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bahadurgnj kishangnj Bihar rod
Afsana Khan
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More news from बिहार and nearby areas
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ स्थित झुनकी मुशहरा पंचायत में फर्जी लेबर दिखाकर सरकारी राशि की निकासी का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे मामले को लेकर आदिल अख्तर ने सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए हैं।1
- बिहार के एक इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता द्वारा हाजत भेजे गए बेटे का शव अगली सुबह बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है, और स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट पर है।1
- एक भीषण सड़क हादसे में दो चार पहिया वाहनों के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान अररिया के गैयारी और रोटा थाना क्षेत्र के सकमा बिशनपुर निवासी के रूप में हुई है। इस दुखद घटना के बाद, इलाके के लोग प्रशासन के खिलाफ भड़क उठे हैं और उनमें भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल पुलिस ने जियापोखर-कदुभिट्ठा सीमा क्षेत्र में एक संयुक्त पहल की है। यह कार्रवाई दोनों सुरक्षा बलों द्वारा सीमावर्ती इलाके में की गई है।1
- टेढ़ागाछ मुख्यालय पंचायत में नाले का निर्माण न होने के कारण कई घर जलमग्न हो गए हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के पीछे रेलवे विभाग की लापरवाही को मुख्य कारण बताया जा रहा है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह विभागीय अनदेखी का परिणाम है या फिर लोगों की बदकिस्मती।1
- सुपौल से सामने आई एक खबर के अनुसार, बिट्टू यादव नामक एक व्यक्ति की पुलिस हाजत में मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, बिट्टू यादव के पिता ने ही आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर उन्हें हाजत में भिजवाया था, जिसके बाद उनकी मौत हुई।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धवेली पंचायत के लोधाबाड़ी स्थित रेतुआ नदी पर मंगलवार को एक निर्माणाधीन आरसीसी पुल के समीप बनाया गया अस्थायी डायवर्सन अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। इस घटना से क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा रेतुआ नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से एक आरसीसी पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यह अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था, जिसका उपयोग आसपास के कई गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन के लिए करते थे। डायवर्सन के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों और राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। बाजार आने-जाने वाले लोगों, स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों, किसानों, मजदूरों और मरीजों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, यहाँ तक कि आपातकालीन स्थितियों में भी लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण में देरी के कारण यह डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र साधन था, और इसके बह जाने से नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों का संपर्क काफी हद तक टूट गया है। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी से रेतुआ नदी में अस्थायी रूप से नाव संचालन की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की भी अपील की है, क्योंकि बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका है।1