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Chauthmal Verma
- Chauthmal Vermaछबड़ा, बारां, राजस्थान😍2 hrs ago
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More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Chauthmal Verma1
- Dynamic meditation at Harnavdijager shivpuran chhipabarod1
- हरनावदाशाहजी.महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में रविवार रात्रि को आयोजित शिव पार्वती विवाह समारोह में श्रृद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कस्बे में निकली शिवबारात में बराती बनकर हर कोई झूमता नजर आया। वहीं सोमवार को आयोजित भंडारे में प्रसादी का दिनभर कार्यक्रम चला जिसमें दूर दूर गांवों से पंहुचकर लोगों ने प्रसादी का लाभ लिया। कस्बे में प्राचीन शिवालय गुफा मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 12 फरवरी से पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हुई थी। भगवान शंकर पार्वती विवाहोत्सव को लेकर रोजाना अलग अलग आयोजनों के साथ रविवार अपराह्न कस्बे में गाजे बाजे से शिवबारात निकली। जुलूस में बना हर कोई बाराती- बूढा महादेव से शुरु हुई बारात में युवाओं की टोली अलग तो युवतियों की टोली अलग डीजे पर भक्ति के रंग में नजर आई। महिलाएं भी साथ में भजनों पर झूमती रही। मुख्य मार्ग से होकर निकाली बारात का ग्रामीणों ने जगह जगह स्वागत किया। शाम के अंधेरे में विवेकानंद पर जोरदार आतिशबाजी हुई । बाद में शिवालय गुफा मंदिर पर बारात के स्वागत के साथ भगवान शिव पार्वती के विवाह की रस्म हुई। इस मौके पर गुफा मंदिर परिसर खचा-खच भरा रहा वहीं मंदिर समेत समूचा पांडाल पुष्प सज्जा व विद्युत सजावट से सजाया। महामंडलेश्वर ने किया भंडारे का शुभारंभ - सोमवार को इस अवसर पर आयोजित भंडारे की विधिवत पूजन के साथ शुरुआत रामानंद संत आश्रम के महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी महाराज ने कन्याओं को प्रसाद खिलाकर की। यहां सुबह से देर रात तक भंडारा चला जिसमें प्रसाद के लिए तांता लगा रहा।3
- प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी पर भव्य एवं विशाल महाभंडारे का आयोजन हरनावदा शाहजी ग्रामवासियों एवं श्रद्धालु भक्तों को सूचित किया जाता है कि प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी पर भव्य एवं विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया है। भगवान भोलेनाथ की कृपा से चल रहे इस पावन भंडारे में समस्त ग्रामवासी सपरिवार पधारकर प्रसादी ग्रहण करें और पुण्य लाभ प्राप्त करें। स्थान – प्राचीन शिवालय गुफा, हरनावदाशाहजी1
- बोहरा समाज के रमजान शुरू मंगलवार से पहला रोज़ा, 10 मार्च को शबेक़द्र की रात सूरत से आमिल मोइज़ भाई साहब करेंगे इमामत, हर समाजजन को सेहरी-इफ्तार का भोजन उपलब्ध गुना बोहरा समाज में हिजरी वर्ष 1447 का सबसे पवित्र महीना रमजान 17 फ़रवरी से आरंभ हो रहा है। पहला रोज़ा मंगलवार से रखा जाएगा और पूरे 30 दिन चलेंगे। अंतिम रोज़ा 18 मार्च को होगा और 19 मार्च, गुरुवार को ईदुल फ़ितर मनाई जाएगी। 10 मार्च, मंगलवार की रात शबेक़द्र के रूप में मनाई जाएगी, जिसमें समाज के सभी सदस्य रातभर जागरण कर मस्जिद में इबादत करेंगे। सूरत से आमिल जनाब मोइज़ भाई साहब बदरी, बोहरा समाज के लोगों को इबादत कराने और इमामत करने के लिए तशरीफ़ लाए हैं। रमजान के दौरान बोहरा समाज में प्रत्येक समाजजन को सेहरी और इफतार का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय बोहरा मस्जिद में पूर्ण एहतमाम और सम्मान के साथ आमिल मोइज़ भाई साहब द्वारा इमामत की जाएगी। पूरे महीने के 30 दिनों तक समाजगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की ओर से सभी समाजजनों के घरों तक सुबह और शाम का भोजन पहुँचाने का इंतज़ाम किया गया है, ताकि किसी को स्वयं खाना बनाने की आवश्यकता न पड़े। इस व्यवस्था की देखरेख अलिअकबर राही द्वारा की जाएगी। सेहरी का अंतिम समय सुबह 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जिसमें चाय, शक्कर, टोस्ट और अंडा शामिल होंगे। इफ्तार के समय मुंबई से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन में दो सब्ज़ियाँ, रोटी, बिस्कुट, दूध, खजूर और चाय शामिल रहेंगी। रमजान शब्द 'रम्ज़' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सूर्य की अत्यधिक गर्मी से छोटे पत्थरों का तपना। यह महीना ईश्वरीय नामों में से एक है और इसी महीने में पवित्र कुरआन नाजिल हुआ था। रमजान को बरकतों वाला महीना माना जाता है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों को असीम नियामतों से नवाज़ते हैं। रोज़ा अरबी में 'सौम' कहलाता है, जिसका अर्थ है रुकना। रोज़ा केवल भूख और प्यास से नहीं, बल्कि तमाम बुराइयों से परहेज़ करना भी है। इसमें गलत बोलना, देखना, सुनना या नाजायज़ कर्म करना वर्जित है और हर समय खुदा की इबादत करना आवश्यक है। पूरा माह रमजान समाज के लिए आत्मसंयम, भक्ति और इबादत का अवसर है, जिसमें हर सदस्य अपने जीवन में नैतिकता, परहेज़ और सामाजिक भलाई को अपनाता है।1
- आज विधानसभा क्षेत्र मनोहर थाना के ग्राम महुआखेड़ा में आयोजित भागवत कथा कार्यक्रमों में पहुंचकर कथा का रसपान कर आशीर्वाद प्राप्त किया Bhajanlal Sharma Dushyant Singh Dholpur Madan Rathore BJP Rajasthan1
- _विशेष_~_सूचना_ जिला गुना की भीमआर्मी आजाद समाज पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं,पदाधिकारियों और sc,st obc, min के सभी सम्मानित साथियों को सूचित किया जाता हैं कि आगामी 17/02/2026 को गुना मेआजद समाज पार्टी के कोर कमेटी सदस्य माननीय बड़े भाई दामोदर यादव जी एवं प्रदेश की टीम का आगमन हो रहा है जिसमें पहले बीनागंज में10 बजे उनका भव्य स्वागत किया जाएगा फिर 11 बजे उनकी राघौगढ़ में भव्य सभा होगी जिसमें वो सभा को संबोधित करेंगे और इसके बाद 2 बजे आरोन में भव्य सभा का कार्यक्रम होगा वहां भी वो सभा को संबोधित करेंगे इसके बाद शाम को गुना में उनकारात्रि विश्राम रहेगा और सुबह 9 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आगे के जिले को रवाना होंगे तो sc,st, obc, सभी सम्मानित साथियों से अपील है कि आप सभी इस प्रोग्राम का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करे और इस जिले की जनता को इन सभाओं में लेकर आए अपीलकर्ता प्रेम नारायण अहिरवार जिलाध्यक्ष भीमआर्मी गुना1
- हरनावदाशाहजी.महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में रविवार रात्रि को आयोजित शिव पार्वती विवाह समारोह में श्रृद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कस्बे में निकली शिवबारात में बराती बनकर हर कोई झूमता नजर आया। वहीं सोमवार को आयोजित भंडारे में प्रसादी का दिनभर कार्यक्रम चला जिसमें दूर दूर गांवों से पंहुचकर लोगों ने प्रसादी का लाभ लिया। कस्बे में प्राचीन शिवालय गुफा मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में 12 फरवरी से पांच दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हुई थी। भगवान शंकर पार्वती विवाहोत्सव को लेकर रोजाना अलग अलग आयोजनों के साथ रविवार अपराह्न कस्बे में गाजे बाजे से शिवबारात निकली। जुलूस में बना हर कोई बाराती- बूढा महादेव से शुरु हुई बारात में युवाओं की टोली अलग तो युवतियों की टोली अलग डीजे पर भक्ति के रंग में नजर आई। महिलाएं भी साथ में भजनों पर झूमती रही। मुख्य मार्ग से होकर निकाली बारात का ग्रामीणों ने जगह जगह स्वागत किया। शाम के अंधेरे में विवेकानंद पर जोरदार आतिशबाजी हुई । बाद में शिवालय गुफा मंदिर पर बारात के स्वागत के साथ भगवान शिव पार्वती के विवाह की रस्म हुई। इस मौके पर गुफा मंदिर परिसर खचा-खच भरा रहा वहीं मंदिर समेत समूचा पांडाल पुष्प सज्जा व विद्युत सजावट से सजाया। महामंडलेश्वर ने किया भंडारे का शुभारंभ - सोमवार को इस अवसर पर आयोजित भंडारे की विधिवत पूजन के साथ शुरुआत रामानंद संत आश्रम के महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी महाराज ने कन्याओं को प्रसाद खिलाकर की। यहां सुबह से देर रात तक भंडारा चला जिसमें प्रसाद के लिए तांता लगा रहा।4