अयोध्या में ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर, मंगलवार को पत्रकारों द्वारा रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप एक विशाल तहरी भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से प्रारंभ हुआ यह सेवा कार्य देर शाम तक निरंतर जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस आयोजन को विशेष रूप से जिला अस्पताल के मरीजों के लिए एक सहारे के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस भव्य भंडारे के दौरान भगवान श्री हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर दिनभर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार रिंकू, रवि मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, धर्मेंद्र चौरसिया और कृष्ण कुमार गौड़ का विशेष योगदान रहा। इनके अतिरिक्त, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, फार्मासिस्ट हनुमत दुबे, एनआरएचएम से सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ और अर्जुन प्रजापति ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक पाण्डेय शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, व्यवस्था संचालन और श्रद्धालुओं की सेवा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि बड़े मंगल का पर्व सेवा, समर्पण एवं लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और आमजन को प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके। श्रद्धालुओं ने इस पूरे आयोजन की प्रशंसा करते हुए पत्रकार साथियों के इस सेवा कार्य को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायी बताया।
अयोध्या में ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर, मंगलवार को पत्रकारों द्वारा रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप एक विशाल तहरी भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से प्रारंभ हुआ यह सेवा कार्य देर शाम तक निरंतर जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस आयोजन को विशेष रूप से जिला अस्पताल के मरीजों के लिए एक सहारे के रूप
में प्रस्तुत किया गया। इस भव्य भंडारे के दौरान भगवान श्री हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर दिनभर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार रिंकू, रवि
मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, धर्मेंद्र चौरसिया और कृष्ण कुमार गौड़ का विशेष योगदान रहा। इनके अतिरिक्त, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, फार्मासिस्ट हनुमत दुबे, एनआरएचएम से सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ और अर्जुन प्रजापति ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक पाण्डेय शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण,
व्यवस्था संचालन और श्रद्धालुओं की सेवा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि बड़े मंगल का पर्व सेवा, समर्पण एवं लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और आमजन को प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके। श्रद्धालुओं ने इस पूरे आयोजन की प्रशंसा करते हुए पत्रकार साथियों के इस सेवा कार्य को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायी बताया।
- अयोध्या जिले में एक मकान निर्माण के चलते रास्ते पर दीवार बना दी गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस निर्माण कार्य की वजह से नाली का रास्ता भी बंद हो गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोग काफी आहत महसूस कर रहे हैं।1
- ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर अयोध्या में पत्रकार साथियों ने मानव सेवा और लोककल्याण की एक उल्लेखनीय मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे दिन शहर में रही। रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप आयोजित विशाल तहरी भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के तीमारदारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ यह विशाल सेवा यज्ञ देर शाम तक निरंतर चलता रहा, जहाँ भगवान श्री हनुमान जी के जयघोष, भक्ति गीतों और श्रद्धा के वातावरण के बीच श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि सेवा का यह संकल्प लोगों के दिलों को गहराई से छू गया। विशेष बात यह रही कि जहाँ एक ओर लोग बड़े मंगल पर पूजा-अर्चना में जुटे थे, वहीं पत्रकार साथियों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और राहगीरों तक प्रसाद पहुँचाने का कार्य किया। जिला चिकित्सालय के बाहर आयोजित इस भंडारे से उन लोगों को भी बड़ी राहत मिली, जो अपने परिजनों के उपचार में व्यस्त होने के कारण भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। इस भंडारे को सफल बनाने में राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार ‘रिंकू’, रवि मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, हनुमत दुबे, सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ एवं अर्जुन प्रजापति का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसके अतिरिक्त, सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक, शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी संभाली। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि बड़े मंगल केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और समाज के प्रति दायित्व निभाने का अवसर भी है, और इसी भावना को आत्मसात करते हुए हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दिनभर चले इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने पत्रकारों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि कलम के माध्यम से समाज की आवाज उठाने वाले पत्रकार जब सेवा के मैदान में उतरते हैं, तो उनका यह प्रयास समाज को एक नई प्रेरणा देता है। भक्ति, सेवा और समर्पण के संगम बने इस भंडारे ने बड़े मंगल के पावन पर्व को और भी यादगार बना दिया।4
- आज पूरा विकास प्राधिकरण भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। इस अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ 'जय श्री राम' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।1
- ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार को बाराबंकी में एक भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत वर्ष में किया गया, जिसकी रिपोर्टिंग आज सुबह टाइम्स के लिए लाल चंद सोनी ने की।1
- अयोध्या में डॉ. दिनेश तिवारी और अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के सदस्यों ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन बिहार के आरा जिले के भरत भूषण तिवारी की हत्या के मामले में न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग से संबंधित है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि हत्या में संलिप्त “पुलिस अपराधियों” के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को तत्काल फांसी की सजा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार के लिए एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये का मुआवजा और मृतक को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की गई है। इस ज्ञापन में शामिल होने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय अयोध्या में पं. कृपा निधान तिवारी (राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय चाणक्य परिषद, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री परशुराम सेवा ट्रस्ट, राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति), देवी प्रसाद दुबे (जिला महामंत्री), विनोद तिवारी (जिला उपाध्यक्ष), विक्रमादित्य तिवारी (जिला संगठन मंत्री), डॉ. राम तेज पांडे (संपादक चाणक्य धारा), पंडित राज किशोर शर्मा (जिला अध्यक्ष भट्ट ब्राह्मण महासभा), पंडित राजदेव पांडे एडवोकेट, ओमप्रकाश तिवारी, प्रदीप पाठक, भूपेंद्र सिंह गांधी एडवोकेट, पंकज दुबे, जयप्रकाश तिवारी सहित भारी संख्या में परिषद के लोग उपस्थित रहे। चाणक्य परिषद परिवार ने बिहार के इस युवक की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का संकल्प लिया है।1
- सपा नेता डॉ. आशीष पांडे दीपू ने कहा है कि स्वर्गीय परशुराम यादव और स्वर्गीय बाबू मित्रसेन यादव जिले की राजनीति के धरोहर रहे हैं।1
- राम मंदिर में दान की गई 200 किलो चांदी की 200 ईंटों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सिंधी समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने यह दावा किया है कि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए ये चांदी की ईंटें दान की थीं, लेकिन उन्हें अभी तक इन ईंटों के उपयोग की स्पष्ट जानकारी या कोई रसीद नहीं मिली है। यह पूरा विवाद, जिसमें दान से लेकर सवाल उठने और फिर जांच की मांग तक की कहानी शामिल है, को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में प्रमुख प्रश्न यह उठाए जा रहे हैं कि आखिर मंदिर से पैसा कैसे निकलता था और दान की गई ये ईंटें कहां गईं। यह पूरी कहानी दान, दावे और जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्रस्तुति सार्वजनिक दावों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित एक सांकेतिक विवरण है। मामले की जांच अभी जारी है, और इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि विवाद से जुड़े तथ्यों और विभिन्न दावों को स्पष्ट रूप से सामने रखना है।1
- अयोध्या नगर निगम के पूर्व प्रत्याशी डॉ. आशीष पांडे दीपू ने समाजवादी पार्टी से निष्कासित एक युवा नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. दीपू का कहना है कि वह युवा नेता उनके पिताजी के साथ फोटो खिंचवाकर उन्हें और पवन को आपस में लड़वाने की कोशिश कर रहा था।1
- अयोध्या के बीकापुर इलाके में मंगलवार सुबह एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें जाना बाजार खजूरीपुर निवासी स्वयं रिपोर्टर दुर्गा सिंह के भतीजे अर्पित सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्टर दुर्गा सिंह के पुत्र स्वराज सिंह और उनके भतीजे अर्पित सिंह अपनी दैनिक ड्यूटी के लिए बाइक से अयोध्या जा रहे थे। जाना-बीकापुर मार्ग पर बीकापुर से महज 4 किलोमीटर पहले बाइक चला रहे स्वराज सिंह को अचानक झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे किलोमीटर पत्थर से टकरा गई। हेलमेट पहने होने के कारण स्वराज सिंह तो बाल-बाल बच गए, लेकिन पीछे बैठे अर्पित सिंह का पैर बुरी तरह चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत चार पहिया वाहन से मौके पर पहुंचे और घायल अर्पित को तत्काल बीकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल परिसर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। एक तरफ जहां घायल अर्पित आपातकालीन वार्ड के बाहर दर्द से तड़प रहे थे, वहीं अस्पताल के सुरक्षाकर्मी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय गाड़ी खड़ी करने को लेकर परिजनों से विवाद शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मी ने परिजनों को धमकाते हुए उनकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटो भी खींच ली, जिससे गंभीर स्थिति में मदद की आस लगाए बैठे परिजनों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बीकापुर CHC के डॉक्टरों ने घायल अर्पित सिंह को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल अयोध्या के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने अर्पित के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है और उनका इलाज जारी है।1