हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम महुआ कोला में भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना को लेकर चल रहे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर सुलझा लिया गया है। शासन की आवश्यक अनुमति मिलने के बाद 29 मई 2026 को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में भगवान बुद्ध की प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ पुनः स्थापित कर दिया गया। इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। दरअसल, 27 मई 2026 की सुबह कुछ स्थानीय लोगों ने थाने को सूचना दी थी कि कुछ बाहरी व्यक्तियों और स्थानीय लोगों द्वारा बिना कानूनी अनुमति के भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने सम्मानपूर्वक प्रतिमा को वहां से हटवा दिया था। इसके उपरांत, ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शासन स्तर से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तौर पर और शासन की अनुमति के अनुरूप ही संपन्न हुई है। साथ ही, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए गए हैं। अपर जिला अधिकारी हरदोई ने भी अपनी बाइट के माध्यम से प्रशासन की इस कार्रवाई और शासन की अनुमति के बाद प्रतिमा स्थापना की जानकारी दी।
हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम महुआ कोला में भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना को लेकर चल रहे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर सुलझा लिया गया है। शासन की आवश्यक अनुमति मिलने के बाद 29 मई 2026 को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में भगवान बुद्ध की प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ पुनः स्थापित कर दिया गया। इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। दरअसल, 27 मई 2026 की सुबह कुछ स्थानीय लोगों ने थाने को सूचना दी थी कि कुछ बाहरी व्यक्तियों और स्थानीय लोगों द्वारा बिना कानूनी अनुमति के भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने सम्मानपूर्वक प्रतिमा को वहां से हटवा दिया था। इसके उपरांत, ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शासन स्तर से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तौर पर और शासन की अनुमति के अनुरूप ही संपन्न हुई है। साथ ही, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए गए हैं। अपर जिला अधिकारी हरदोई ने भी अपनी बाइट के माध्यम से प्रशासन की इस कार्रवाई और शासन की अनुमति के बाद प्रतिमा स्थापना की जानकारी दी।
- जौनपुर नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही, जो लगभग एक वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित की गई थी। इस दौरान सभासदों ने नगर पालिका प्रशासन और अध्यक्ष मनोरमा मौर्य पर विकास कार्यों में अनियमितताओं, भेदभावपूर्ण रवैये और लंबे समय तक बोर्ड बैठक न बुलाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। सभासदों ने कहा कि एक साल से बैठक न होने के कारण जनहित के महत्वपूर्ण प्रस्ताव अटके रहे, जिससे विकास कार्य ठप पड़ गए। उन्होंने मांग की कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैठक के दौरान, कई सभासदों ने अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करने और माफी मांगने को कहा। इस पर अध्यक्ष मनोरमा मौर्य ने खड़े होकर कहा, “मुझसे गलती हुई है, आगे से ऐसी स्थिति नहीं होगी।” अध्यक्ष के इस बयान के बाद कुछ समय के लिए माहौल शांत हो गया। सभासदों ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में नगर क्षेत्र में सड़क, नाली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य पूरी तरह से बंद रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का भी आरोप लगाया, साथ ही कहा कि कई कार्य बिना उचित प्रक्रिया के ही स्वीकृत कर दिए गए। सभासदों ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके वार्डों से संबंधित प्रस्तावों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर काम कराए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी और भेदभाव स्पष्ट है। बैठक के अंत में, नाराज सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी जारी रही, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। वर्तमान में, बोर्ड बैठक में लगे भ्रष्टाचार और भेदभाव के ये आरोप जौनपुर की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का प्रमुख विषय बने हुए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के थाना शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के संबंध में पुलिस ने जानकारी दी है। बताया गया कि 28 मई 2026 को विशाल पुत्र राजेश अपनी बहन श्वेता के साथ अपनी मोटरसाइकिल पर बाजार से सामान खरीदने जा रहे थे। कैनरा बैंक चौक के पास उनकी टक्कर सामने से आ रही निसार और रिजवान पुत्रगण अली अहमद की स्कूटी से हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने मौके से प्रथम पक्ष के दो और द्वितीय पक्ष के चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया। स्थानीय पुलिस ने प्रथम पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया और उनकी तहरीर के आधार पर थाना शाहाबाद में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया। घटना के बाद, प्रथम पक्ष की कुछ महिलाएं थाना शाहाबाद और क्षेत्राधिकारी कार्यालय शाहबाद पर आकर वाद-विवाद कर रही थीं। इसी दौरान, आवेदक पक्ष की एक युवती अपने मोबाइल से वीडियो बना रही थी, जिस पर आरक्षी वीरेश कुमार ने उसे वीडियो बनाने से मना किया और उसका मोबाइल ले लिया। जांच के क्रम में छेड़खानी की घटना का होना नहीं पाया गया है। इस पूरी घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री मार्तंड प्रकाश सिंह ने भी बयान दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद थाना क्षेत्र में स्थित मोहल्ला चौक में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पश्चिमी के एएसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने अपनी बाइट जारी कर जानकारी दी।1
- शाहजहांपुर में यातायात पुलिस और नगर निगम की एक संयुक्त टीम ने अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत शहर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाया गया। अभियान के दौरान 100 से अधिक वाहनों के चालान भी किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और एम्बुलेंस सहित सभी आपातकालीन वाहनों के आवागमन को बाधारहित सुनिश्चित करना है।1
- शाहजहाँपुर जिले के पुवायाँ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी पुवायाँ ने जानकारी दी है।1
- हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम महुआ कोला में भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना को लेकर चल रहे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर सुलझा लिया गया है। शासन की आवश्यक अनुमति मिलने के बाद 29 मई 2026 को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में भगवान बुद्ध की प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ पुनः स्थापित कर दिया गया। इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। दरअसल, 27 मई 2026 की सुबह कुछ स्थानीय लोगों ने थाने को सूचना दी थी कि कुछ बाहरी व्यक्तियों और स्थानीय लोगों द्वारा बिना कानूनी अनुमति के भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस सूचना पर प्रशासन और पुलिस ने सम्मानपूर्वक प्रतिमा को वहां से हटवा दिया था। इसके उपरांत, ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शासन स्तर से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तौर पर और शासन की अनुमति के अनुरूप ही संपन्न हुई है। साथ ही, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए गए हैं। अपर जिला अधिकारी हरदोई ने भी अपनी बाइट के माध्यम से प्रशासन की इस कार्रवाई और शासन की अनुमति के बाद प्रतिमा स्थापना की जानकारी दी।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर लगा टिन शेड अचानक ढह गया। इस घटना में एक टीटीई समेत कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। हादसे में टीटीई भूपेंद्र के पैर में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि यात्री अभिषेक और साहिल भी चोटिल हुए। घायल साहिल की जांघ दबने से उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। राष्ट्रीय नवल टाइम्स के अनुसार, सभी घायलों को तुरंत अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ (RPF) मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने राहत कार्य में तेजी लाने के लिए मौके पर क्रेन भी मंगवाई, जिसकी मदद से गिरे हुए टिन शेड को हटाया जा रहा है। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर आ रही हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को भी समय रहते रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया और ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रुकवा लिया गया।1