सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
- सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- इस पाठ में बारंबार "जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय" का उद्घोष किया गया है, जिसके उपरांत "जय जय जय जय जय जय जय महाकाल" के जयकारे से गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की गई है।1
- अम्बेडकरनगर जनपद के थाना महरुआ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धरमपुर में ज्येष्ठ मास के पावन बड़े मंगल के अवसर पर राम प्रकाश राजपूत (आयुष टेंट हाउस) द्वारा एक भव्य सुंदरकांड एवं रामायण पाठ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुँचकर भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान जी की आराधना की। इस दौरान पूरे गांव का वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया, और 'जय श्रीराम' व 'जय बजरंगबली' के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं तथा उन्हें सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है। बड़े मंगल पर हनुमान जी अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। आयोजित सुंदरकांड एवं रामायण पाठ में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से सहभागिता करते हुए हनुमान जी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। उपस्थित भक्तों ने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों एवं आयोजक परिवार का विशेष योगदान रहा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक बताया।1
- सुल्तानपुर जिले के अहिबरनपुर गांव के राधेश्याम यादव अपने प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से समाज और परिवार को उपदेश देते हैं। वे मोटिवेशनल वीडियो बनाकर सभी का दिल जीत लेते हैं और उन्हें एक नया, अच्छा मार्ग दिखाने का प्रयास करते हैं। श्री संतराम यादव के पुत्र राधेश्याम यादव सोशल मीडिया पर अपने मोटिवेशनल संदेशों से सभी के दिलों पर राज करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी को प्रेरणा देना है।1
- अपनी लंबी-चौड़ी पर्सनालिटी, रौबदार मूंछों और कवच जैसी अकड़ दिखाने वाले एक व्यक्ति ने लखनऊ में एक दुकानदार पर IPS अधिकारी होने का रौब झाड़ा। उसका मकसद मात्र 40 रुपये का बन मुफ्त में खाना था, लेकिन उसकी 'गली-मोहल्लों के गुंडों वाली' हरकत ने उसे एक 'बहुत बड़े वाले फ्रॉड' के रूप में उजागर कर दिया। लखनऊ के दुकानदार, जो IAS, IPS, मंत्री और विधायक जैसे अधिकारियों को नियमित रूप से देखते हैं, उसकी चाल में नहीं फंसे और फर्जी IPS साहब 40 रुपये के चक्कर में जेल पहुंच गए। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी इस फर्जी अधिकारी ने 'मुझको सल्यूट करो' कहा, जिस पर पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि बिना वर्दी और पहचान के वे उसे सल्यूट क्यों करेंगे। आखिरकार, 40 रुपये के बन-मक्खन के लिए दिखाया गया उसका सारा फर्जी रौब और यह पूरी कहानी थाने तक पहुंच गई, जिससे उसे जेल जाना पड़ा।1
- शहीदों की शहादत अप्रत्याशित रूपों में सामने आती रहती है, इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि बिहार के रहने वाले शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने भगत सिंह के साथियों को फांसी देने वाले शख्स को कुल्हाड़ी से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।1
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ तहसील क्षेत्र के लोटिया राजस्व ग्राम में एक भूमिधरी जमीन पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। यह मामला गाटा संख्या 987 की 5 बिस्वा जमीन से जुड़ा है, जिसका बैनामा आरती पत्नी शिवबरन ने लिया था। क्रेता आरती को विपक्षी तरुण यादव पुत्र राम लखन यादव इस जमीन पर कब्जा करने से लगातार रोक रहे हैं। बताया गया है कि उक्त गाटे से करीब 500 मीटर तक विपक्षी तरुण यादव का न तो कोई भूखंड है और न ही कोई आवास; वह केवल अपनी दबंगई के बल पर क्रेता को आर्थिक और मानसिक हानि पहुँचाने का काम कर रहे हैं। हाल ही में, विपक्षी ने बीते कल रात का फायदा उठाते हुए जमीन के कुछ हिस्से पर खरपतवार से एक छप्पर बना लिया और उसके अंदर ही अंदर ईंट की दीवार भी खड़ी कर दी। इस मामले में डायल 112 की पुलिस कई बार मौके पर जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी जमीन से कब्जा हटाने से मना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उपरोक्त जमीन का धारा 24 के अंतर्गत सीमांकन भी किया जा चुका है, परंतु राजस्व निरीक्षक की लापरवाही के कारण क्रेता को अभी तक कब्जा दखल नहीं मिल पा रहा है। इस पूरी स्थिति से क्रेता आरती अत्यंत हैरान और परेशान हैं। वह न्याय की आस में दर-दर की ठोकरें खा रही हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई न्याय मिलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।2
- सुल्तानपुर शहर के व्यस्त क्षेत्र ख्वाजा कॉम्प्लेक्स के ठीक सामने स्थित एक विद्युत ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह आग लगातार बेकाबू होती जा रही है, जिससे आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और उन्हें किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना की सूचना तुरंत बिजली विभाग को दे दी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि खतरे को टाला जा सके।1