पंचायत के लोधाबाड़ी स्थित रेतुआ नदी पर मंगलवार को एक निर्माणाधीन आरसीसी पुल के समीप बनाया गया अस्थायी डायवर्सन अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। इस घटना से क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा रेतुआ नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से एक आरसीसी पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यह अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था, जिसका उपयोग आसपास के कई गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन के लिए करते थे। डायवर्सन के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों और राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। बाजार आने-जाने वाले लोगों, स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों, किसानों, मजदूरों और मरीजों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ तक कि आपातकालीन स्थितियों में भी लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण में देरी के कारण यह डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र साधन था, और इसके बह जाने से नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों का संपर्क काफी हद तक टूट गया है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी से रेतुआ नदी में अस्थायी रूप से नाव संचालन की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की भी अपील की है, क्योंकि बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
- बहादुरगंज अनुमंडल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 के नेतृत्व में नशा मुक्ति का संदेश प्रसारित किया गया। इस पहल के तहत क्षेत्र के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।1
- ज्ञान, संघर्ष और हौसले की पहचान के रूप में जाने जाने वाले खान सर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी कड़ी मेहनत, समर्पण और शिक्षा के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उनकी यह उपलब्धि कई लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।1
- किशनगंज जिले की झुनकी मुशहरा पंचायत में फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इन आरोपों के मुताबिक, दर्जनों महिलाओं की भीड़ इकट्ठा करके उनकी हाजिरी बनाई जा रही है।1
- खान सर को ज्ञान, संघर्ष और हौसले की पहचान के रूप में देखा जाता है। उनकी सफलता इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी अपनी कड़ी मेहनत, अटूट समर्पण और शिक्षा के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक और गहरा प्रभाव डाल सकता है।1
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