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पिछले पाँच दिनों से एक 'गाय माता' लगातार चल रही हैं। इस घटना को देखकर लोग श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा कर रहे हैं और टीका भी लगा रहे हैं।
Sachin agrahari
पिछले पाँच दिनों से एक 'गाय माता' लगातार चल रही हैं। इस घटना को देखकर लोग श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा कर रहे हैं और टीका भी लगा रहे हैं।
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- सिद्धार्थनगर जिले की शिवनगर डिड़ई थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 162 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद गांजे की कीमत लगभग 85 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथी फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी अभियान के तहत थानाध्यक्ष बृजेश सिंह अपनी टीम के साथ बेलगड़ी टोल प्लाजा के पास वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित शौचालय के पास पुलिस टीम को पांच प्लास्टिक के बोरे और चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस टीम के पहुंचते ही तीन व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान फर्रुखाबाद निवासी श्याम उर्फ श्यामू दीक्षित के रूप में बताई। तलाशी के दौरान इन पांच बोरों से कुल 162 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ गांजे की इस खेप को बस के जरिए नोएडा ले जाने की तैयारी में था। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन फरार साथियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी और उसके कुछ साथी पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के साथ उपनिरीक्षक राजीव जी भट्ट, हेड कांस्टेबल जितेंद्र गौतम, हेड कांस्टेबल सुशील राय, कांस्टेबल सौरभ सिंह और कांस्टेबल अजय कुमार यादव शामिल रहे।1
- सिद्धार्थनगर के बांसी में राष्ट्रीय बजरंग दल की इकाई ने नायब तहसीलदार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश के 'सिवनी मालवा प्रकरण' में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 14 गौसेवकों की समय पूर्व रिहाई की मांग को लेकर दिया गया है। जिला अध्यक्ष अंगद वर्मा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन को देश के गृह मंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित किया गया है। इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों का उपयोग करने की अपील की गई है, ताकि मानवीय और संवैधानिक आधार पर इन गौसेवकों की सजा कम की जा सके। संगठन का कहना है कि इस सजा के कारण गौसेवकों के परिवारों पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट उत्पन्न हो गया है। इस दौरान जिला महामंत्री गोविंद प्रसाद, गौ रक्षक प्रमुख प्रियांशू गुप्ता, सोशल मीडिया प्रभारी शिवा सिंह, नगर अध्यक्ष शुभम और नगर महामंत्री दिव्यांश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।2
- Post by Pramatma Prasad1
- बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में हुई खूनी वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि स्थानीय पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुई बर्बर मारपीट पर समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो यह दर्दनाक हादसा न होता। मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और कथित निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बुलंद कर दिए थे। एसपी के निर्देश पर खानापूर्ति के लिए एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें खुला छोड़ दिया। पीड़ित बेटी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और लापरवाह एसएचओ व चौकी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं होगा। यह मेहनौना हत्याकांड महज एक हत्या नहीं, बल्कि लालगंज पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सवाल यह है कि एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में किस 'दबाव' या 'संकोच' में थी। दूसरी खूनी वारदात के बाद मेहनौना गांव में आक्रोश का माहौल है और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराने के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के प्रति लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या पुलिस के आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाएगी। परिवार का अडिग रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर विकास खंड के अंतर्गत अगया खुर्द ग्राम पंचायत में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर अक्सर ताला लटका रहता है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यहां तैनात डॉक्टर साहब आए दिन अनुपस्थित रहते हैं, जिसके कारण आरोग्य मंदिर पर ताला लगा रहता है। इस गंभीर समस्या और डॉक्टर की लगातार अनुपस्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।1
- बलरामपुर पुलिस ने थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र में हुई एक युवक की सनसनीखेज हत्या की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया था। उन्होंने युवक को शराब पिलाने के बहाने एक सुनसान बाग में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया रामपुरी चाकू भी बरामद कर लिया गया है।1
- संत कबीर नगर में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने लखनऊ अग्निकांड को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया श्री अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा मुखिया लाशों पर राजनीति करते हैं, जबकि किसी का घर उजड़ जाता है। मंत्री ने अखिलेश यादव पर AC कमरों में बैठकर अग्निकांड पर बयान देने का आरोप लगाया और सवाल किया कि वे कितने बच्चों के घर पहुंचे। अनिल राजभर ने यह भी दावा किया कि जिस बिल्डिंग में निर्दोष बच्चे जलकर मर गए, उस बिल्डिंग का आवंटन सपा के कार्यकाल में ही हुआ था।1
- जनपद सिद्धार्थनगर की शिवनगर डिड़ई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से एक शातिर अभियुक्त श्याम उर्फ श्यामू दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके तीन साथी भागने में सफल रहे। पुलिस द्वारा जब्त किए गए कुल 162 किलोग्राम गांजे की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹85 लाख बताई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश और अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन में थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बेलगड़ी टोल प्लाजा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शौचालय के पास पाँच प्लास्टिक के बोरों के साथ चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को अपनी ओर आता देख, तीन आरोपी तुरंत मौके से भाग निकले, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर श्याम उर्फ श्यामू दीक्षित को दबोच लिया। बोरों की तलाशी लेने पर उनमें कुल 162 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने बताया कि वह अपने फरार साथियों की मदद से इस गांजे को बस के जरिए नोएडा ले जाने की फिराक में था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त श्याम और फरार आरोपी पिंटू चौरसिया का लंबा आपराधिक इतिहास है, जिन पर पहले से ही गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस और लूट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 50/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष बृजेश सिंह, उप निरीक्षक राजीव जी भट्ट, मुख्य आरक्षी जितेंद्र गौतम, मुख्य आरक्षी सुशील राय, आरक्षी सौरभ सिंह और आरक्षी अजय कुमार यादव शामिल थे।2