गोंडा में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तरबगंज वन क्षेत्र में तैनात वन दरोगा बालकराम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बालकराम पर एक फर्नीचर व्यवसायी से उसकी दुकान के निर्बाध संचालन के बदले धनराशि मांगने का आरोप था। यह कार्रवाई परसदा स्थित वन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य द्वार पर की गई। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गोपसराय गांव निवासी राधेश्याम ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन, गोंडा से शिकायत की थी कि वन दरोगा बालकराम उनकी फर्नीचर की दुकान के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने के एवज में ₹10,000 की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की योजना बनाई गई। मंगलवार को जाल बिछाया गया, और तय योजना के तहत शिकायतकर्ता द्वारा केमिकल लगे ₹6,000 दिए जाने पर, जैसे ही वन दरोगा ने रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी बालकराम मनकापुर थाना क्षेत्र के बंदरहा चिरैया का निवासी है और वह बेलसर तथा तरबगंज वन क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार ने पुष्टि की कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते समय गिरफ्तार किया गया है। वहीं, तरबगंज कोतवाल श्रीधर पाठक ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गोंडा में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तरबगंज वन क्षेत्र में तैनात वन दरोगा बालकराम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बालकराम पर एक फर्नीचर व्यवसायी से उसकी दुकान के निर्बाध संचालन के बदले धनराशि मांगने का आरोप था। यह कार्रवाई परसदा स्थित वन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य द्वार पर की गई। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गोपसराय गांव निवासी राधेश्याम ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन, गोंडा से शिकायत की थी कि वन दरोगा बालकराम उनकी फर्नीचर की दुकान के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने के एवज में ₹10,000 की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की योजना बनाई गई। मंगलवार को जाल
बिछाया गया, और तय योजना के तहत शिकायतकर्ता द्वारा केमिकल लगे ₹6,000 दिए जाने पर, जैसे ही वन दरोगा ने रकम अपने हाथ में ली, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी बालकराम मनकापुर थाना क्षेत्र के बंदरहा चिरैया का निवासी है और वह बेलसर तथा तरबगंज वन क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैप टीम प्रभारी धनंजय कुमार ने पुष्टि की कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते समय गिरफ्तार किया गया है। वहीं, तरबगंज कोतवाल श्रीधर पाठक ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- विपक्षी नेताओं और ब्राह्मण समाज ने एकजुट होकर "भरत एनकाउंटर" के विरोध में सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध जताया। इस प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस के खिलाफ "मुर्दाबाद" के नारे लगाए और साथ ही सम्राट चौधरी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।4
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित कूड़ा सादात के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राहक अनूप यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे तो उन्हें पेट्रोल नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान पंप के पीछे डिब्बों में पेट्रोल भरकर ₹150 प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा था। ग्राहक का कहना है कि पंप आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल उपलब्ध कराने के बजाय चुनिंदा लोगों को अधिक कीमत पर इसे बेच रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब रुदौली के एसडीएम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जांच में अनियमितता सिद्ध होने पर पेट्रोल पंप को सीज करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। वहीं, क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि यदि कालाबाजारी हो रही है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच के परिणामों पर टिकी हैं कि आखिर कूड़ा सादात इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित ब्लैक मार्केटिंग के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।1
- राम मंदिर में स्थापित की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों को लेकर सिंधी समाज ने एक नया और बड़ा दावा किया है। समाज ने कहा है कि इन चांदी की ईंटों के संबंध में न तो कोई रसीद मिली है और न ही उनका कोई अता-पता चल पाया है।1
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्टिंग के अनुसार, लाल चंद सोनी ने प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए लोगों से जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया है। इस समय पड़ रही तेज गर्मी और धूप को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि घर से बाहर केवल तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। रिपोर्ट में सभी से मिलकर देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और जीवन को अनमोल समझते हुए सभी का ख्याल रखने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने पर भी बल दिया गया है। अंत में, यह भी कहा गया है कि भारत सरकार को राज्यों की सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।1
- अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और भूमि से जुड़े कथित घोटाले को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चढ़ावे के साथ-साथ भूमि संबंधी मामलों में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने नजूल भूमि के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी जमीनों का बैनामा नहीं हो सकता, फिर भी कथित षड्यंत्रकारियों और कुछ लोगों की मिलीभगत से नजूल की जमीनों का भी बैनामा कर दिया गया। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब लूट के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इन अनियमितताओं के लिए मंदिर ट्रस्ट को जिम्मेदार ठहराया और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार बताया। एसआईटी जांच के मुद्दे पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'अनैतिक एवं अवैधानिक' तरीके से एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने नियमानुसार तर्क दिया कि जब तक किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज न हो, तब तक एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता। साथ ही, उन्होंने अयोध्या के महंतों द्वारा अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए जा रहे षड्यंत्र के आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया। डॉ. गंगाराम तिवारी ने और भी कई अहम बातें कहने का उल्लेख किया, जिन्हें वीडियो विजुअल के माध्यम से विस्तार से दिखाया जाएगा।4
- कांशीराम कॉलोनी के परिवारों ने बिजली कटौती से हो रही परेशानी के चलते कमिश्नर बंगले का घेराव किया। इन परिवारों ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है।1
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- अयोध्या जनपद के विकास खंड हैरिग्टनगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत जोहन स्थित मां काली माता मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम देवी मंत्रोच्चारण और हवन के तत्पश्चात शुरू कराया गया। भंडारे में दोपहर से लेकर देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, और बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के पुजारी पंचराम मौर्या ने जानकारी दी कि यह भंडारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया था। क्षेत्रवासियों के अनुसार, मां काली माता मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है, और यही वजह है कि यह भंडारा कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस धार्मिक आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाया। इस विशाल भंडारे में ओम प्रकाश मौर्या, अजय कुमार शर्मा, मनोरम मौर्या, दिनेश मौर्या, अजीत मोर्या, राणा सिंह जोहन के अनोखे संगीतकार, अमरनाथ मौर्या, अमित मौर्या, सतीश कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, हनुमान मौर्या, अमित मौर्या, कुंदन कनौजिया, गुल्लू कनौजिया, पप्पू लाल जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, बृजेश गुप्ता, सज्जन मौर्य, अजीत मौर्या, अमित मौर्या, दुर्गेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, शिवपूजन मौर्या सहित समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।3
- गोंडा जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत सालपुर बाजार में मंगलवार सुबह लगभग 3:00 बजे शॉर्ट सर्किट से एक मोबाइल की दुकान में भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखे मोबाइल एक्सेसरीज का सामान और दर्जनों नए मोबाइल फोन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। दुकान संचालक इंद्राज वर्मा ने बताया कि आग से करीब 1 लाख रुपये नकद और कुछ सिक्कों सहित अन्य सामान नष्ट हो गया। उनके अनुसार, इस घटना में कुल लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने सालपुर पुलिस चौकी को सूचित किया। चौकी इंचार्ज सावन कुमार सिंह अपने स्टाफ, जिसमें हेड कांस्टेबल विनोद सिंह और हेड कांस्टेबल सोहनलाल शामिल थे, के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दुकान का अधिकांश सामान जल चुका था। थोड़ी देर बाद मुख्यालय से आई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। दुकानदार ने प्रशासन से हुए नुकसान का आकलन कर उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है।1