कागजी विकास और जमीनी अंधेरा: गाजीपुर की सड़कों पर दिखा बिजली विभाग का 'भ्रष्टाचार' अजीत मिश्रा (खोजी) ⚡भ्रष्टाचार की 'हाई वोल्टेज' करंट से झुलसा विभाग, मंत्री के तेवर देख अधिकारियों में हड़कंप⚡ ऊर्जा मंत्री का बड़ा प्रहार: गाजीपुर में लापरवाही पर जेई सस्पेंड, एक्सईएन और एसडीओ पर गिरी गाज RDSS के करोड़ों रुपये डकार गए अधिकारी? मंत्री के तीखे सवालों ने खोली सिस्टम की पोल कागजी विकास और जमीनी अंधेरा: गाजीपुर की सड़कों पर दिखा बिजली विभाग का 'भ्रष्टाचार' साहब! जब मंत्री को ही दिखा खतरा, तो जनता की सुरक्षा का क्या? बिजली विभाग में हड़कंप ब्यूरो, बस्ती (उत्तर प्रदेश) गाजीपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की कार्यशैली और भ्रष्टाचार की परतें अब सड़कों पर लटकते तारों की तरह साफ नजर आने लगी हैं। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का हालिया गाजीपुर दौरा बिजली विभाग के उन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो कागजों पर तो 'चमकदार' हैं, लेकिन जमीन पर 'अंधेरे' और 'मौत' का सबब बने हुए हैं। अचानक रुका काफिला, और खुल गई पोल बुधवार को लखनऊ से बलिया जा रहे ऊर्जा मंत्री का काफिला जब गाजीपुर के महड़ौर गांव से गुजरा, तो नजारा विकास के दावों के उलट था। आबादी वाले क्षेत्र में मौत बनकर झूलते बिजली के जर्जर तारों ने मंत्री को गाड़ी रोकने पर मजबूर कर दिया। जिस आरडीएसएस (RDSS) योजना के नाम पर करोड़ों के बजट का ढिंढोरा पीटा जाता है, उसकी हकीकत सड़कों पर लटकती दिखी। मंत्री ने कड़े लहजे में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार को फोन पर फटकार लगाते हुए कहा: "ऐसा लगता है कि आरडीएसएस का सारा पैसा अधिकारी खा गए हैं। जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा। कब किसकी मौत हो जाए, कोई नहीं जानता।" एक्शन मोड: सस्पेंशन और चार्जशीट की गाज मंत्री की इस तल्खी का असर तुरंत देखने को मिला। स्थलीय निरीक्षण में लापरवाही की पुष्टि होते ही गाजीपुर के बिजली महकमे में खलबली मच गई: जेई (JE) निलंबित: महरौर के अवर अभियंता धर्मेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। SDO और XEN पर शिकंजा: कासिमाबाद के एसडीओ मनोज कुमार वर्मा और जंगीपुर के अधिशासी अभियंता (XEN) प्रवीण कुमार तिवारी के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है। समीक्षा: कागजी विकास और जमीनी 'शॉर्ट सर्किट' यह घटना केवल एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बजट का बंदरबांट: मंत्री का यह कहना कि 'अधिकारी पैसे खा गए', विभाग के भीतर गहरे तक पैठे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। क्या आरडीएसएस जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का ऑडिट सिर्फ फाइलों तक सीमित है? निरीक्षण का ढोंग: अगर मंत्री का काफिला वहां से न गुजरता, तो क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे? स्थानीय अधिकारियों का 'नियमित निरीक्षण' आखिर किस चश्मे से होता है कि उन्हें लटकते तार दिखाई नहीं देते? जवाबदेही का अभाव: निचले स्तर के कर्मचारियों पर गाज गिरना आम है, लेकिन क्या उच्चाधिकारियों की एसी कमरों में बैठने की संस्कृति इस बदहाली के लिए जिम्मेदार नहीं है? निष्कर्ष: सिर्फ 'झटके' से काम नहीं चलेगा मंत्री ए.के. शर्मा का यह कड़ा रुख सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई नजीर बनेगी? उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली के जर्जर तार और 'जुगाड़' पर टिकी व्यवस्था आज भी किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। अगर भ्रष्टाचार की इस 'अर्थिंग' को जड़ से नहीं काटा गया, तो सरकार की 'हर घर बिजली, सुरक्षित बिजली' की योजना केवल कागजों की शोभा बनी रहेगी। साफ संदेश है— सुधारिए, वरना सस्पेंशन के लिए तैयार रहिए!
कागजी विकास और जमीनी अंधेरा: गाजीपुर की सड़कों पर दिखा बिजली विभाग का 'भ्रष्टाचार' अजीत मिश्रा (खोजी) ⚡भ्रष्टाचार की 'हाई वोल्टेज' करंट से झुलसा विभाग, मंत्री के तेवर देख अधिकारियों में हड़कंप⚡ ऊर्जा मंत्री का बड़ा प्रहार: गाजीपुर में लापरवाही पर जेई सस्पेंड, एक्सईएन और एसडीओ पर गिरी गाज RDSS के करोड़ों रुपये डकार गए अधिकारी? मंत्री के तीखे सवालों ने खोली सिस्टम की पोल कागजी विकास और जमीनी अंधेरा: गाजीपुर की सड़कों पर दिखा बिजली विभाग का 'भ्रष्टाचार' साहब! जब मंत्री को ही दिखा खतरा, तो जनता की सुरक्षा का क्या? बिजली विभाग में हड़कंप ब्यूरो, बस्ती (उत्तर प्रदेश) गाजीपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की कार्यशैली और भ्रष्टाचार की परतें अब सड़कों पर लटकते तारों की तरह साफ नजर आने लगी हैं। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का हालिया गाजीपुर दौरा बिजली विभाग के उन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है, जो कागजों पर तो 'चमकदार' हैं, लेकिन जमीन पर 'अंधेरे' और 'मौत' का सबब बने हुए हैं। अचानक रुका काफिला, और खुल गई पोल बुधवार को लखनऊ से बलिया जा रहे ऊर्जा मंत्री का काफिला जब गाजीपुर के महड़ौर गांव से गुजरा, तो नजारा विकास के दावों के उलट था। आबादी वाले क्षेत्र में मौत बनकर झूलते बिजली के जर्जर तारों ने मंत्री को गाड़ी रोकने पर मजबूर कर दिया। जिस आरडीएसएस (RDSS) योजना के नाम पर करोड़ों के बजट का ढिंढोरा पीटा जाता है, उसकी हकीकत सड़कों पर लटकती दिखी। मंत्री ने कड़े लहजे में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार को फोन पर फटकार लगाते हुए कहा: "ऐसा लगता है कि आरडीएसएस का सारा पैसा अधिकारी खा गए हैं। जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा। कब किसकी मौत हो जाए, कोई नहीं जानता।" एक्शन मोड: सस्पेंशन और चार्जशीट की गाज मंत्री की इस तल्खी का असर तुरंत देखने को मिला। स्थलीय निरीक्षण में लापरवाही की पुष्टि होते ही गाजीपुर के बिजली महकमे में खलबली मच गई: जेई (JE) निलंबित: महरौर के अवर अभियंता धर्मेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। SDO और XEN पर शिकंजा: कासिमाबाद के एसडीओ मनोज कुमार वर्मा और जंगीपुर के अधिशासी अभियंता (XEN) प्रवीण कुमार तिवारी के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है। समीक्षा: कागजी विकास और जमीनी 'शॉर्ट सर्किट' यह घटना केवल एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बजट का बंदरबांट: मंत्री का यह कहना कि 'अधिकारी पैसे खा गए', विभाग के भीतर गहरे तक पैठे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। क्या आरडीएसएस जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का ऑडिट सिर्फ फाइलों तक सीमित है? निरीक्षण का ढोंग: अगर मंत्री का काफिला वहां से न गुजरता, तो क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे? स्थानीय अधिकारियों का 'नियमित निरीक्षण' आखिर किस चश्मे से होता है कि उन्हें लटकते तार दिखाई नहीं देते? जवाबदेही का अभाव: निचले स्तर के कर्मचारियों पर गाज गिरना आम है, लेकिन क्या उच्चाधिकारियों की एसी कमरों में बैठने की संस्कृति इस बदहाली के लिए जिम्मेदार नहीं है? निष्कर्ष: सिर्फ 'झटके' से काम नहीं चलेगा मंत्री ए.के. शर्मा का यह कड़ा रुख सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई नजीर बनेगी? उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली के जर्जर तार और 'जुगाड़' पर टिकी व्यवस्था आज भी किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। अगर भ्रष्टाचार की इस 'अर्थिंग' को जड़ से नहीं काटा गया, तो सरकार की 'हर घर बिजली, सुरक्षित बिजली' की योजना केवल कागजों की शोभा बनी रहेगी। साफ संदेश है— सुधारिए, वरना सस्पेंशन के लिए तैयार रहिए!
- मेरे विद्यालय के सामनें एक गरीब🙎♂️बालक जो हमारा प्यारा🤝मित्र है,वह अपने दिल की बात करते हुए होली में अपनें लिए पठानी सूट पहननें की मांग की जिसको मै मना नहीं कर सका और उसकी मांग की पूर्ति की।👍 🛕भगवान भोलेनाथ जी🙏एवं आप लोगों का 🫳आर्शिवाद बालक मित्र पर बना रहे और मै उसके दिल की हर मुराद पूरा करता रहूं।👏2
- बस्ती से माननीय सांसद श्री राम प्रसाद चौधरी जी ने बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर सदन मे अपनी बात को लोकसभा सदन मे रखा ।1
- Pramod Kumar Goswami. .02/04/20261
- थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में अभियुक्तों के कब्जे से कुल 11 अदद चोरी के मोबाइल फोन तथा लगभग 02 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है। इस सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जा रहा है। 🔹 जनपद पुलिस की सतर्कता व सक्रियता से अपराधियों में हड़कंप 🔹 अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी #SantKabirNagarPolice #CrimeControl #MobileTheft #PoliceAction #UPPolice #spsantkabirnagar #UPPolice #liveuponenews1
- हनुमान जयंती के अवसर पर महुली हनुमान मंदिर पर हुआ विशाल भंडारे का आयोजन संत कबीर नगर जनपद के नाथनगर विकासखंड अंतर्गत महुली ग्राम सभा में हनुमान मंदिर पर मद्धेशिया परिवार द्वारा विगत 4 वर्षों से लगातार हनुमान जयंती के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शाम से ही श्रद्धालु भक्तगण श्री हनुमान जी का भजन कीर्तन कर रहे थे और भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर लोग अपने जीवन को सफल बना रहे थे। जिस अवसर पर राजकुमार शिव कुमार अजय कुमार डू राहुल कुमार राजन कुमार आकाश कुमार रवि कुमार रोहित कुमार अंशु कुमार अमरनाथ कुमार चंदन कुमार कुंदन कुमार अनिल कुमार बिजेंद्र कुमार संतोष कुमार दिलीप कुमार हनुमान मद्धेशियाऔर समस्त मद्धेशिया परिवार द्वारा इस आयोजन में बढ़कर हिस्सा लिया गया।2
- अभियुक्तों के कब्जे से कुल 11 अदद चोरी के मोबाइल फोन, लगभग 02 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद होने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गयी बाईट।1
- *क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर ठगी के शिकार पीड़ित के साइबर हेल्प डेस्क थाना बेलहरकला द्वारा 6980 रुपये की धनराशि पीड़ित के खाते में कराई गयी वापस* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर हेल्प डेस्क थाना बेलहरकला द्वारा सतत प्रभावी कार्रवाई कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 6980 रुपये की धनराशि उनके खातों में वापस कराई गयी । घटना का संक्षिप्त विवरण- वादी कन्हैया पुत्र रमेश साहनी निवासी ग्राम बेलहरकला थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर दिनांक 31.03.2026 को वादी के मोबाइल नम्बर(फोन पे) से गलत अकाउंट पर 6980 रुपये ट्रांसफर हो गया था । तत्पश्चात् वादी द्वारा थाना बेलहरकला पर शिकायत दर्ज कराया गया था । जिसके उपरान्त तत्काल कार्यवाही करते हुए साइबर हेल्प डेस्क थाना बेलहरकला द्वारा 6980 रूपये (शत प्रतिशत) वापस करा दिया गया । *बरामदगी टीम-* प्रभारी निरीक्षक थाना बेलहरकला श्री अनिल कुमार, उ0नि0 श्री नन्दा प्रसाद, का0 दीनानाथ, का0 शैलेश यादव, म0का0 वैष्णवी शुक्ला । *जनपदीय पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें, सावधानी ही सुरक्षा है ।*1
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