बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में हुई खूनी वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि स्थानीय पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुई बर्बर मारपीट पर समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो यह दर्दनाक हादसा न होता। मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और कथित निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बुलंद कर दिए थे। एसपी के निर्देश पर खानापूर्ति के लिए एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें खुला छोड़ दिया। पीड़ित बेटी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और लापरवाह एसएचओ व चौकी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं होगा। यह मेहनौना हत्याकांड महज एक हत्या नहीं, बल्कि लालगंज पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सवाल यह है कि एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में किस 'दबाव' या 'संकोच' में थी। दूसरी खूनी वारदात के बाद मेहनौना गांव में आक्रोश का माहौल है और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराने के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के प्रति लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या पुलिस के आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाएगी। परिवार का अडिग रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में हुई खूनी वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि स्थानीय पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुई बर्बर मारपीट पर समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो यह दर्दनाक हादसा न होता। मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और कथित निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बुलंद कर दिए थे। एसपी के निर्देश पर खानापूर्ति के लिए एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें खुला छोड़ दिया। पीड़ित बेटी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और लापरवाह एसएचओ व चौकी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं होगा। यह मेहनौना हत्याकांड महज एक हत्या नहीं, बल्कि लालगंज पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सवाल यह है कि एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में किस 'दबाव' या 'संकोच' में थी। दूसरी खूनी वारदात के बाद मेहनौना गांव में आक्रोश का माहौल है और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराने के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के प्रति लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या पुलिस के आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाएगी। परिवार का अडिग रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
- Post by Pramatma Prasad1
- गोरखपुर जिले से मीडिया प्रभारी विनय कुमार गिरी ने राष्ट्रवादी पार्टी और माननीय अखिलेश सिंह के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने 'राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद' और 'माननीय अखिलेश सिंह जिंदाबाद' के जयघोष के साथ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- अंबेडकर नगर जिला मुख्यालय के कटारिया बाग में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों दलों की जमकर आलोचना करते हुए बहुजन समाज पार्टी के कार्यों का बखान किया। अकबरपुर में दहाड़ते हुए, बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष रूप से सरकार पर निशाना साधा।1
- सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डिडई चौराहे पर ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार के शुभ अवसर पर एक विशाल सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान के साथ सुंदरकांड पाठ से हुआ। सुंदरकांड पाठ के पश्चात् आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया, जिससे उन्होंने पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय माहौल छाया रहा और "जय श्रीराम" तथा "बजरंगबली" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। इस अवसर पर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण मानव समाज के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना करना है। उन्होंने प्रभु श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी से प्रार्थना की कि वे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें और समाज में सुख, शांति तथा समृद्धि बनाए रखें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और एकता भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा युवा नेता दीपेंद्र विक्रम सिंह, दिलीप चतुर्वेदी, विजयकांत चतुर्वेदी, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, चंदू चौधरी, सच्चिदानंद पांडेय, उपेंद्र सिंह, मुलायम यादव, सूरज यादव, विक्कू सिंह, नरेश चौरसिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। इसी क्रम में, अंबेडकर नगर प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और अन्य नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- अयोध्या में विकास प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि जहाँ उनसे 'बात नहीं बनी' वहाँ उनके घरों तक के रास्ते भी खोद दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गरीबों के घर का रास्ता भी नहीं छोड़ा और उसे खोद दिया, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जब प्लाटिंग हो रही थी, तब प्राधिकरण कहाँ था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने अपनी ज़मीन घेर रखी थी, उनके प्लॉट भी प्राधिकरण द्वारा धकेल दिए गए। उन्होंने भरतकुंड के अवैध प्लाटिंग और होटलों पर विकास प्राधिकरण की मेहरबानी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि विकास प्राधिकरण यह सार्वजनिक करे कि किस-किस के नक्शे पास हैं। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के बनवीरपुर में अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी और अरुवावा ग्रामीण क्षेत्र में प्लाटिंग क्यों गिराई गई थी, जहाँ से विकास प्राधिकरण का क्षेत्र कब से लगने लगा है, ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं। कई लोगों के ऐसे प्लॉट भी ध्वस्त हुए, जिन्होंने अपने काम के लिए ज़मीन घेरवाई थी। इस संदर्भ में, विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया कि उनके पास समय नहीं था और एक ही दिन में ध्वस्तीकरण कैसे हो सकता है। इस पर ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि समय नहीं था तो उनकी जेसीबी जाकर वापस क्यों आई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरतकुंड में कितने अवैध होटलों पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है।1
- संतकबीरनगर जिले के थाना धनघटा अंतर्गत बैजूनाथ में माननीय मुख्यमंत्री जी का एक प्रस्तावित कार्यक्रम होना है। इस कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संतकबीरनगर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इन सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में एक बाइट जारी की है।2
- अखिलेश सिंह और राष्ट्रवादी पार्टी के प्रति लोगों ने अपना समर्थन और उत्साह व्यक्त किया। इस दौरान 'अखिलेश सिंह जिंदाबाद' और 'राष्ट्रवादी पार्टी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए, जो इन दोनों के प्रति प्रबल एकजुटता और निष्ठा को दर्शाते हैं।1
- अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर अयोध्या नगर के रिकाबगंज जिला चिकित्सालय गेट के पास पत्रकारों द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में दोपहर 3:00 बजे से तहरी का वितरण शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। आयोजन के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस विशाल भंडारे को सफल बनाने में रविकांत आर्य, राकेश तिवारी, अरविंद यादव, अनूप कुमार श्रीवास्तव रिंकू, वरुण चौधरी, रवि मौर्य, रिशु निषाद और अशोक कुमार गौड़ सहित कई अन्य लोगों ने अपना सहयोग दिया।1