अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।
अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्टिंग के अनुसार, लाल चंद सोनी ने प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए लोगों से जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया है। इस समय पड़ रही तेज गर्मी और धूप को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि घर से बाहर केवल तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। रिपोर्ट में सभी से मिलकर देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और जीवन को अनमोल समझते हुए सभी का ख्याल रखने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने पर भी बल दिया गया है। अंत में, यह भी कहा गया है कि भारत सरकार को राज्यों की सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।1
- अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और भूमि से जुड़े कथित घोटाले को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चढ़ावे के साथ-साथ भूमि संबंधी मामलों में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने नजूल भूमि के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी जमीनों का बैनामा नहीं हो सकता, फिर भी कथित षड्यंत्रकारियों और कुछ लोगों की मिलीभगत से नजूल की जमीनों का भी बैनामा कर दिया गया। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब लूट के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इन अनियमितताओं के लिए मंदिर ट्रस्ट को जिम्मेदार ठहराया और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार बताया। एसआईटी जांच के मुद्दे पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'अनैतिक एवं अवैधानिक' तरीके से एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने नियमानुसार तर्क दिया कि जब तक किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज न हो, तब तक एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता। साथ ही, उन्होंने अयोध्या के महंतों द्वारा अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए जा रहे षड्यंत्र के आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया। डॉ. गंगाराम तिवारी ने और भी कई अहम बातें कहने का उल्लेख किया, जिन्हें वीडियो विजुअल के माध्यम से विस्तार से दिखाया जाएगा।4
- अयोध्या जनपद के विकास खंड हैरिग्टनगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत जोहन स्थित मां काली माता मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम देवी मंत्रोच्चारण और हवन के तत्पश्चात शुरू कराया गया। भंडारे में दोपहर से लेकर देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, और बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के पुजारी पंचराम मौर्या ने जानकारी दी कि यह भंडारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया था। क्षेत्रवासियों के अनुसार, मां काली माता मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है, और यही वजह है कि यह भंडारा कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस धार्मिक आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाया। इस विशाल भंडारे में ओम प्रकाश मौर्या, अजय कुमार शर्मा, मनोरम मौर्या, दिनेश मौर्या, अजीत मोर्या, राणा सिंह जोहन के अनोखे संगीतकार, अमरनाथ मौर्या, अमित मौर्या, सतीश कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, हनुमान मौर्या, अमित मौर्या, कुंदन कनौजिया, गुल्लू कनौजिया, पप्पू लाल जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, बृजेश गुप्ता, सज्जन मौर्य, अजीत मौर्या, अमित मौर्या, दुर्गेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, शिवपूजन मौर्या सहित समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।3
- अयोध्या के बीकापुर में आयोजित एक बड़े सम्मेलन के दौरान, बीएसपी नेता जितेंद्र सिंह बबलू ने मंच से राजकुमार भाटी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खुला चैलेंज दिया। अपने संबोधन में बबलू ने ब्राह्मण समाज के सम्मान और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात की, स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र में सियासी गर्माहट बढ़ गई है।1
- अयोध्या के मिल्कीपुर थाना क्षेत्र के इनायतनगर स्थित परसपुर सथरा गांव में एक पुरानी रंजिश के चलते एक युवक के साथ मारपीट करने और उसे जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम परसपुर सतहरा निवासी अंकुर पाण्डेय पुत्र जगदीश नारायण पाण्डेय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही आलोक कुमार शर्मा और अंकित शर्मा पुत्रगण सूर्यपाल शर्मा वहां पहुंच गए। पीड़ित के आरोपानुसार, दोनों भाइयों ने पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के दौरान अंकुर पाण्डेय को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं और आरोपितों द्वारा उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। शोर सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना इनायतनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक बीरेंद्र सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- भरत तिवारी से जुड़े मामले को लेकर ADG सुधांशु कुमार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।1
- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पवन पांडे ने एक नया खुलासा किया है।1