अयोध्या में डॉ. दिनेश तिवारी और अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के सदस्यों ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन बिहार के आरा जिले के भरत भूषण तिवारी की हत्या के मामले में न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग से संबंधित है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि हत्या में संलिप्त “पुलिस अपराधियों” के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को तत्काल फांसी की सजा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार के लिए एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये का मुआवजा और मृतक को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की गई है। इस ज्ञापन में शामिल होने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय अयोध्या में पं. कृपा निधान तिवारी (राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय चाणक्य परिषद, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री परशुराम सेवा ट्रस्ट, राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति), देवी प्रसाद दुबे (जिला महामंत्री), विनोद तिवारी (जिला उपाध्यक्ष), विक्रमादित्य तिवारी (जिला संगठन मंत्री), डॉ. राम तेज पांडे (संपादक चाणक्य धारा), पंडित राज किशोर शर्मा (जिला अध्यक्ष भट्ट ब्राह्मण महासभा), पंडित राजदेव पांडे एडवोकेट, ओमप्रकाश तिवारी, प्रदीप पाठक, भूपेंद्र सिंह गांधी एडवोकेट, पंकज दुबे, जयप्रकाश तिवारी सहित भारी संख्या में परिषद के लोग उपस्थित रहे। चाणक्य परिषद परिवार ने बिहार के इस युवक की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का संकल्प लिया है।
अयोध्या में डॉ. दिनेश तिवारी और अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के सदस्यों ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन बिहार के आरा जिले के भरत भूषण तिवारी की हत्या के मामले में न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग से संबंधित है। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि हत्या में संलिप्त “पुलिस अपराधियों” के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को तत्काल फांसी की सजा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार के लिए एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, एक करोड़ रुपये का मुआवजा और मृतक को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की गई है। इस ज्ञापन में शामिल होने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय अयोध्या में पं. कृपा निधान तिवारी (राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय चाणक्य परिषद, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री परशुराम सेवा ट्रस्ट, राष्ट्रीय संरक्षक अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण संघर्ष समिति), देवी प्रसाद दुबे (जिला महामंत्री), विनोद तिवारी (जिला उपाध्यक्ष), विक्रमादित्य तिवारी (जिला संगठन मंत्री), डॉ. राम तेज पांडे (संपादक चाणक्य धारा), पंडित राज किशोर शर्मा (जिला अध्यक्ष भट्ट ब्राह्मण महासभा), पंडित राजदेव पांडे एडवोकेट, ओमप्रकाश तिवारी, प्रदीप पाठक, भूपेंद्र सिंह गांधी एडवोकेट, पंकज दुबे, जयप्रकाश तिवारी सहित भारी संख्या में परिषद के लोग उपस्थित रहे। चाणक्य परिषद परिवार ने बिहार के इस युवक की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को एक सरकारी नौकरी तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने का संकल्प लिया है।
- अयोध्या के बीकापुर में आयोजित एक बड़े सम्मेलन के दौरान, बीएसपी नेता जितेंद्र सिंह बबलू ने मंच से राजकुमार भाटी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खुला चैलेंज दिया। अपने संबोधन में बबलू ने ब्राह्मण समाज के सम्मान और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात की, स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र में सियासी गर्माहट बढ़ गई है।1
- अयोध्या जनपद के विकास खंड हैरिग्टनगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत जोहन स्थित मां काली माता मंदिर में आज एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। देवी मंत्रोच्चारण और हवन पूजन के बाद शुरू हुए इस भंडारे में दोपहर से देर रात तक श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा रहा, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के पुजारी पंचराम मौर्या ने जानकारी दी कि यह भंडारा हर वर्ष की भांति इस साल भी ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाया। क्षेत्रवासियों के अनुसार, मां काली माता मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है, और यह भंडारा कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस विशाल भंडारे में मुख्य रूप से ओम प्रकाश मौर्या, अजय कुमार शर्मा, मनोरम मौर्या, दिनेश मौर्या, अजीत मोर्या, राणा सिंह जोहन के अनोखे संगीतकार, अमरनाथ मौर्या, अमित मौर्या, सतीश कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, हनुमान मौर्या, अमित मौर्या, कुंदन कनौजिया, गुल्लू कनौजिया, पप्पू लाल जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, बृजेश गुप्ता, सज्जन मौर्य, अजीत मौर्या, अमित मौर्या, दुर्गेश गुप्ता, राजेश गुप्ता और शिवपूजन मौर्या सहित समस्त ग्राम व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।4
- भरत तिवारी से जुड़े मामले को लेकर ADG सुधांशु कुमार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।1
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- गोंडा जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत सालपुर बाजार में मंगलवार तड़के लगभग 3 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में एक मकान और एक मोबाइल की दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे गृहस्थी का सामान, जेवर, नकदी, नए मोबाइल फोन और एसेसरीज नष्ट हो गए। घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। बिशनपुर बैरिया निवासी सुनील, जो पिछले करीब दस वर्षों से सालपुर बाजार में मकान बनाकर रह रहे थे, उनका घर और उनके किरायेदार इंद्राज वर्मा द्वारा संचालित मोबाइल की दुकान आग की चपेट में आ गए। सुनील छत पर सो रहे थे जब पड़ोस की एक लड़की ने उन्हें आग लगने की सूचना दी। उन्होंने देखा कि मकान और दुकान धू-धू कर जल रहे थे। शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद सालपुर चौकी पुलिस और बाद में फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर में रखा अनाज, कपड़े, नकदी और सुनील की पत्नी के जेवर सहित लगभग पूरा घरेलू सामान जल चुका था। सुनील ने बताया कि उनके परिवार के पास पहनने तक के कपड़े नहीं बचे हैं और उन्हें करीब पाँच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, मोबाइल दुकान संचालक इंद्राज वर्मा ने बताया कि उनकी दुकान में रखे नए मोबाइल फोन, एसेसरीज और करीब एक लाख रुपये नकद समेत अन्य सभी सामान जलकर नष्ट हो गए। उनके अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें लगभग दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस घटना की सूचना मिलते ही सालपुर चौकी प्रभारी सावन कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विनोद सिंह और हेड कांस्टेबल सोहनलाल सहित पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने में सहयोग किया। मुख्यालय से पहुँची फायर ब्रिगेड की टीम ने बाद में आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है। इस घटना से पीड़ित परिवार गहरे संकट में है, और सुनील तथा इंद्राज वर्मा ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे अपने जीवन और रोजगार को पुनः पटरी पर ला सकें।1
- गोंडा के इटियाथोक में बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) अंजना झा पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अवैध धन वसूली के गंभीर आरोपों की जांच की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जिनमें नीलम पांडेय, फूल जहां, गीता पांडेय, नीलम वर्मा, मंजू उपाध्याय, फूलमती, शिवा, दुर्गा, रानी, साधना मिश्रा, सुशीला और वंदना श्रीवास्तव शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि CDPO उन्हें केंद्र पर उपस्थित रहने के बावजूद जानबूझकर अनुपस्थित दिखा देती हैं। उनका यह भी कहना है कि पैसे की मांग करते हुए उनसे कहा जाता है कि बिना पैसे दिए वे नौकरी में नहीं रह पाएंगी, जिससे उनका परिवार और वे स्वयं भारी असमंजस में हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जांच अधिकारियों को लिखित पत्र सौंपकर यह भी अवगत कराया है कि CDPO की मनमानी से विकासखंड की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां त्रस्त हैं। इन शिकायतों की जांच के लिए CDPO रूपईडीह दुर्गेश कुमार गुप्ता और CDPO झंझरी राम प्रकाश मौर्य की एक टीम पहुंची, जिसने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के एक-एक कर बयान दर्ज किए। वहीं, CDPO अंजना झा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए कहा कि ये शिकायतें उन पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए की गई हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे, जबकि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।4
- गोंडा में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तरबगंज वन क्षेत्र में तैनात वन दरोगा बालकराम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बालकराम पर एक फर्नीचर व्यवसायी से उसकी दुकान के निर्बाध संचालन के बदले धनराशि मांगने का आरोप था। यह कार्रवाई परसदा स्थित वन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य द्वार पर की गई। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गोपसराय गांव निवासी राधेश्याम ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन, गोंडा से शिकायत की थी कि वन दरोगा बालकराम उनकी फर्नीचर की दुकान के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने के एवज में ₹10,000 की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की योजना बनाई गई। मंगलवार को जाल बिछाया गया, और तय योजना के तहत शिकायतकर्ता द्वारा केमिकल लगे ₹6,000 दिए जाने पर, जैसे ही वन दरोगा ने रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी बालकराम मनकापुर थाना क्षेत्र के बंदरहा चिरैया का निवासी है और वह बेलसर तथा तरबगंज वन क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार ने पुष्टि की कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते समय गिरफ्तार किया गया है। वहीं, तरबगंज कोतवाल श्रीधर पाठक ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित कूड़ा सादात के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राहक अनूप यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे तो उन्हें पेट्रोल नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान पंप के पीछे डिब्बों में पेट्रोल भरकर ₹150 प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा था। ग्राहक का कहना है कि पंप आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल उपलब्ध कराने के बजाय चुनिंदा लोगों को अधिक कीमत पर इसे बेच रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब रुदौली के एसडीएम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जांच में अनियमितता सिद्ध होने पर पेट्रोल पंप को सीज करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। वहीं, क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि यदि कालाबाजारी हो रही है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच के परिणामों पर टिकी हैं कि आखिर कूड़ा सादात इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित ब्लैक मार्केटिंग के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।1
- गोंडा जिले के सालपुरबाजार में एक मोबाइल की दुकान पर भीषण आग लग गई। जानकारी के अनुसार, इस घटना स्थल पर 112 आपातकालीन सेवा और दमकल की गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकीं। इसके बावजूद, आग को बुझाकर उस पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया।1