बिस्किट और टॉफी बनाने वाली Parle कंपनी का नाम हर कोई जानता है, लेकिन हाल ही में 'पारले' नाम का फायदा Parle Industries को मिल रहा है, जिसका बिस्किट-टॉफी से कोई वास्ता नहीं। बीते 15 दिनों से लगभग हर रोज इस स्टॉक में अपर सर्किट लग रहा है, जिससे इसमें पैसे लगाने वाले निवेशक जमकर कमाई कर रहे हैं। इस तूफानी तेजी का सीधा कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा है। दरअसल, Parle Industries के शेयर में यह तेजी 20 मई से शुरू हुई, जब सोशल मीडिया पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पारले की मेलोडी टॉफी का पैकेट उपहार में देते नजर आए। इस तेजी से वायरल हुए वीडियो के बाद 'मेलोडी' सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार में 'पारले' नाम से लिस्टेड Parle Industries के शेयर खरीदने की होड़ मच गई। निवेशकों ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि Melody टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसका Parle Industries से कोई संबंध नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट किए जाने के बाद से ही इस शेयर में अपर सर्किट लगने का सिलसिला शुरू हो गया, जो एक-दो दिनों को छोड़कर अब तक जारी है। 19 मई को इस शेयर का मूल्य सिर्फ 5 रुपये था, लेकिन सोमवार 8 मई को यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 9.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बीते 15 कारोबारी दिनों में Parle Industries का शेयर रॉकेट की तरह भागा है, जिसमें 87% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। इसके चलते शेयर का भाव 4.35 रुपये बढ़ा है, और मार्च महीने के अंत से अब तक यह निवेशकों का पैसा दोगुना कर चुका है, कुल 116 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।
बिस्किट और टॉफी बनाने वाली Parle कंपनी का नाम हर कोई जानता है, लेकिन हाल ही में 'पारले' नाम का फायदा Parle Industries को मिल रहा है, जिसका बिस्किट-टॉफी से कोई वास्ता नहीं। बीते 15 दिनों से लगभग हर रोज इस स्टॉक में अपर सर्किट लग रहा है, जिससे इसमें पैसे लगाने वाले निवेशक जमकर कमाई कर रहे हैं। इस तूफानी तेजी का सीधा कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा है। दरअसल, Parle Industries के शेयर में यह तेजी 20 मई से शुरू हुई, जब सोशल मीडिया पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पारले की मेलोडी टॉफी का पैकेट उपहार में देते नजर आए। इस तेजी से वायरल हुए वीडियो के बाद 'मेलोडी' सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार में 'पारले' नाम से लिस्टेड Parle Industries के शेयर खरीदने की होड़ मच गई। निवेशकों ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि Melody टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसका Parle Industries से कोई संबंध नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट किए जाने के बाद से ही इस शेयर में अपर सर्किट लगने का सिलसिला शुरू हो गया, जो एक-दो दिनों को छोड़कर अब तक जारी है। 19 मई को इस शेयर का मूल्य सिर्फ 5 रुपये था, लेकिन सोमवार 8 मई को यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 9.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बीते 15 कारोबारी दिनों में Parle Industries का शेयर रॉकेट की तरह भागा है, जिसमें 87% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। इसके चलते शेयर का भाव 4.35 रुपये बढ़ा है, और मार्च महीने के अंत से अब तक यह निवेशकों का पैसा दोगुना कर चुका है, कुल 116 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।
- बिस्किट और टॉफी बनाने वाली Parle कंपनी का नाम हर कोई जानता है, लेकिन हाल ही में 'पारले' नाम का फायदा Parle Industries को मिल रहा है, जिसका बिस्किट-टॉफी से कोई वास्ता नहीं। बीते 15 दिनों से लगभग हर रोज इस स्टॉक में अपर सर्किट लग रहा है, जिससे इसमें पैसे लगाने वाले निवेशक जमकर कमाई कर रहे हैं। इस तूफानी तेजी का सीधा कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा है। दरअसल, Parle Industries के शेयर में यह तेजी 20 मई से शुरू हुई, जब सोशल मीडिया पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पारले की मेलोडी टॉफी का पैकेट उपहार में देते नजर आए। इस तेजी से वायरल हुए वीडियो के बाद 'मेलोडी' सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार में 'पारले' नाम से लिस्टेड Parle Industries के शेयर खरीदने की होड़ मच गई। निवेशकों ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि Melody टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसका Parle Industries से कोई संबंध नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट किए जाने के बाद से ही इस शेयर में अपर सर्किट लगने का सिलसिला शुरू हो गया, जो एक-दो दिनों को छोड़कर अब तक जारी है। 19 मई को इस शेयर का मूल्य सिर्फ 5 रुपये था, लेकिन सोमवार 8 मई को यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 9.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बीते 15 कारोबारी दिनों में Parle Industries का शेयर रॉकेट की तरह भागा है, जिसमें 87% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। इसके चलते शेयर का भाव 4.35 रुपये बढ़ा है, और मार्च महीने के अंत से अब तक यह निवेशकों का पैसा दोगुना कर चुका है, कुल 116 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।1
- लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसकी अहम बैठक हो रही है। इस बैठक में गठबंधन में शामिल 23 पार्टियों के नेता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ मौजूद हैं। इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय यानी थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके के प्रतिनिधियों के शामिल होने की अटकलें थीं। ऐसा माना जा रहा था कि इंडिया ब्लॉक से डीएमके के बाहर होने के बाद टीवीके इस बैठक के माध्यम से आधिकारिक तौर पर गठबंधन में प्रवेश कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस संबंध में कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस बैठक के लिए केवल उन्हीं दलों को न्योता दिया गया है, जिनका संसद में प्रतिनिधित्व है। थलपति विजय की टीवीके संसद में प्रतिनिधित्व के इस मापदंड पर खरी नहीं उतरती, इसलिए उन्हें इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में आमंत्रित नहीं किया गया। बैठक में शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हैं। वहीं, महाराष्ट्र से ही इंडिया ब्लॉक के एक अन्य घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले मौजूद हैं। मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस से पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी के साथ-साथ राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ'ब्रायन भी शामिल हैं। सपा से अखिलेश यादव, CPM से जॉन ब्रिटास, CPI से डी राजा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से पीके कुंजलिकुट्टी, केरल कांग्रेस से जोस के मणि, आरएसपी से एनके प्रेमचंद्रन, वीसीके से टी थिरुमावलन, एमडीएमके की ओर से वाइको और आरजेडी से तेजस्वी यादव भी इस बैठक में मौजूद हैं।1
- कैरिबियाई देश डोमिनिकन रिपब्लिक के ला रोमाना शहर में रविवार, 7 जून को एक भयानक विमान हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला दिया। ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर उतरते समय एक प्राइवेट गल्फस्ट्रीम G200 जेट दुर्घटनाग्रस्त होकर आग का बड़ा गोला बन गया, जिसमें पायलट और को-पायलट दोनों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके को धुएं से भर गया। देश की राष्ट्रीय विमानन प्राधिकरण (नेशनल एविएशन अथॉरिटी) ने जानकारी दी कि डोमिनिकन रिपब्लिक के पूर्वी हिस्से में स्थित ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए इस हादसे में कुल दो लोगों की जान चली गई। बचाव टीमें तुरंत आग बुझाने में जुट गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखा कि रनवे पर प्लेन का अगला हिस्सा ऊपर उठा, जिसके बाद उसमें विस्फोट हुआ और धुएं का एक बड़ा गुबार उठा। एक अन्य वीडियो में दमकल गाड़ियां आग को नियंत्रित करने के लिए प्लेन पर पानी डालती हुई नजर आईं।2
- पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि अधिकारियों की भी सीधी जवाबदेही बनती है। इसके साथ ही, उन कोचिंग सेंटरों की भी बड़ी जिम्मेदारी है जो इस तरह के लीक को बढ़ावा देते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि जिस दिन सभी कोचिंग सेंटर बंद हो जाएँगे, उसी दिन पेपर लीक होना पूरी तरह से रुक जाएगा। यह भी बताया गया है कि हर बार जब कोई पेपर लीक होता है, तो लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।1
- कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित था।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यदि धर्मेंद्र प्रधान शनिवार तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसके विरोध में अब हर राज्य और शहर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इन प्रदर्शनों में शामिल होंगे और राजधानी दिल्ली में भी फिर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।1
- सूड रोटरी आई हॉस्पिटल मारण्डा, कांगड़ा द्वारा हिमाचल मित्र मंडल (पंजीकृत) दिल्ली के सौजन्य से एक नेत्र जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सभा के अध्यक्ष के. आर. वर्मा जी ने जानकारी दी कि इस शिविर में कुल 310 लोगों ने अपनी आँखों की जांच के लिए पंजीकरण करवाया था। गहन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी पंजीकृत रोगियों को निशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, शिविर में गंभीर नेत्र रोग और मोतियाबिंद से प्रभावित कुल 52 रोगियों का सफल ऑपरेशन किया गया। बता दें कि इस सफल आयोजन के लिए दिल्ली से 15 सदस्यीय नेत्र विशेषज्ञों की टीम शिविर में उपस्थित थी। सभा के स्थानीय एसोसिएट सदस्य श्री घनश्याम ठाकुर के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों का भी इस पूरे आयोजन में भरपूर और सफल सहयोग प्राप्त हुआ।1
- लोकसभा चुनाव के दो साल बाद विपक्षी एकजुटता को नई धार देने के मकसद से इंडिया ब्लॉक की 7वीं बैठक दिल्ली में आयोजित हुई। कांग्रेस की अगुवाई में लगभग ढाई घंटे चली इस बैठक में 25 दलों के नेताओं ने चुनावी पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर सहमति जताई। इस दौरान, नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई। यह बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और ढाई घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। इनके साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले सहित कुल 25 दलों के 34 नेता और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी उपस्थित रहे। बैठक के बाद दोपहर 3 बजे इंडिया ब्लॉक के प्रमुख दलों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में 25 दलों के नेताओं ने भाग लिया और 5 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई रिवैल्यूएशन में अनियमितताओं के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष ने इन मामलों को "देश के युवाओं के साथ धोखा" और "विश्वासघात" बताते हुए सरकार पर कड़ा प्रहार किया और इंडिया ब्लॉक की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। बैठक में बनी 5 मुख्य सहमतियां इस प्रकार हैं: 1. एसआईआर, मतदाता सूची में कथित हस्तक्षेप और चुनावों की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को जल्द से जल्द एक पत्र सौंपा जाएगा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे वोट की लूट और चुनाव में धांधली से संबंधित बताया। 2. लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े गंभीर मामलों को देखते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की सर्वसम्मति से मांग की गई। गठबंधन का मानना है कि उनके कार्यकाल में लाखों युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, जिससे वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। 3. देश की गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचारों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा, और केंद्र सरकार से इन जनहित के विषयों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया जाएगा ताकि सभी मुद्दे और सुझाव रखे जा सकें। 4. इंडिया ब्लॉक के सभी दल अब हर दो महीने में नियमित बैठकें करेंगे, जिसकी अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित होगी। 5. संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में प्रतिदिन सुबह एक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।1