महादलित बस्ती में शौचालय न होने से सड़क पर फैली गंदगी, यातायात ठप; पुलिस की सख्त कार्रवाई की तैयारी नवहट्टा (सहरसा)। बिहार सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है, वहीं सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बराही से व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ शौचालय की सुविधा न होने के कारण अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने वाली मुख्य सड़क को ही लोगों ने शौचालय बना दिया है, जिससे न केवल यातायात बाधित है बल्कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण और पक्की सड़क पर महादलित बस्ती के लोगों द्वारा शौचालय किए जाने से पूरी सड़क गंदगी से पट गई है। इसी परिसर में स्कूल के अलावा पशु चिकित्सालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं। गंदगी के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है और करीब एक हजार घरों की आबादी इस नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि राम टोला में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ था, जो आज भी अर्धनिर्मित है। आरोप है कि प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत से कागजों पर शौचालय निर्माण की राशि का गबन कर लिया गया है। करीब 400 महादलित परिवारों के पास शौचालय की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण वे सड़क का उपयोग करने को विवश हैं। प्रधानाध्यापक ने लगाई न्याय की गुहार विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री कामेश्वर सिंह आजाद ने नवहट्टा थाना में लिखित आवेदन देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गंदगी और बदबू के कारण इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का कक्षा में बैठना मुश्किल हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की कार्यकुशलता की चर्चा मामले की गंभीरता को देखते हुए नवहट्टा थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है। विशेष रूप से अपर थानाध्यक्ष श्री रौशन कुमार को इस मामले की जांच और कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की सक्रियता और जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता की स्थानीय लोग प्रशंसा कर रहे हैं। श्री रौशन कुमार ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी परिसर और सार्वजनिक सड़क को गंदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और धरातल पर जांच की तत्परता ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल कर गंदगी फैलाने वालों पर कानूनी शिकंजा कसेंगे। थानाध्यक्ष और अपर थानाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कहा कि जो भी व्यक्ति सरकारी भवन के प्रांगण और सड़क पर गंदगी फैलाकर जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करेगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महादलित बस्ती में शौचालय न होने से सड़क पर फैली गंदगी, यातायात ठप; पुलिस की सख्त कार्रवाई की तैयारी नवहट्टा (सहरसा)। बिहार सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है, वहीं सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बराही से व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ शौचालय की सुविधा न होने के कारण अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने वाली मुख्य सड़क को ही लोगों ने शौचालय बना दिया है, जिससे न केवल यातायात बाधित है बल्कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण और पक्की सड़क पर महादलित बस्ती के लोगों द्वारा शौचालय किए जाने से पूरी सड़क गंदगी से पट गई है। इसी परिसर में स्कूल के अलावा पशु चिकित्सालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं। गंदगी के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है और करीब एक हजार घरों की आबादी इस नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि राम टोला में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ था, जो आज भी अर्धनिर्मित है। आरोप है कि प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत से कागजों पर शौचालय निर्माण की राशि का गबन कर लिया गया है। करीब 400 महादलित परिवारों के पास शौचालय की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण वे सड़क का उपयोग करने को विवश हैं। प्रधानाध्यापक ने लगाई न्याय की गुहार विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री कामेश्वर सिंह आजाद ने नवहट्टा थाना में लिखित आवेदन देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गंदगी और बदबू के कारण इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का कक्षा में बैठना मुश्किल हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की कार्यकुशलता की चर्चा मामले की गंभीरता को देखते हुए नवहट्टा थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है। विशेष रूप से अपर थानाध्यक्ष श्री रौशन कुमार को इस मामले की जांच और कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की सक्रियता और जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता की स्थानीय लोग प्रशंसा कर रहे हैं। श्री रौशन कुमार ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी परिसर और सार्वजनिक सड़क को गंदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और धरातल पर जांच की तत्परता ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल कर गंदगी फैलाने वालों पर कानूनी शिकंजा कसेंगे। थानाध्यक्ष और अपर थानाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कहा कि जो भी व्यक्ति सरकारी भवन के प्रांगण और सड़क पर गंदगी फैलाकर जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करेगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- नवहट्टा (सहरसा)। बिहार सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है, वहीं सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत बराही से व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ शौचालय की सुविधा न होने के कारण अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने वाली मुख्य सड़क को ही लोगों ने शौचालय बना दिया है, जिससे न केवल यातायात बाधित है बल्कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण और पक्की सड़क पर महादलित बस्ती के लोगों द्वारा शौचालय किए जाने से पूरी सड़क गंदगी से पट गई है। इसी परिसर में स्कूल के अलावा पशु चिकित्सालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं। गंदगी के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है और करीब एक हजार घरों की आबादी इस नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर है। प्रशासनिक भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि राम टोला में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण चार साल पहले शुरू हुआ था, जो आज भी अर्धनिर्मित है। आरोप है कि प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत से कागजों पर शौचालय निर्माण की राशि का गबन कर लिया गया है। करीब 400 महादलित परिवारों के पास शौचालय की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण वे सड़क का उपयोग करने को विवश हैं। प्रधानाध्यापक ने लगाई न्याय की गुहार विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री कामेश्वर सिंह आजाद ने नवहट्टा थाना में लिखित आवेदन देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गंदगी और बदबू के कारण इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का कक्षा में बैठना मुश्किल हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की कार्यकुशलता की चर्चा मामले की गंभीरता को देखते हुए नवहट्टा थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है। विशेष रूप से अपर थानाध्यक्ष श्री रौशन कुमार को इस मामले की जांच और कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है। अपर थानाध्यक्ष रौशन कुमार की सक्रियता और जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता की स्थानीय लोग प्रशंसा कर रहे हैं। श्री रौशन कुमार ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी परिसर और सार्वजनिक सड़क को गंदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और धरातल पर जांच की तत्परता ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल कर गंदगी फैलाने वालों पर कानूनी शिकंजा कसेंगे। थानाध्यक्ष और अपर थानाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कहा कि जो भी व्यक्ति सरकारी भवन के प्रांगण और सड़क पर गंदगी फैलाकर जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करेगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- Post by मिथलेश कुमार यादव2
- Post by Shoaib Alam2
- Post by Supaul Media ( Dev Raj )1
- नगर पंचायत सौर बाजार के वार्ड नंबर 3 आरा मिल रोड में लोगों के लापरवाही के कारण मुख्य सड़क मार्ग पर हर घर नल योजना का पानी लग जाता है जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसको लेकर स्थानीय दुकानदार ने बताया की कई बार बोला भी गया है मगर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे अब तक कई दो पहिया वाहन चालक फिसल कर हादसे की शिकार भी हो चुका है। सौर बाजार का मुख्य सड़क मार्ग होने के कारण दिन भर वाहन चालक एवं लोगों का आना जाना लगा रहता है। फिल हाल गर्मी का मौसम शुरू हो गया है इसके बाबजूद भी सड़क मार्ग पर ज्यादा पानी लग जाता है और जब बारिश का मौसम आता है तब इस सड़क मार्ग से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। दूसरी तरफ ये भी देखा जा रहा है की सड़क मार्ग गहरा है जिससे भी जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ऐसे में सड़क मार्ग का निर्माण कार्य भी जरूरी है ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके।1
- 📍मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड अंतर्गत परमानपुर ग्राम में पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. पवन कुमार के पूज्य पिताश्री स्व. सियाशरण प्रसाद यादव (पूर्व प्रमुख) के दिवंगत आत्मा की शांति के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में Advocate of Jsd Council (N.P.O.) के तरफ से उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपस्थित आर.एम.कॉलेज के प्राचार्य प्रो.डॉ.गुलरेज रौशन रहमान, प्रोफेसर डॉ.ललित नारायण मिश्रा एंव पिछड़ा आयोग के सदस्य स्वदेश यादव ने स्व.सियाशरण प्रसाद यादव के सामाजिक सरोकार, जनसेवा और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 🤝 जेएसडी काउंसिल की ओर से भी दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। Dr.Sumant Rao ✍️जन:संवाददाता ऑफ जेएसडी प्रतिनिधि #बिहार 🇮🇳1
- Kamala bandh par tempu palat gaiya hi khairi gaw me bahut sad our very dengers road me khatra hii aur kovi v gari yeha par achha se chalana hii aur tempu ko v kuch nagu hua aur admi ko v kuch nahi hua1
- नौहट्टा (सहरसा)। रसोई गैस की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी का असर स्थानीय स्तर पर साफ दिखने लगा है। सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड स्थित मां भगवती एचपी गैस एजेंसी पर सोमवार सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दाम बढ़ने की खबर मिलते ही लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंचने लगे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुबह से ही लगी रही लंबी कतारें गैस एजेंसी के खुलते ही उपभोक्ताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कतार में खड़े उपभोक्ताओं के चेहरों पर बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गैस के दामों में बार-बार हो रही वृद्धि से रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। जानकारी के लिए भी पहुंचे लोग एजेंसी पर न केवल सिलेंडर लेने वाले, बल्कि कीमतों में हुई सटीक वृद्धि की जानकारी लेने वाले लोगों का भी तांता लगा रहा। कई उपभोक्ता इस उम्मीद में पहुंचे थे कि शायद उन्हें पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिल जाए। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।लोगो का कहना हैँ हम सुबह 7 बजे से ही लाइन में लगे हैं ताकि समय पर गैस मिल सके।" — एक स्थानीय उपभोक्ता एजेंसी प्रबंधन की स्थिति भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एजेंसी कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एजेंसी प्रबंधन का कहना है कि ऊपर से ही कीमतें बढ़ने के निर्देश मिले हैं, जिसके बाद नए रेट लागू कर दिए गए हैं। स्टॉक की उपलब्धता के अनुसार वितरण किया जा रहा है।1