अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और भूमि मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि मंदिर से संबंधित कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। डॉ. तिवारी के अनुसार, चढ़ावे और भूमि दोनों ही मामलों में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन नजूल भूमि का नियमानुसार बैनामा नहीं हो सकता, कथित तौर पर उन जमीनों के भी बैनामे किए गए, जिसमें कुछ लोगों की मिलीभगत रही। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब आर्थिक लाभ और लूट के उद्देश्य से किया गया, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने इस पूरे मामले में मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री की जवाबदेही का भी जिक्र किया। एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त, डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के कुछ महंतों द्वारा उनके खिलाफ लगाए जा रहे कथित षड्यंत्र संबंधी आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इन विषयों से जुड़े तथ्यों और उनके विस्तृत पक्ष को वीडियो विजुअल के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।
अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और भूमि मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि मंदिर से संबंधित कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। डॉ. तिवारी के अनुसार, चढ़ावे और भूमि
दोनों ही मामलों में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन नजूल भूमि का नियमानुसार बैनामा नहीं हो सकता, कथित तौर पर उन जमीनों के भी बैनामे किए गए, जिसमें कुछ लोगों की मिलीभगत रही। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब आर्थिक लाभ और लूट के उद्देश्य से किया गया, जिससे
सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने इस पूरे मामले में मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री की जवाबदेही का भी जिक्र किया। एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि किसी भी
मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त, डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के कुछ महंतों द्वारा उनके खिलाफ लगाए जा रहे कथित षड्यंत्र संबंधी आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इन विषयों से जुड़े तथ्यों और उनके विस्तृत पक्ष को वीडियो विजुअल के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।
- अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और भूमि मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि मंदिर से संबंधित कुछ मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। डॉ. तिवारी के अनुसार, चढ़ावे और भूमि दोनों ही मामलों में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन नजूल भूमि का नियमानुसार बैनामा नहीं हो सकता, कथित तौर पर उन जमीनों के भी बैनामे किए गए, जिसमें कुछ लोगों की मिलीभगत रही। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब आर्थिक लाभ और लूट के उद्देश्य से किया गया, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने इस पूरे मामले में मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री की जवाबदेही का भी जिक्र किया। एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि किसी भी मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त, डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के कुछ महंतों द्वारा उनके खिलाफ लगाए जा रहे कथित षड्यंत्र संबंधी आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इन विषयों से जुड़े तथ्यों और उनके विस्तृत पक्ष को वीडियो विजुअल के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।4
- अयोध्या के मिल्कीपुर थाना क्षेत्र के इनायतनगर स्थित परसपुर सथरा गांव में एक पुरानी रंजिश के चलते एक युवक के साथ मारपीट करने और उसे जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम परसपुर सतहरा निवासी अंकुर पाण्डेय पुत्र जगदीश नारायण पाण्डेय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही आलोक कुमार शर्मा और अंकित शर्मा पुत्रगण सूर्यपाल शर्मा वहां पहुंच गए। पीड़ित के आरोपानुसार, दोनों भाइयों ने पुरानी रंजिश को लेकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के दौरान अंकुर पाण्डेय को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं और आरोपितों द्वारा उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। शोर सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना इनायतनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक बीरेंद्र सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित कूड़ा सादात के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राहक अनूप यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे तो उन्हें पेट्रोल नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान पंप के पीछे डिब्बों में पेट्रोल भरकर ₹150 प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा था। ग्राहक का कहना है कि पंप आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल उपलब्ध कराने के बजाय चुनिंदा लोगों को अधिक कीमत पर इसे बेच रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद क्षेत्र में गहन चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब रुदौली के एसडीएम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि जांच में अनियमितता सिद्ध होने पर पेट्रोल पंप को सीज करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। वहीं, क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि यदि कालाबाजारी हो रही है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच के परिणामों पर टिकी हैं कि आखिर कूड़ा सादात इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कथित ब्लैक मार्केटिंग के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।1
- राम मंदिर में स्थापित की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों को लेकर सिंधी समाज ने एक नया और बड़ा दावा किया है। समाज ने कहा है कि इन चांदी की ईंटों के संबंध में न तो कोई रसीद मिली है और न ही उनका कोई अता-पता चल पाया है।1
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्टिंग के अनुसार, लाल चंद सोनी ने प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए लोगों से जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया है। इस समय पड़ रही तेज गर्मी और धूप को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि घर से बाहर केवल तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। रिपोर्ट में सभी से मिलकर देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और जीवन को अनमोल समझते हुए सभी का ख्याल रखने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने पर भी बल दिया गया है। अंत में, यह भी कहा गया है कि भारत सरकार को राज्यों की सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।1
- अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गंगाराम तिवारी ने अयोध्या के बीकापुर से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और भूमि से जुड़े कथित घोटाले को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चढ़ावे के साथ-साथ भूमि संबंधी मामलों में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। डॉ. तिवारी ने नजूल भूमि के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी जमीनों का बैनामा नहीं हो सकता, फिर भी कथित षड्यंत्रकारियों और कुछ लोगों की मिलीभगत से नजूल की जमीनों का भी बैनामा कर दिया गया। उन्होंने गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह सब लूट के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इन अनियमितताओं के लिए मंदिर ट्रस्ट को जिम्मेदार ठहराया और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार बताया। एसआईटी जांच के मुद्दे पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आदेश पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'अनैतिक एवं अवैधानिक' तरीके से एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने नियमानुसार तर्क दिया कि जब तक किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज न हो, तब तक एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता। साथ ही, उन्होंने अयोध्या के महंतों द्वारा अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए जा रहे षड्यंत्र के आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया। डॉ. गंगाराम तिवारी ने और भी कई अहम बातें कहने का उल्लेख किया, जिन्हें वीडियो विजुअल के माध्यम से विस्तार से दिखाया जाएगा।4
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज स्थित बहुउद्देशीय सिकिया क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज तथा बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां लगे 25 केवीए क्षमता वाले पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर अब 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। मिल्कीपुर विद्युत उपखंड के एसडीओ अमित कुमार के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीम ने यह कार्य संपन्न कराया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी, और गर्मी के मौसम में बिजली की खपत अधिक होने के कारण 25 केवीए का पुराना ट्रांसफार्मर अतिरिक्त भार से बार-बार फाल्ट कर रहा था, जिससे लो-वोल्टेज और आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया है, जिससे क्षेत्र के दर्जनों उपभोक्ताओं को अब बेहतर और सुचारु विद्युत आपूर्ति मिलने की उम्मीद जगी है। अधिकारियों का मानना है कि नए ट्रांसफार्मर के लगने से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और तकनीकी खराबियों से भी निजात मिलेगी। ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान लाइनमैन अमीष कुमार, सहायक सुशील कुमार और एससीओ प्रवीण कुमार सहित विद्युत विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया है।1