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आज पूरा विकास प्राधिकरण भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। इस अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ 'जय श्री राम' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
आपकी ताकत अयोध्या
आज पूरा विकास प्राधिकरण भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। इस अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ 'जय श्री राम' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
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- राम मंदिर में स्थापित की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों को लेकर सिंधी समाज ने एक नया और बड़ा दावा किया है। समाज ने कहा है कि इन चांदी की ईंटों के संबंध में न तो कोई रसीद मिली है और न ही उनका कोई अता-पता चल पाया है।1
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्टिंग के अनुसार, लाल चंद सोनी ने प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए लोगों से जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया है। इस समय पड़ रही तेज गर्मी और धूप को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि घर से बाहर केवल तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। रिपोर्ट में सभी से मिलकर देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और जीवन को अनमोल समझते हुए सभी का ख्याल रखने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने पर भी बल दिया गया है। अंत में, यह भी कहा गया है कि भारत सरकार को राज्यों की सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।1
- अयोध्या जनपद के विकास खंड हैरिग्टनगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत जोहन स्थित मां काली माता मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम देवी मंत्रोच्चारण और हवन के तत्पश्चात शुरू कराया गया। भंडारे में दोपहर से लेकर देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, और बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के पुजारी पंचराम मौर्या ने जानकारी दी कि यह भंडारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित किया गया था। क्षेत्रवासियों के अनुसार, मां काली माता मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है, और यही वजह है कि यह भंडारा कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस धार्मिक आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाया। इस विशाल भंडारे में ओम प्रकाश मौर्या, अजय कुमार शर्मा, मनोरम मौर्या, दिनेश मौर्या, अजीत मोर्या, राणा सिंह जोहन के अनोखे संगीतकार, अमरनाथ मौर्या, अमित मौर्या, सतीश कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, हनुमान मौर्या, अमित मौर्या, कुंदन कनौजिया, गुल्लू कनौजिया, पप्पू लाल जायसवाल, प्रदीप गुप्ता, बृजेश गुप्ता, सज्जन मौर्य, अजीत मौर्या, अमित मौर्या, दुर्गेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, शिवपूजन मौर्या सहित समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।3
- अयोध्या के बीकापुर इलाके में मंगलवार सुबह एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें जाना बाजार खजूरीपुर निवासी स्वयं रिपोर्टर दुर्गा सिंह के भतीजे अर्पित सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्टर दुर्गा सिंह के पुत्र स्वराज सिंह और उनके भतीजे अर्पित सिंह अपनी दैनिक ड्यूटी के लिए बाइक से अयोध्या जा रहे थे। जाना-बीकापुर मार्ग पर बीकापुर से महज 4 किलोमीटर पहले बाइक चला रहे स्वराज सिंह को अचानक झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे किलोमीटर पत्थर से टकरा गई। हेलमेट पहने होने के कारण स्वराज सिंह तो बाल-बाल बच गए, लेकिन पीछे बैठे अर्पित सिंह का पैर बुरी तरह चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत चार पहिया वाहन से मौके पर पहुंचे और घायल अर्पित को तत्काल बीकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल परिसर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। एक तरफ जहां घायल अर्पित आपातकालीन वार्ड के बाहर दर्द से तड़प रहे थे, वहीं अस्पताल के सुरक्षाकर्मी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय गाड़ी खड़ी करने को लेकर परिजनों से विवाद शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मी ने परिजनों को धमकाते हुए उनकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटो भी खींच ली, जिससे गंभीर स्थिति में मदद की आस लगाए बैठे परिजनों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बीकापुर CHC के डॉक्टरों ने घायल अर्पित सिंह को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल अयोध्या के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने अर्पित के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है और उनका इलाज जारी है।1
- राजधानी लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में 21 जून को लोकप्रिय समाज पार्टी की प्रादेशिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय जयराम सिंह जय के सपनों को साकार करने के लिए संगठन को पूरे प्रदेश में मजबूत करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय शंकरपाल जी ने की। इस अवसर पर अरुण कुमार कोल को उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि गंगा राम वर्मा को प्रमुख महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता, कृष्ण कुमार चौधरी को प्रदेश महासचिव, आशीष सिंह रावत और सचिन पांडे को प्रदेश सचिव, तरुण गुप्ता को युवा प्रदेश अध्यक्ष, विशाल वर्मा को अयोध्या जिला अध्यक्ष, रामू निषाद को अयोध्या जिला उपाध्यक्ष, रोशन सिंह पटेल को अंबेडकर नगर जिला अध्यक्ष, आसाराम यादव को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, देवी दयाल कुशवाहा को हरदोई जिला अध्यक्ष तथा रणजी दास को देवरिया जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। सम्मेलन में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लोकप्रिय समाज पार्टी का संगठन उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले, गांव और घर-घर तक स्थापित किया जाएगा। इसके तहत एक व्यापक सदस्यता अभियान चलाकर हर घर में पार्टी का सदस्य बनाया जाएगा और गांव-गांव में पार्टी का झंडा पहुँचाकर विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों को विधानसभा भेजने की रणनीति पर काम किया जाएगा। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार कोल ने भी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मजबूत संगठनात्मक कमेटियों के गठन और पार्टी के कारवां को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की बात कही। इस दौरान, पार्टी के प्रमुख महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता गंगा राम वर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान में किसान सबसे बड़े संकट में हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत के समय खाद नहीं मिलती, सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं है, और किसी तरह फसल तैयार होने पर छुट्टा पशु उसे बर्बाद कर देते हैं। श्री वर्मा ने आरोप लगाया कि किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, लेकिन फसल खराब होने पर समय पर ऋण नहीं चुका पाने के कारण बैंकों द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, जबकि दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन्हीं कारणों से प्रदेश का अन्नदाता लगातार आर्थिक संकट और आत्महत्या जैसी घटनाओं की ओर धकेला जा रहा है। युवाओं की समस्याओं को उठाते हुए गंगा राम वर्मा ने कहा कि प्रदेश में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली, परिणामों में गड़बड़ी और समय पर रिक्तियां न निकलने से नौजवानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना घटना बताया, जिससे कई छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाए। उन्होंने सवाल किया कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, श्री वर्मा ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज बिना रिश्वत के थाना, चौकी और तहसील में सामान्य व्यक्ति का छोटा सा काम भी नहीं हो पा रहा है, जिसे उन्होंने प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी नाकामी करार दिया। गंगा राम वर्मा ने उत्तर प्रदेश को वास्तव में विकसित और समृद्ध बनाने के लिए हथकरघा एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की वकालत की, जिससे प्रत्येक युवा को रोजगार मिल सके। उनका मानना है कि रोजगार मिलने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश वास्तव में "उत्तम प्रदेश" बन सकेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में अयोध्या जनपद के सैकड़ों कार्यकर्ताओं सहित कुंवर रघुवीर प्रताप सिंह एडवोकेट, सचिन विक्रम सिंह, हरिनाथ पाण्डेय, मनोज वर्मा, समरजीत वर्मा, घनश्याम कनौजिया, लखनऊ के प्रसिद्ध व्यवसायी राज श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार वर्मा, रामू निषाद, रंजीत वर्मा, आयुष पटेल, रवि वर्मा, प्रियांशु वर्मा, हिमांशु पटेल, विकास वर्मा, अभय पटेल, प्रवीण वर्मा, आयुष वर्मा, निर्भय पांडे, सत्यम सिंह तथा अफरोज आलम जैसे सहयोगियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्मेलन के अंत में, पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताया कि यदि कार्यकर्ता इसी प्रकार समर्पण और विश्वास के साथ संगठन को मजबूत करते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में लोकप्रिय समाज पार्टी की सरकार होगी, किसान खुशहाल होगा और प्रत्येक युवा के हाथ में रोजगार होगा।1
- पुलिस-प्रशासन ने गोंडा जिले के कटरा बाजार में सांतवीं का जुलूस बड़ी मशक्कत के साथ निकलवाया। यह जुलूस 'रामधुन' और 'हुसैन की सदाओं' के बीच एक अनूठे माहौल में संपन्न हुआ, जिसके लिए पुलिस-प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में काफी प्रयास करना पड़ा।4
- अयोध्या की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और पारिवारिक तल्खी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे दो धुर विरोधी रिश्तेदारों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक युवा नेता ने पूर्व विधायक पवन पाण्डेय की माता के लिए अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से वर्षों से राजनीतिक मतभेद के चलते अलग-थलग पड़े ममेरे भाई आशीष पाण्डेय (दीपू) का दर्द सार्वजनिक रूप से छलक उठा। उन्होंने गाली देने वाले नेता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि "मां किसी की भी हो, उसका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाली देने वाले को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उसकी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।" उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पवन पाण्डेय समाजवादी पार्टी से विधायक और मंत्री रह चुके हैं, जबकि आशीष पाण्डेय के पिता जयशंकर पांडे भी दो बार विधायक और एक बार मंत्री पद पर रहे हैं। स्वयं आशीष पाण्डेय भी सपा के टिकट पर अयोध्या नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ चुके हैं। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से दूरी और संवादहीनता बनी हुई थी, और वे एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं। मां के सम्मान पर की गई इस अभद्र टिप्पणी ने अब अयोध्या की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लड़ाई में किसी की मां-बहन के सम्मान को निशाना बनाना उचित है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग गाली देने वाली नेता से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।1
- मंगलवार को कई स्थानों पर जयश्रीराम के उद्घोष के साथ दिव्य भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया।4
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज विकासखंड की बसवार कलां ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को एक जर्जर सड़क से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केशव तिवारी का पुरवा और शंकर गोसाई का पुरवा से पंचायत भवन तक जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है। यह सड़क टोडर गोसाई का पुरवा और बसवार खुर्द को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। लंबे समय पहले बनी यह सड़क अब जगह-जगह टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, और सड़क की बदहाल स्थिति लगातार दुर्घटनाओं का खतरा पैदा करती है। स्थानीय निवासियों सतीश दुबे और भरतलाल तिवारी ने बताया कि बारिश के मौसम में समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत होती है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है, वहीं स्कूली बच्चों को भी इसी जोखिम भरे मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुरंत सड़क की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका से मुक्ति मिल पाए।1