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स्थानीय समाचार मंच 'खबरें उत्तर प्रदेश की' ने अपने पांच वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और अब वह अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर, मंच ने अपने दर्शकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

4 days ago
user_KHABREIN UTTAR PRADESH KI
KHABREIN UTTAR PRADESH KI
Newspaper publisher Sultanpur, Uttar Pradesh•
4 days ago

स्थानीय समाचार मंच 'खबरें उत्तर प्रदेश की' ने अपने पांच वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और अब वह अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर, मंच ने अपने दर्शकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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    सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया।

तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है।

इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • इस पाठ में बारंबार "जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय" का उद्घोष किया गया है, जिसके उपरांत "जय जय जय जय जय जय जय महाकाल" के जयकारे से गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की गई है।
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    इस पाठ में बारंबार "जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय" का उद्घोष किया गया है, जिसके उपरांत "जय जय जय जय जय जय जय महाकाल" के जयकारे से गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की गई है।
    user_Raju.u.p.44
    Raju.u.p.44
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सुल्तानपुर के अहिबरनपुर गाँव के निवासी श्री भगवान दिन यादव ने 111 वर्ष की आयु में, अपने नाती राधेश्याम यादव और सुरेंद्र यादव के साथ हुई एक बातचीत में बताया कि पहले कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते थे। उनकी इस चर्चा और अनुभवों को साझा करने से लोगों को बीते हुए कल की कल्पना आज के परिप्रेक्ष्य में करने का अवसर मिला।
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    सुल्तानपुर के अहिबरनपुर गाँव के निवासी श्री भगवान दिन यादव ने 111 वर्ष की आयु में, अपने नाती राधेश्याम यादव और सुरेंद्र यादव के साथ हुई एक बातचीत में बताया कि पहले कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते थे। उनकी इस चर्चा और अनुभवों को साझा करने से लोगों को बीते हुए कल की कल्पना आज के परिप्रेक्ष्य में करने का अवसर मिला।
    user_Radhe Shyam
    Radhe Shyam
    Motivational Speaker जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी। युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा। यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
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    लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी।

युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा।

यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अपनी लंबी-चौड़ी पर्सनालिटी, रौबदार मूंछों और कवच जैसी अकड़ दिखाने वाले एक व्यक्ति ने लखनऊ में एक दुकानदार पर IPS अधिकारी होने का रौब झाड़ा। उसका मकसद मात्र 40 रुपये का बन मुफ्त में खाना था, लेकिन उसकी 'गली-मोहल्लों के गुंडों वाली' हरकत ने उसे एक 'बहुत बड़े वाले फ्रॉड' के रूप में उजागर कर दिया। लखनऊ के दुकानदार, जो IAS, IPS, मंत्री और विधायक जैसे अधिकारियों को नियमित रूप से देखते हैं, उसकी चाल में नहीं फंसे और फर्जी IPS साहब 40 रुपये के चक्कर में जेल पहुंच गए। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी इस फर्जी अधिकारी ने 'मुझको सल्यूट करो' कहा, जिस पर पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि बिना वर्दी और पहचान के वे उसे सल्यूट क्यों करेंगे। आखिरकार, 40 रुपये के बन-मक्खन के लिए दिखाया गया उसका सारा फर्जी रौब और यह पूरी कहानी थाने तक पहुंच गई, जिससे उसे जेल जाना पड़ा।
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    अपनी लंबी-चौड़ी पर्सनालिटी, रौबदार मूंछों और कवच जैसी अकड़ दिखाने वाले एक व्यक्ति ने लखनऊ में एक दुकानदार पर IPS अधिकारी होने का रौब झाड़ा। उसका मकसद मात्र 40 रुपये का बन मुफ्त में खाना था, लेकिन उसकी 'गली-मोहल्लों के गुंडों वाली' हरकत ने उसे एक 'बहुत बड़े वाले फ्रॉड' के रूप में उजागर कर दिया। लखनऊ के दुकानदार, जो IAS, IPS, मंत्री और विधायक जैसे अधिकारियों को नियमित रूप से देखते हैं, उसकी चाल में नहीं फंसे और फर्जी IPS साहब 40 रुपये के चक्कर में जेल पहुंच गए।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी इस फर्जी अधिकारी ने 'मुझको सल्यूट करो' कहा, जिस पर पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि बिना वर्दी और पहचान के वे उसे सल्यूट क्यों करेंगे। आखिरकार, 40 रुपये के बन-मक्खन के लिए दिखाया गया उसका सारा फर्जी रौब और यह पूरी कहानी थाने तक पहुंच गई, जिससे उसे जेल जाना पड़ा।
    user_ABHISHEK SINGH
    ABHISHEK SINGH
    Teacher जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी भर्ती कक्ष, एक्स-रे कक्ष और प्रसव कक्ष का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, मौर्य ने अस्पताल में धीरे चल रहे पंखों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, कुछ लोगों ने एक महिला डॉक्टर के प्रतिदिन अस्पताल न आने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस मौके पर एसीएमओ डॉक्टर पी के उपाध्याय, अधीक्षक डॉक्टर सौरभ सिंह, डा आलोक तिवारी, फार्मासिस्ट मनोज पटेल, जितेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, सीओ मनोज मिश्रा, तहसील में उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी और नम्रता मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने निरीक्षण के उपरांत आवश्यक निर्देश भी दिए।
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    महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी भर्ती कक्ष, एक्स-रे कक्ष और प्रसव कक्ष का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान, मौर्य ने अस्पताल में धीरे चल रहे पंखों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, कुछ लोगों ने एक महिला डॉक्टर के प्रतिदिन अस्पताल न आने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

इस मौके पर एसीएमओ डॉक्टर पी के उपाध्याय, अधीक्षक डॉक्टर सौरभ सिंह, डा आलोक तिवारी, फार्मासिस्ट मनोज पटेल, जितेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, सीओ मनोज मिश्रा, तहसील में उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी और नम्रता मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने निरीक्षण के उपरांत आवश्यक निर्देश भी दिए।
    user_M news
    M news
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शहीदों की शहादत अप्रत्याशित रूपों में सामने आती रहती है, इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि बिहार के रहने वाले शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने भगत सिंह के साथियों को फांसी देने वाले शख्स को कुल्हाड़ी से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
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    शहीदों की शहादत अप्रत्याशित रूपों में सामने आती रहती है, इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि बिहार के रहने वाले शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने भगत सिंह के साथियों को फांसी देने वाले शख्स को कुल्हाड़ी से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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