अयोध्या में विकास प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि जहाँ उनसे 'बात नहीं बनी' वहाँ उनके घरों तक के रास्ते भी खोद दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गरीबों के घर का रास्ता भी नहीं छोड़ा और उसे खोद दिया, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जब प्लाटिंग हो रही थी, तब प्राधिकरण कहाँ था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने अपनी ज़मीन घेर रखी थी, उनके प्लॉट भी प्राधिकरण द्वारा धकेल दिए गए। उन्होंने भरतकुंड के अवैध प्लाटिंग और होटलों पर विकास प्राधिकरण की मेहरबानी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि विकास प्राधिकरण यह सार्वजनिक करे कि किस-किस के नक्शे पास हैं। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के बनवीरपुर में अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी और अरुवावा ग्रामीण क्षेत्र में प्लाटिंग क्यों गिराई गई थी, जहाँ से विकास प्राधिकरण का क्षेत्र कब से लगने लगा है, ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं। कई लोगों के ऐसे प्लॉट भी ध्वस्त हुए, जिन्होंने अपने काम के लिए ज़मीन घेरवाई थी। इस संदर्भ में, विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया कि उनके पास समय नहीं था और एक ही दिन में ध्वस्तीकरण कैसे हो सकता है। इस पर ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि समय नहीं था तो उनकी जेसीबी जाकर वापस क्यों आई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरतकुंड में कितने अवैध होटलों पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है।
अयोध्या में विकास प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि जहाँ उनसे 'बात नहीं बनी' वहाँ उनके घरों तक के रास्ते भी खोद दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गरीबों के घर का रास्ता भी नहीं छोड़ा और उसे खोद दिया, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जब प्लाटिंग हो रही थी, तब प्राधिकरण कहाँ था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने अपनी ज़मीन घेर रखी थी, उनके प्लॉट भी प्राधिकरण द्वारा धकेल दिए गए। उन्होंने भरतकुंड के अवैध प्लाटिंग और होटलों पर विकास प्राधिकरण की मेहरबानी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि विकास प्राधिकरण यह सार्वजनिक करे कि किस-किस के नक्शे पास हैं। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के बनवीरपुर में अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी और अरुवावा ग्रामीण क्षेत्र में प्लाटिंग क्यों गिराई गई थी, जहाँ से विकास प्राधिकरण का क्षेत्र कब से लगने लगा है, ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं। कई लोगों के ऐसे प्लॉट भी ध्वस्त हुए, जिन्होंने अपने काम के लिए ज़मीन घेरवाई थी। इस संदर्भ में, विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया कि उनके पास समय नहीं था और एक ही दिन में ध्वस्तीकरण कैसे हो सकता है। इस पर ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि समय नहीं था तो उनकी जेसीबी जाकर वापस क्यों आई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरतकुंड में कितने अवैध होटलों पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है।
- राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए चंदे में कथित चोरी के आरोपों के संदर्भ में, आचार्य प्रमोद कृष्णम की प्रतिक्रिया जानने का विषय बनी हुई है।1
- अयोध्या में ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर, मंगलवार को पत्रकारों द्वारा रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप एक विशाल तहरी भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से प्रारंभ हुआ यह सेवा कार्य देर शाम तक निरंतर जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस आयोजन को विशेष रूप से जिला अस्पताल के मरीजों के लिए एक सहारे के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस भव्य भंडारे के दौरान भगवान श्री हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर दिनभर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार रिंकू, रवि मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, धर्मेंद्र चौरसिया और कृष्ण कुमार गौड़ का विशेष योगदान रहा। इनके अतिरिक्त, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, फार्मासिस्ट हनुमत दुबे, एनआरएचएम से सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ और अर्जुन प्रजापति ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक पाण्डेय शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, व्यवस्था संचालन और श्रद्धालुओं की सेवा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि बड़े मंगल का पर्व सेवा, समर्पण एवं लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और आमजन को प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके। श्रद्धालुओं ने इस पूरे आयोजन की प्रशंसा करते हुए पत्रकार साथियों के इस सेवा कार्य को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायी बताया।4
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लाल चंद सोनी ने भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने लोगों से अधिक मात्रा में ORS का घोल पीने का आग्रह किया है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोपहर के समय तभी बाहर निकलें जब बहुत आवश्यक काम हो, अन्यथा अधिक समय घर पर ही बिताएं। भीषण गर्मी के इस दौर में घर से बाहर निकलना तभी उचित है जब अत्यधिक जरूरी हो। इसके साथ ही, रिपोर्ट में देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का आह्वान किया गया है। लोगों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने, जीवन के महत्व को समझने, सभी का ख्याल रखने और शुद्ध हवाओं के साथ योग करने का आग्रह किया गया है ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। लाल चंद सोनी की इस रिपोर्ट में भारत सरकार और राज्य सरकारों से भी कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आने का आग्रह किया गया है, जिसमें सभी नागरिकों की सहभागिता पर जोर दिया गया है।1
- अयोध्या में ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के अवसर पर सेवा, समर्पण और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप वरिष्ठ पत्रकार रविकांत आर्य, राकेश तिवारी, रवि मौर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद और अनुप श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य भंडारे में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रेम, सम्मान और आत्मीयता के साथ प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।1
- अयोध्या में विकास प्राधिकरण पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि जहाँ उनसे 'बात नहीं बनी' वहाँ उनके घरों तक के रास्ते भी खोद दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गरीबों के घर का रास्ता भी नहीं छोड़ा और उसे खोद दिया, साथ ही यह भी सवाल उठाया कि जब प्लाटिंग हो रही थी, तब प्राधिकरण कहाँ था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने अपनी ज़मीन घेर रखी थी, उनके प्लॉट भी प्राधिकरण द्वारा धकेल दिए गए। उन्होंने भरतकुंड के अवैध प्लाटिंग और होटलों पर विकास प्राधिकरण की मेहरबानी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि विकास प्राधिकरण यह सार्वजनिक करे कि किस-किस के नक्शे पास हैं। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के बनवीरपुर में अवैध प्लाटिंग पर कब कार्रवाई होगी और अरुवावा ग्रामीण क्षेत्र में प्लाटिंग क्यों गिराई गई थी, जहाँ से विकास प्राधिकरण का क्षेत्र कब से लगने लगा है, ऐसे सवाल भी उठाए गए हैं। कई लोगों के ऐसे प्लॉट भी ध्वस्त हुए, जिन्होंने अपने काम के लिए ज़मीन घेरवाई थी। इस संदर्भ में, विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया कि उनके पास समय नहीं था और एक ही दिन में ध्वस्तीकरण कैसे हो सकता है। इस पर ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि समय नहीं था तो उनकी जेसीबी जाकर वापस क्यों आई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरतकुंड में कितने अवैध होटलों पर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की है।1
- अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर अयोध्या नगर के रिकाबगंज जिला चिकित्सालय गेट के पास पत्रकारों द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में दोपहर 3:00 बजे से तहरी का वितरण शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। आयोजन के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस विशाल भंडारे को सफल बनाने में रविकांत आर्य, राकेश तिवारी, अरविंद यादव, अनूप कुमार श्रीवास्तव रिंकू, वरुण चौधरी, रवि मौर्य, रिशु निषाद और अशोक कुमार गौड़ सहित कई अन्य लोगों ने अपना सहयोग दिया।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच को आवश्यक बताया और मांग की कि जांच एजेंसी को हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल करनी चाहिए। संजय सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र और ईमेल भेजा है। इस माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। इसी क्रम में, उन्होंने एसआईटी जांच की प्रगति को सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है। हालांकि, इस मामले में जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। एसआईटी जांच अभी भी जारी है, और प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- राम मंदिर में दान की गई 200 किलो चांदी की 200 ईंटों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सिंधी समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने यह दावा किया है कि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए ये चांदी की ईंटें दान की थीं, लेकिन उन्हें अभी तक इन ईंटों के उपयोग की स्पष्ट जानकारी या कोई रसीद नहीं मिली है। यह पूरा विवाद, जिसमें दान से लेकर सवाल उठने और फिर जांच की मांग तक की कहानी शामिल है, को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में प्रमुख प्रश्न यह उठाए जा रहे हैं कि आखिर मंदिर से पैसा कैसे निकलता था और दान की गई ये ईंटें कहां गईं। यह पूरी कहानी दान, दावे और जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्रस्तुति सार्वजनिक दावों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित एक सांकेतिक विवरण है। मामले की जांच अभी जारी है, और इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि विवाद से जुड़े तथ्यों और विभिन्न दावों को स्पष्ट रूप से सामने रखना है।1