बीच सड़क पर सीआई का दादागीरी तेलंगाना (सूर्यापेट): कोदाड टाउन के 32वें वार्ड में गुरुवार रात पुलिस और नगर प्रशासन की कार्रवाई ने हंगामा खड़ा कर दिया। - सीआई का दादागीरी: नगर निगम अधिकारियों द्वारा बिना नोटिस दुकानों को हटाने पर विरोध कर रहे दुकानदारों पर टाउन सीआई ने हमला कर दिया। - सोशल मीडिया आक्रोश: “इतना ओवर क्यों? रिटायर होने के बाद भी तुम आम आदमी ही हो” कहते हुए नेटिज़न्स ने सीआई को आड़े हाथों लिया। - महिलाओं को धक्का: विरोध में शामिल महिलाओं को धक्का देकर गिराया गया, कई लोगों को कॉलर पकड़कर खींचते हुए पुलिस थाने ले जाया गया। - नगर निगम कार्रवाई: दुकानदारों का आरोप है कि त्योहारों पर ‘मामूली रकम’ न देने के कारण ही उनकी दुकानें हटाई गईं। - बाधितों का आरोप: “कमिश्नर को पंडुग मामूली नहीं दिया, इसलिए हमारी रोज़ी-रोटी छीन ली गई” – पीड़ितों का बयान।
बीच सड़क पर सीआई का दादागीरी तेलंगाना (सूर्यापेट): कोदाड टाउन के 32वें वार्ड में गुरुवार रात पुलिस और नगर प्रशासन की कार्रवाई ने हंगामा खड़ा कर दिया। - सीआई का दादागीरी: नगर निगम अधिकारियों द्वारा बिना नोटिस दुकानों को हटाने पर विरोध कर रहे दुकानदारों पर टाउन सीआई ने हमला कर दिया। - सोशल मीडिया आक्रोश: “इतना ओवर क्यों? रिटायर होने के बाद भी तुम आम आदमी ही हो” कहते हुए नेटिज़न्स ने सीआई को आड़े हाथों लिया। - महिलाओं को धक्का: विरोध में शामिल महिलाओं को धक्का देकर गिराया गया, कई लोगों को कॉलर पकड़कर खींचते हुए पुलिस थाने ले जाया गया। - नगर निगम कार्रवाई: दुकानदारों का आरोप है कि त्योहारों पर ‘मामूली रकम’ न देने के कारण ही उनकी दुकानें हटाई गईं। - बाधितों का आरोप: “कमिश्नर को पंडुग मामूली नहीं दिया, इसलिए हमारी रोज़ी-रोटी छीन ली गई” – पीड़ितों का बयान।
- बीच सड़क पर सीआई का दादागीरी तेलंगाना (सूर्यापेट): कोदाड टाउन के 32वें वार्ड में गुरुवार रात पुलिस और नगर प्रशासन की कार्रवाई ने हंगामा खड़ा कर दिया। - सीआई का दादागीरी: नगर निगम अधिकारियों द्वारा बिना नोटिस दुकानों को हटाने पर विरोध कर रहे दुकानदारों पर टाउन सीआई ने हमला कर दिया। - सोशल मीडिया आक्रोश: “इतना ओवर क्यों? रिटायर होने के बाद भी तुम आम आदमी ही हो” कहते हुए नेटिज़न्स ने सीआई को आड़े हाथों लिया। - महिलाओं को धक्का: विरोध में शामिल महिलाओं को धक्का देकर गिराया गया, कई लोगों को कॉलर पकड़कर खींचते हुए पुलिस थाने ले जाया गया। - नगर निगम कार्रवाई: दुकानदारों का आरोप है कि त्योहारों पर ‘मामूली रकम’ न देने के कारण ही उनकी दुकानें हटाई गईं। - बाधितों का आरोप: “कमिश्नर को पंडुग मामूली नहीं दिया, इसलिए हमारी रोज़ी-रोटी छीन ली गई” – पीड़ितों का बयान।1
- फ्रॉड ऐप और स्कैम से बचीये आजकल सोशल मीडिया पर फर्जी है वह पैसा डबल करने के बहुत सारे ऐप हैं आज का सोशल मीडिया पर फर्जी है तो पर पैसा डबल करने के चलावे में मत लिएये1
- विद्युत ट्रांसपोर्ट के आसपास में झाड़ियां आहोर जिला जालौर राजस्थान विद्युत ट्रांसफार्मर के चारों बाजू कांटेदार झाड़ियां1
- sonalika tektar demo and chorau sayla jalore rajasthan me sonalika tektar demo1
- कर्णेश्वर महादेव प्राणी गो सेवा समिति मंडवाड़ा में आज गायों के लिए लापसी के भामाशाह राम भरोसे शैतान सिंह राव, कोषाध्यक्ष ललित भाई पुरोहित, समाजसेवी छगन लाल पुरोहित, मोहन भाई माली, अर्जुन गोकुल हीरागर, भूराराम खंगाराम हिम्मत सैन ऊकाराम प्रजापत3
- तुकाराम मुंढे के एक्शन से महाराष्ट्र में हड़कंप, FDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मिलावटखोरों में खलबली महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर का पद संभालने के बाद IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने सख्त एक्शन को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट्स के मुताबिक FDA की टीमों ने हजारों जगहों पर छापेमारी की है। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की गई। कुछ बड़े ब्रांड और नामी रेस्टोरेंट भी इस अभियान की चपेट में आए हैं। मुंढे की कार्रवाई से जहां आम लोगों में उनकी सख्त कार्यशैली की चर्चा है, वहीं कुछ कारोबारी उनके तरीके को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। उनके खिलाफ FDA के कुछ अधिकारियों की शिकायत और कानूनी विवाद भी सामने आए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनके तबादले के लिए ₹250 करोड़ तक खर्च करने की साजिश की गई थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह 245 गिरफ्तारियों और 275 कारोबारों को सील करने के आंकड़ों की भी विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं मिली है। तुकाराम मुंढे का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करवाना और आम लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।1
- नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत 140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि नादाणा गौशाला में जैन युवा संघ तांबरम सर्कल का भव्य स्वागत 140 सदस्यों ने गायों को खिलाया हरा चारा व लापसी, जीवदया के लिए दी राशि रानी। निकटवर्ती नादाणा जोधान (जवाली) स्थित श्री रूपमुनि सार्वजनिक गौशाला में अखिल भारतीय श्री मरूधर केसरी जैन युवा संघ तांबरम सर्कल (चेन्नई) के करीब 140 सदस्यों का भव्य स्वागत किया गया। गौशाला ट्रस्ट की ओर से संघ के सदस्यों का साफा, शॉल, दुपट्टा एवं माला पहनाकर ढोल-धमाकों के साथ स्वागत किया गया। चेन्नई से आए संघ के पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान संघ के सदस्यों ने जीवदया के तहत गायों को हरा चारा एवं लापसी खिलाई। साथ ही गायों की सेवा एवं संरक्षण के लिए बढ़-चढ़कर राशि भेंट कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चंपकलाल चंदेल, उपाध्यक्ष दिनेश बी. भलगट, दिनेश एम. भलगट, महामंत्री छगनलाल मेवाड़ा, सलाहकार नथमल गांधी (सीए), कोषाध्यक्ष केवलचंद गांधी, अमर सिंह सिसोदिया, झूमरलाल भलगट, जयंतीलाल गांधी, खेमचंद बोहरा, रमेश भलगट, पूर्व प्राचार्य डॉ. नारायण सिंह राठौड़, अरुण गांधी, मनसुख भलगट, प्यारेलाल चाणोदिया, भंवरलाल सिंघवी, गौतमचंद बोहरा, प्रकाश गुगलिया, मनोज सेठिया, शांतिलाल गांधी, प्रकाश गांधी, अशोक भलगट, वनाराम माली, संजय जैन, लोकेश जैन, देवेंद्र सोनी, भरत गांधी सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता निभाई।1
- अन्नपुर्णा रसोई भैंसवाड़ा तहसील आहोर जिला जालौर राजस्थान भैंसवाड़ा, जालोर के लिए ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड और राजस्थान सरकार के अन्नपूर्णा रसोई पोर्टल को देखा। भैंसवाड़ा रसोई का अलग से फोटो वाला बोर्ड/स्थानीय मेन्यू बोर्ड ऑनलाइन नहीं मिला, इसलिए उसे भैंसवाड़ा का आधिकारिक बोर्ड बताकर पेश करना सही नहीं होगा। ✅ सरकारी तौर पर लागू जानकारी समय दोपहर: सुबह 8:30 से दोपहर 3:00 बजे तक रात: शाम 5:00 से रात 9:00 बजे तक � Shree Annapurna Rasoi +1 मेन्यू/थाली 🫓 चपाती — 300 ग्राम 🥣 दाल — 100 ग्राम 🥗 सब्जी — 100 ग्राम 🍚 चावल/मिलेट्स (श्री अन्न) की खिचड़ी — 100 ग्राम 🥒 अचार � Shree Annapurna Rasoi महत्वपूर्ण: सरकार के पोर्टल पर स्पष्ट है कि जिला स्तरीय समिति स्थानीय आवश्यकता के अनुसार मेन्यू और भोजन के समय का चयन/परिवर्तन कर सकती है। इसलिए भैंसवाड़ा में कौन-सा दिन कौन-सी सब्जी/दाल होगी, यह स्थानीय स्वीकृत मेन्यू बोर्ड से ही पक्का होगा।1