बाराबंकी में आधार कार्ड से छेड़छाड़ कर फर्जी बैंक खाता खुलवाने और उस पर लोन लेने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। थाना असन्द्रा और साइबर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने इस धोखाधड़ी के मुख्य अभियुक्त सोमेश कुमार यदुवंशी को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता हिमांशु चौरसिया ने दर्ज कराया था कि उनकी अनुमति और बायोमेट्रिक सत्यापन के बिना, तथा किसी आधार सेवा केंद्र पर उनकी उपस्थिति के बिना उनके आधार कार्ड पर अवैध रूप से मोबाइल नंबर बदल दिया गया था। इसी के आधार पर एक फर्जी बैंक खाता खोलकर धोखाधड़ी से लोन ले लिया गया था। इस संबंध में थाना असन्द्रा में मु0अ0सं0-145/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा घटना में संलिप्त साइबर अपराधी की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में, असन्द्रा और साइबर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने 23 मई 2026 को आरोपी सोमेश कुमार यदुवंशी को बरेली के मोहल्ला अंसारी, फतेहगंज पश्चिमी कस्बे से गिरफ्तार किया। आरोपी सोमेश कुमार यदुवंशी बरेली में वर्ष 2014 से एक जनसेवा केंद्र चलाता है। पूछताछ और जांच में पता चला कि उसने अपने परिचित अमित के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया, जो बरेली के बैंक ऑफ बड़ौदा, फतेहगंज पश्चिमी शाखा में आधार कार्ड बनाने का काम करता है। सोमेश और अमित ने मिलकर शिकायतकर्ता के आधार कार्ड में एक दूसरा मोबाइल नंबर पंजीकृत किया और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अनुचित लाभ लेने के लिए बैंक लोन प्राप्त कर लिया। पुलिस ने अभियुक्त सोमेश कुमार यदुवंशी के कब्जे से एक लैपटॉप, एक आइरिश मशीन, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक ब्रॉडबैंड डिवाइस, एक मोबाइल फोन और एक आधार नामांकन संशोधन रजिस्टर बरामद किया है। पुलिस अब इस मामले में सह-अभियुक्त अमित की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
बाराबंकी में आधार कार्ड से छेड़छाड़ कर फर्जी बैंक खाता खुलवाने और उस पर लोन लेने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। थाना असन्द्रा और साइबर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने इस धोखाधड़ी के मुख्य अभियुक्त सोमेश कुमार यदुवंशी को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता हिमांशु चौरसिया ने दर्ज कराया था कि उनकी अनुमति और बायोमेट्रिक सत्यापन के बिना, तथा किसी आधार सेवा केंद्र पर उनकी उपस्थिति के बिना उनके आधार कार्ड पर अवैध रूप से मोबाइल नंबर बदल दिया गया था। इसी के आधार पर एक फर्जी बैंक खाता खोलकर धोखाधड़ी से लोन ले लिया गया था। इस संबंध में थाना असन्द्रा में मु0अ0सं0-145/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा घटना में संलिप्त साइबर अपराधी की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में, असन्द्रा और साइबर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने 23 मई 2026 को आरोपी सोमेश कुमार यदुवंशी को बरेली के मोहल्ला अंसारी, फतेहगंज पश्चिमी कस्बे से गिरफ्तार किया। आरोपी सोमेश कुमार यदुवंशी बरेली में वर्ष 2014 से एक जनसेवा केंद्र चलाता है। पूछताछ और जांच में पता चला कि उसने अपने परिचित अमित के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया, जो बरेली के बैंक ऑफ बड़ौदा, फतेहगंज पश्चिमी शाखा में आधार कार्ड बनाने का काम करता है। सोमेश और अमित ने मिलकर शिकायतकर्ता के आधार कार्ड में एक दूसरा मोबाइल नंबर पंजीकृत किया और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अनुचित लाभ लेने के लिए बैंक लोन प्राप्त कर लिया। पुलिस ने अभियुक्त सोमेश कुमार यदुवंशी के कब्जे से एक लैपटॉप, एक आइरिश मशीन, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक ब्रॉडबैंड डिवाइस, एक मोबाइल फोन और एक आधार नामांकन संशोधन रजिस्टर बरामद किया है। पुलिस अब इस मामले में सह-अभियुक्त अमित की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
- बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र में लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर स्थित बावली चौराहे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शनिवार देर रात करीब 10:40 बजे एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने एक बाइक को भीषण टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान इचोलिया निवासी अभिषेक कुमार और रिंकू कश्यप के रूप में हुई है। ये दोनों युवक किसी काम से बाहर गए थे और वापस लौटते समय बावली चौराहे पर क्रॉसिंग के दौरान इस हादसे का शिकार हो गए। स्कॉर्पियो ने मोटरसाइकिल को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सवार युवक मोटरसाइकिल समेत नाले में जा गिरे, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही सफदरगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही कर रही है।4
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रामनगर में एक परिवार पिछले 16 साल से अपने घर तक रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा है। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने गन्ना दफ्तर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है, आरोप है कि इसी विवाद में उनके पिता की मौत हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी रास्ता नहीं मिला तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।1
- अमिताभ बच्चन के 'संडे दर्शन' के दौरान उनके घर के बाहर भारी भीड़ के बीच एक शख्स अचानक बेहोश हो गया। 'बिग बी' के आवास के बाहर जमा हुई बड़ी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ के कारण उस शख्स की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद, वहाँ मौजूद अन्य लोग बेहोश हुए शख्स को संभालते हुए दिखाई दिए।1
- मानवता परिवार ने अपने सदस्य स्व. अमित सिंह के नॉमिनी की सहायता के लिए 'मृतक नॉमिनी सहयोग-4' अभियान शुरू किया है। यह दान प्रक्रिया वर्तमान में जारी है और इसकी निर्धारित तिथि 25 मई से 5 जून 2026 तक है, जिसके बाद सहयोग की तिथि बढ़ाई नहीं जाएगी। संस्था के अनुसार, मृतक सदस्य अमित सिंह की मानवता परिवार आईडी MP000467 थी। उनका रजिस्ट्रेशन 02 मई 2025 को हुआ था और दुर्भाग्यवश, उनका निधन 30 मार्च 2026 को हार्ट अटैक के कारण हो गया। वे फतेहपुर के नरसिंहपुर कबरहा धाता गाँव और पोस्ट के निवासी थे। स्वर्गीय अमित सिंह की पत्नी प्रतिमा सिंह, जो उनकी नॉमिनी हैं, के सहयोग हेतु बैंक विवरण जारी किए गए हैं। दानकर्ता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मंझनपुर, कौशांबी शाखा में खाता संख्या 37181193783 (IFSC: SBIN0016463) अथवा बैंक ऑफ बड़ौदा के खागा फतेहपुर शाखा में खाता संख्या 14170100024309 (IFSC: BARB0DHATAX) पर सहयोग राशि भेज सकते हैं। इस अभियान में न्यूनतम सहयोग राशि ₹200 निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम सहयोग राशि पर कोई सीमा नहीं है। मानवता परिवार ने सभी दानकर्ताओं से अनुरोध किया है कि दान/सहयोग करने के बाद अपनी आईडी से ट्रांजैक्शन आईडी और स्क्रीनशॉट अनिवार्य रूप से अपलोड करें। ऐसा न करने पर उनका सहयोग मान्य नहीं होगा और वे भविष्य में वैध सदस्य नहीं रह पाएंगे। वेबसाइट पर सदस्य की सूचना तभी अंकित होगी जब स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन आईडी लोड कर दी जाएगी। मानवता परिवार का कहना है कि 'आपका सहयोग परिवार का सहारा' है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में 'अनुसूचित जाति' समुदाय की अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की ज़ोरदार माँग की जा रही है, जिसके तहत 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 10 बजे से DM कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है। न्याय न मिलने पर 'कुर्सी छोड़ो' का नारा भी बुलंद किया गया है, जबकि आरोप है कि डीएम हरदोई न्याय के मामले को टालते हुए 'भंडारा कर रहा हूँ' जैसी बात कह रहे हैं। पूरा मामला 30 अप्रैल 2024 का है, जब आरोप है कि कुछ दबंगों ने 'कृपा पुस्तकालय' पर कब्ज़ा कर लिया। इस दौरान किताबों, कंप्यूटरों, AC, CCTV और 1.5 लाख नकद सहित कुल 6 लाख रुपये की लूट की गई। घटना के दौरान अंशु रानी मित्रा के साथ जातिसूचक गालियाँ देकर मारपीट भी की गई। इस संबंध में FIR 0302/26 दर्ज होने के बावजूद, पुनीत मिश्रा, पंकज मिश्रा, राजीव मिश्रा, आनंद मिश्रा, आलोक शुक्ला और अंशुल शुक्ला सहित सभी 6 आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। यह भी बताया गया है कि इस घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी न्याय का इंतजार है। घटना से जुड़े 4 वीडियो सबूत भी मौजूद होने का दावा किया गया है, जिन्हें QR कोड स्कैन करके देखा जा सकता है। न्याय की यह लड़ाई अंशु रानी मित्रा के लिए न्याय की माँग करते हुए प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठा रही है, जैसा कि हैशटैग #JusticeForAnshuRani और #DMHardoiShame से स्पष्ट है।4
- सूरत स्टेशन के ठीक सामने स्थित जयपुर रेस्टोरेंट में रहने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर पाठकों से उन्हें फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- कानपुर के कृष्णा अस्पताल पर एक अत्यंत गंभीर आरोप लगा है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने ITBP जवान विकास सिंह की माँ का हाथ काट दिया। जवान की माँ को साँस लेने में दिक्कत थी और उपचार के दौरान यह घटना हुई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, पीड़ित जवान विकास सिंह को तीन दिनों तक अपनी माँ का कटा हुआ हाथ लेकर FIR दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ा। एक वीडियो में कथित तौर पर एक निर्लज्ज पुलिस अधिकारी को कटा हुआ हाथ देखने के बावजूद कोई कार्रवाई न करते हुए दिखाया गया, जिसने पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस प्रशासन की इस कथित लापरवाही और संवेदनहीनता से मजबूर होकर, ITBP के जवानों को अंततः पुलिस कमिश्नर के कार्यालय का घेराव करना पड़ा। यह स्थिति इस बात का सीधा परिणाम है कि 'जब पानी सिर से ऊपर बहता है तो सेना को उतरना ही पड़ता है'। यह घटना कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के इतिहास में अपनी तरह की पहली ऐसी घटना है, जो प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- बाराबंकी के आलापुर क्षेत्र में जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक अनिल सिंह पेशे से स्कूल वाहन चालक था और परिजनों के अनुसार वह आर्थिक परेशानियों के चलते मानसिक तनाव में था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है।4
- बेंगलुरु से एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला ₹24 करोड़ की बड़ी ठगी का शिकार हो गई है। जानकारी के अनुसार, ठगों ने इस महिला को लगभग पाँच महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुंबई समेत तीन अलग-अलग जगहों से कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1