बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की मटियारी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खर्रा बेलवाड़ी की चारदीवारी ध्वस्त होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय के ठीक समीप से हजारी चौक झाला से निसंद्रा तक जाने वाली लगभग 29 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क गुजरती है। इस मुख्य सड़क पर प्रतिदिन दर्जनों पंचायतों और आसपास के कई प्रखंडों के लोगों का भारी आवागमन होता है। चारदीवारी न होने के कारण छोटे बच्चे खेलते-खेलते इस व्यस्त सड़क की ओर चले जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरी चिंता है। स्थानीय अभिभावक संत लाल सिंह, शंभू प्रसाद सिंह, गुलाब चंद्र सिंह, निखिल चंद्र दास और अजब लाल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से अविलंब विद्यालय की चारदीवारी का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। चारदीवारी बनने से बच्चों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की मटियारी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खर्रा बेलवाड़ी की चारदीवारी ध्वस्त होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय के ठीक समीप से हजारी चौक झाला से निसंद्रा तक जाने वाली लगभग 29 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क गुजरती है। इस मुख्य सड़क पर प्रतिदिन दर्जनों पंचायतों और आसपास के कई प्रखंडों के लोगों का भारी आवागमन होता है। चारदीवारी न होने के कारण छोटे बच्चे खेलते-खेलते इस व्यस्त सड़क की ओर चले जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस गंभीर
समस्या को लेकर स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरी चिंता है। स्थानीय अभिभावक संत लाल सिंह, शंभू प्रसाद सिंह, गुलाब चंद्र सिंह, निखिल चंद्र दास और अजब लाल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से अविलंब विद्यालय की चारदीवारी का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। चारदीवारी बनने से बच्चों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकांटा में खेत पटवन के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत में सांप छू जाने से एक युवक की मौत हो गई। वह युवक जल्द ही दरोगा बनने वाला था, लेकिन इस दुखद घटना ने उसकी जान ले ली। भाई के असमय चले जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे और भारी शोक में डूबा हुआ है।1
- अररिया में पुलिस ने एक कंटेनर ट्रक से चोरी हुए लगभग 2 करोड़ रुपये की कीमत के 620 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इस मुख्य आरोपी के पास से चोरी के मोबाइल बेचने से मिले 6 लाख 97 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।1
- किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र और बहादुरगंज विधानसभा अंतर्गत धनगढ़ा पंचायत के वार्ड 14 में कीचड़ भरी सड़क के कारण दूल्हे की बारात को पैदल ही निकालना पड़ा। सड़क पर फैले भारी कीचड़ के बीच बारात को पैदल सफर तय करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया है कि देश की आज़ादी के दशकों बाद भी उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल सकी है। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस कीचड़ भरी सड़क का शीघ्र पक्कीकरण कराने की मांग की है।1
- शिक्षा के क्षेत्र में अब बड़े बदलाव यानी 'क्रांति' (Revolution) का वक्त आ गया है। देहरादून में आगामी 17 जुलाई 2026 को इस मुहिम से जुड़ने के लिए सभी लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया गया है। 'अब बहुत हुआ' के कड़े और आक्रामक संदेश के साथ शिक्षा व्यवस्था को बदलने की इस बड़ी मांग के लिए लोगों से जुड़ने की अपील की जा रही है, और लोग राहुल गांधी के साथ इस बदलाव की मुहिम का हिस्सा बनने के लिए संकल्पित हैं।1
- Post by Md Raju1
- पूर्णिया के केनगर प्रखंड में एक सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां स्थानांतरण होने पर 12 अधिकारियों और कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस विदाई समारोह के दौरान सभी विदा होने वाले कर्मियों को सम्मानित कर विदा किया गया। इसके साथ ही, प्रखंड में कार्यभार संभालने वाले नए बीडीओ (BDO) और सीओ (CO) का भी कार्यक्रम में गर्मजोशी से स्वागत किया गया।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की मटियारी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खर्रा बेलवाड़ी की चारदीवारी ध्वस्त होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय के ठीक समीप से हजारी चौक झाला से निसंद्रा तक जाने वाली लगभग 29 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क गुजरती है। इस मुख्य सड़क पर प्रतिदिन दर्जनों पंचायतों और आसपास के कई प्रखंडों के लोगों का भारी आवागमन होता है। चारदीवारी न होने के कारण छोटे बच्चे खेलते-खेलते इस व्यस्त सड़क की ओर चले जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में गहरी चिंता है। स्थानीय अभिभावक संत लाल सिंह, शंभू प्रसाद सिंह, गुलाब चंद्र सिंह, निखिल चंद्र दास और अजब लाल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से अविलंब विद्यालय की चारदीवारी का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। चारदीवारी बनने से बच्चों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।2
- किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र एवं बहादुरगंज विधानसभा अंतर्गत आने वाली धनगढ़ा पंचायत के वार्ड 14 में सड़क की बदहाली के कारण दूल्हे की बारात को कीचड़ भरी सड़क पर पैदल ही निकलना पड़ा। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि देश की आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें सड़क जैसी बुनियादी और मूलभूत सुविधा तक नसीब नहीं हो सकी है। इस उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस कीचड़ भरी सड़क का शीघ्र पक्कीकरण कराने की पुरजोर मांग की है।1
- पूर्णिया के भवानीपुर पत्केली में सड़क निर्माण कार्य की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां सड़क जिस तरीके से बनाई गई है, उसे लेकर काफी नाराजगी देखी जा सकती है। सड़क की दयनीय स्थिति को दिखाते हुए लोगों से कमेंट बॉक्स में अपनी राय देने की अपील की गई है कि इस जगह पर सड़क का काम सही तरीके से होना चाहिए या नहीं।1