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राम मंदिर में स्थापित की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों को लेकर सिंधी समाज ने एक नया और बड़ा दावा किया है। समाज ने कहा है कि इन चांदी की ईंटों के संबंध में न तो कोई रसीद मिली है और न ही उनका कोई अता-पता चल पाया है।
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राम मंदिर में स्थापित की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों को लेकर सिंधी समाज ने एक नया और बड़ा दावा किया है। समाज ने कहा है कि इन चांदी की ईंटों के संबंध में न तो कोई रसीद मिली है और न ही उनका कोई अता-पता चल पाया है।
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- भरत तिवारी से जुड़े मामले को लेकर ADG सुधांशु कुमार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।1
- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है। इसी क्रम में, पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू ने दोबारा बसपा में शामिल होकर सक्रिय राजनीति में वापसी की है, जिससे बीकापुर विधानसभा से चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। उनकी वापसी ने अन्य सभी प्रत्याशियों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। बसपा में शामिल होने के बाद बबलू ने पहली बार एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें लोहिया पुल से बीकापुर तक करीब 50 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया। इस रोड शो में और जलालपुर माफी मैदान में आयोजित रैली में हजारों कार्यकर्ता और समर्थक भीषण गर्मी के बावजूद शामिल हुए। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और जितेंद्र सिंह बबलू का जगह-जगह स्वागत हुआ। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि जनता अब सभी राजनीतिक दलों को पहचान चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जैसे 2007 में जितेंद्र सिंह बबलू बीकापुर के विधायक थे, वैसे ही 2027 में भी वही विधायक रहेंगे। पाल ने कहा कि बबलू सिंह की क्षेत्र में चल रही मेहनत से 2027 में बसपा मजबूती से वापसी करेगी और मायावती फिर से मुख्यमंत्री बनेंगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर पेपर लीक और युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बसपा को बेहतर विकल्प बताया और इसे प्रदेश के लिए सबसे अच्छी सरकार होने का दावा किया, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग विश्वास व्यक्त कर रहे हैं। अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को जनता के बीच बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल में, जब पूरे प्रदेश में बिजली की कमी थी, तब भी बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में शाम 6:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक बिजली उपलब्ध रहती थी। उन्होंने सभी ग्राम सभाओं में अच्छी संख्या में इंडियामार्का हैंडपंप लगवाने का भी जिक्र किया और यह भी बताया कि वे अपने कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा तत्पर रहे, फोन से भी उनके काम करवाए और किसी भी कार्यकर्ता का काम उनके स्तर पर रुकने नहीं दिया। बबलू ने कहा कि अगर 2027 के चुनाव में जनता का स्नेह और प्रेम इसी तरह मिला, तो बीकापुर विधानसभा के विकास की चर्चा पूरे देश में की जाएगी। इस बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा सम्मेलन में एकत्र हुई हजारों की भीड़ में आम चर्चा सुनी गई कि सम्मेलन की सफलता का श्रेय पूर्व विधायक बबलू सिंह के साथ उनके सभी जातियों के सहयोगियों जैसे भोलाशंकर शुक्ला, शुभम ओझा, लालमणि निषाद, धर्मेंद्र कुमार, अरुण कुमार भारती, मोहम्मद मुस्लिम, नितिन भारती, राम नायक तिवारी, सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या, अशोक कुमार कोरी, अजीत शुक्ला, अनिल निषाद, शैलेंद्र, गुलशन चौरसिया, केशव राम निषाद आदि की मेहनत का परिणाम है। इस सफलता ने बीकापुर विधानसभा के चुनाव को सभी दल के प्रत्याशियों के लिए भारी बना दिया है। इस जनसमूह ने हाथ उठाकर बबलू सिंह को चुनाव जिताने का संकल्प लिया, जिससे 2027 के चुनावी बिगुल की रणभेरी बज गई है।1
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित कूड़ा सादात के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राहक अनूप यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे तो उन्हें पेट्रोल नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान पंप के पीछे डिब्बों में पेट्रोल भरकर ₹150 प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा था। ग्राहक का कहना है कि पंप आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल उपलब्ध कराने के बजाय चुनिंदा लोगों को अधिक कीमत पर इसे बेच रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब रुदौली के एसडीएम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जांच में अनियमितता सिद्ध होने पर पेट्रोल पंप को सीज करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। वहीं, क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि यदि कालाबाजारी हो रही है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच के परिणामों पर टिकी हैं कि आखिर कूड़ा सादात इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित ब्लैक मार्केटिंग के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।1
- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पवन पांडे ने एक नया खुलासा किया है।1
- अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और भूमि मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि मंदिर से संबंधित कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। डॉ. तिवारी के अनुसार, चढ़ावे और भूमि दोनों ही मामलों में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन नजूल भूमि का नियमानुसार बैनामा नहीं हो सकता, कथित तौर पर उन जमीनों के भी बैनामे किए गए, जिसमें कुछ लोगों की मिलीभगत रही। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब आर्थिक लाभ और लूट के उद्देश्य से किया गया, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने इस पूरे मामले में मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री की जवाबदेही का भी जिक्र किया। एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त, डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के कुछ महंतों द्वारा उनके खिलाफ लगाए जा रहे कथित षड्यंत्र संबंधी आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इन विषयों से जुड़े तथ्यों और उनके विस्तृत पक्ष को वीडियो विजुअल के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।4
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित यूपीपीसीएस भवन के पीछे बने एक निजी कोचिंग सेंटर में अज्ञात कारणों से अचानक तेज़ आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में लगभग 15 लोगों के झुलसकर मरने की खबर है, जिनमें से अधिकतर छात्र बताए जा रहे हैं। आग लगने के बाद कई बच्चे कोचिंग रूम से निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ छात्रों के सेंटर में फंसे होने की भी जानकारी मिली। आग से बचने के प्रयास में कुछ छात्र पहली मंज़िल की बिल्डिंग से नीचे कूद गए, वहीं कुछ ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। घटनास्थल पर दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं और बचावकर्मी बिल्डिंग के पीछे की दीवार तोड़कर शवों को बाहर निकाल रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के बड़े अधिकारी और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मौके पर पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, मृतकों और घायलों के परिवारों से धैर्य बनाए रखने तथा ईश्वर से दुख झेलने की क्षमता देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ वापसी की। प्रधानमंत्री द्वारा राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपए और आग से झुलसे लोगों के परिवारों को पचास हजार रुपए की सहायता राशि देने की भी घोषणा की गई है।1