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9 अगस्त आज अटरू में मनाया जा रहा है आदिवासी दिवस नाना प्रकार की झांकियां आदिवासी रूप में कर रहे हैं नृत्य अटरू में मनाया जा रहा है आदिवासी दिवस विचित्र प्रकार की वेशभूषा वह तीर कमान लेकर कर रहे हैं नृत्य
Hemant Kapoor
9 अगस्त आज अटरू में मनाया जा रहा है आदिवासी दिवस नाना प्रकार की झांकियां आदिवासी रूप में कर रहे हैं नृत्य अटरू में मनाया जा रहा है आदिवासी दिवस विचित्र प्रकार की वेशभूषा वह तीर कमान लेकर कर रहे हैं नृत्य
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- अटरू में स्वीप कार्यक्रम, मेहंदी से दिया मतदान जागरूकता का संदेश अटरू में स्वीप कार्यक्रम, मेहंदी से दिया मतदान जागरूकता का संदेश1
- अंता में भागवत कथा के दौरान भक्ति भाव में डूबी महिलाये बारां जिले के अंता में अजीतपुरा बाला जी की बगीची में 7 दिवसीय श्री मद भागवत कथा का आयोजन शुरू किया गया जिसमें पहले ही दिन बड़ी संख्या में महिलाओं सहित पुरुषों द्वारा भक्ति लाभ प्राप्त किया गया । भागवत कथा के दौरान पंडित मुकुटबिहारी शास्त्री ने कहा कि भूमि नहीं अपनी भूमिका बदलने का प्रयास करे जब मनुष्य अपने स्वभाव व्यवहार ओर विचारों को सकारात्मक बना लेता हे तो जीवन में अधिकांश अभाव अपने आप समाप्त होने लगते हे ।भागवत कथा मानव को जीवन जीना सिखाती है।पंडित शास्त्री ने कहा कि आज का मनुष्य सुख की तलाश में मकान बदलता हे दुकान बदलता है लेकिन अपने विचार ओर स्वभाव को नहीं बदलता जबकि वास्तविक परिवर्तन बाहर नहीं भीतर होना चाहिए़ मनुष्य के सुख दुख का वास्तविक कारण उसकी परिस्थितियां नहीं बल्कि उसकी सोच ओर स्वभाव पर निर्भर करती हे ।कथा से पूर्व पोस्ट ऑफिस बाला जी की बगीची से बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई जो कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई अजीतपुरा बाला जी की बगीची पहुंची । कथा आयोजक डॉक्टर भगवान प्रसाद दाधीच ने बताया कि कथा रोजाना दोपहर एक बजे से 4 बजे तक होगी साथ ही 14 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन किया जाएगा ।3
- श्रावण मास मास मे वर्षा का आनन्द लेते मोर दाना चूगते हुए1
- बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नालों और तालाबों में बढ़ी पानी की आवक किशनगंज क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते नदी-नालों और तालाबों में पानी की आवक बढ़ गई है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर कीचड़ होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। हालांकि लगातार बारिश से नदी-नालों के जलस्तर पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।1
- फतेहगढ़ (सीएम राइज) सांदीपनी स्कूल के छात्रों की दोहरी मुसीबत! बारिश में कीचड़, सड़क पर जाम से बढ़ी परेशानी चौराहे से स्कूल तक अतिक्रमण और ट्रैफिक का दबाव, मेन गेट पर कीचड़ से फिसलने का खतरा फतेहगढ़/गुना। गुना जिले के फतेहगढ़ स्थित सीएम राइज (सांदीपनि) विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं इन दिनों बारिश के मौसम में दोहरी परेशानी का सामना कर रहे हैं। एक ओर स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क पर अतिक्रमण और बेतरतीब ट्रैफिक के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है, वहीं दूसरी ओर बारिश होते ही सड़क और विद्यालय के मुख्य गेट के आसपास कीचड़ जमा हो जाता है। चौराहे से स्कूल तक जाम की समस्या स्थानीय लोगों के अनुसार फतेहगढ़ चौराहे से विद्यालय तक सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इसका सीधा असर स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों पर पड़ता है। सुबह स्कूल के समय और छुट्टी के दौरान स्थिति और ज्यादा परेशानी वाली हो जाती है। विद्यार्थियों को जाम के बीच से होकर विद्यालय तक पहुंचना पड़ता है। मेन गेट पर कीचड़, फिसलने का खतरा बारिश के दौरान विद्यालय की ओर जाने वाली सड़क और मेन गेट के आसपास कीचड़ जमा होने से छात्र-छात्राओं की परेशानी और बढ़ जाती है। कीचड़ के कारण रास्ता फिसलन भरा हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। छोटे बच्चों के साथ-साथ स्कूल स्टाफ को भी इस रास्ते से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिम्मेदारों से व्यवस्था सुधारने की मांग स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि सीएम राइज जैसे महत्वपूर्ण विद्यालय के आसपास यातायात और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। स्कूल के मुख्य गेट तक सड़क की स्थिति सुधारने के साथ ही अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था व्यवस्थित करने की जरूरत है। बारिश के मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को स्कूल के आसपास कीचड़ हटाने, सड़क दुरुस्त कराने और जल निकासी की व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।1
- ABVP का उग्र प्रदर्शन: छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर झालावाड़ में जलाए टायर, मंत्री को सौंपा ज्ञापन झालावाड़ | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ABVP ने छात्रसंघ चुनावों की बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार दोपहर झालावाड़ में जोरदार प्रदर्शन किया। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर जमा हुए सैकड़ों ABVP कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर नारेबाजी की और सरकार विरोधी नारे लगाए। *क्या हैं ABVP की 5 प्रमुख मांगें 1. छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं 2. विश्वविद्यालयों में समयबद्ध अकादमिक कैलेंडर लागू हो 3. रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर नियमित नियुक्तियां हों 4. राजकीय महाविद्यालयों में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति हो 5. प्रदेश के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग स्थापित हो *ABVP ने क्या कहा* प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि "छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे बड़ा मंच है। लंबे समय से चुनाव न होने से छात्रों में भारी असंतोष है।"उन्होंने सरकार से छात्रहित से जुड़ी मांगों पर तत्काल फैसला लेने की मांग की। मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद ABVP कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री *श्री प्रेमचंद बैरवा* के नाम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि विद्यार्थी हित से जुड़ी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषद् ने दोहराया कि वह छात्रहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। `#Jhalawar #ABVP #StudentUnionElection #RajasthanNews #HigherEducation #Protest`1
- कथा आयोजन अटरू के कवि क्षेत्र में हुई शिव महापुराण कथा कथा में उम्र कई हजारों लोग लिया भक्ति रस का आनंद कवाई। कस्बे के श्री बालाजी रिसोर्ट में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान शनिवार को हनुमान जी के रुद्र अवतार का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा के साथ श्रीराम और हनुमान जी की अनन्य भक्ति का प्रसंग सुनाया गया। और हनुमान जी की झांकी सजाई गई। कथा वाचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्तिमय वातावरण में जयकारों से कथा स्थल गूंज उठा। कथा वाचिका शुभी दुबे ने कहा कि भगवान की भक्ति में ही वास्तविक शक्ति है। मनुष्य को सच्चे मन से भगवान की भक्ति करनी चाहिए, क्योंकि भक्ति के बिना भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसारिक जीवन में मनुष्य अनेक प्रकार के मोह-माया और बंधनों में उलझा रहता है, लेकिन भगवान की भक्ति उसे इन बंधनों से ऊपर उठने का मार्ग दिखाती है। सच्ची श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई भक्ति मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाती है। कथा के दौरान श्रीराम और हनुमान जी के बीच अटूट भक्ति और समर्पण का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचिका ने हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्र अवतार बताते हुए उनकी श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की भक्ति, सेवा, समर्पण और विनम्रता प्रत्येक भक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण रखने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। कथा के दौरान कथा वाचिका शुभी दुबे द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते रहे इस दौरान कथा स्थल पर देर तक भक्तिमय माहौल बना रहा। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। आयोजनकर्ता सत्यनारायण तिवारी ने बताया कि श्री बालाजी रिसोर्ट में आयोजित शिवमहापुराण कथा में प्रतिदिन कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और भक्ति का संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को शिवमहापुराण कथा का समापन होगा, जिसके लिए आयोजन स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं।1
- नागदा धाम के कुंड के पास स्थित नदी में नजर आया मगर मच्छ ,रहे सावधान बारां जिले के अंता के समीप नागदा कुंड के पास स्थित काली सिंध नदी में एक मगर मच्छ पानी में तैरता नजर आया जिसे कई लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया ऐसे में कुंड में स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सावधान रहने की जरूरत हे । नदी में जाकर स्नान नहीं करे सिर्फ कुंड में ही स्नान करे ।1
- नीचे झूल रहे बिजली के तार, वाहनों के आवागमन में परेशानी शाहाबाद कस्बे में कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे झूलने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से गुजरते समय बड़े वाहनों को तारों के कारण सावधानी बरतनी पड़ती है। कई जगह तार इतने नीचे हैं कि भारी वाहन निकलने पर उनके टकराने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तारों को ऊंचा करने और व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। लोगों ने जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।1