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झारखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को रांची स्थित राज्य अतिथि गृह, मोराबादी में एआईसीसी झारखंड प्रभारी के. राजू से मुलाकात की। इस बैठक में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा परिसीमन को लेकर अनुसूचित जनजाति (एसटी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, उनके संवैधानिक अधिकारों तथा आरक्षित सीटों की सुरक्षा और उनमें समानुपातिक वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन, डॉ. रामचन्द्र उरांव, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, लक्ष्मीनारायण मुंडा, सेलेस्टीन कुजूर, राजेश लिंडा, शिवा कच्छप, बिनसाय मुंडा, अनिल उरांव, गोविंद टोप्पो, विनय सिंह चेरो समेत राज्य के सभी 24 जिलों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में प्रस्तावित परिसीमन से झारखंड में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर संभावित प्रभाव, संवैधानिक प्रावधानों, पूर्व के परिसीमन अनुभवों और आदिवासी हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं विधिक उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान, बंधु तिर्की ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लोकसभा में विपक्ष के नेता से मिलकर परिसीमन संबंधी अपनी चिंताओं और सुझावों से अवगत कराना चाहता है और उन्होंने एआईसीसी प्रभारी से इस बैठक की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। साथ ही, 30 अगस्त 2026 को मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाली 'आदिवासी एकता महाजुटान रैली' में राहुल गांधी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का आग्रह भी किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना ने सुझाव दिया कि भविष्य में आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 330(2) और 332(3) में आवश्यक संशोधन किए जाएं, और यदि लोकसभा तथा विधानसभा की कुल सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो एसटी और एससी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में वृद्धि होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन और डॉ. रामचन्द्र उरांव ने भी संवैधानिक एवं विधिक पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण देते हुए आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद एआईसीसी प्रभारी के. राजू ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर राहुल गांधी के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक शीघ्र कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भी माना कि अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा आवश्यक है और यदि विधानसभा एवं लोकसभा की कुल सीटों में वृद्धि होती है तो एसटी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होनी चाहिए। बैठक में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने जनगणना में सरना धर्म कोड लागू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस से इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया। बैठक के अंत में अजय तिर्की ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

4 hrs ago
user_Manish
Manish
लातेहार, लातेहार, झारखंड•
4 hrs ago

झारखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को रांची स्थित राज्य अतिथि गृह, मोराबादी में एआईसीसी झारखंड प्रभारी के. राजू से मुलाकात की। इस बैठक में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा परिसीमन को लेकर अनुसूचित जनजाति (एसटी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, उनके संवैधानिक अधिकारों तथा आरक्षित सीटों की सुरक्षा और उनमें समानुपातिक वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन, डॉ. रामचन्द्र उरांव, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, लक्ष्मीनारायण मुंडा, सेलेस्टीन कुजूर, राजेश लिंडा, शिवा कच्छप, बिनसाय मुंडा, अनिल उरांव, गोविंद टोप्पो, विनय सिंह चेरो समेत राज्य के सभी 24 जिलों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में प्रस्तावित परिसीमन से झारखंड में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर संभावित प्रभाव, संवैधानिक प्रावधानों, पूर्व के परिसीमन अनुभवों और आदिवासी हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं विधिक उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान, बंधु तिर्की ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लोकसभा में विपक्ष के नेता से मिलकर परिसीमन संबंधी अपनी चिंताओं और सुझावों से अवगत कराना चाहता है और उन्होंने एआईसीसी प्रभारी से इस बैठक की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। साथ ही, 30 अगस्त 2026 को मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाली 'आदिवासी एकता महाजुटान रैली' में राहुल गांधी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का आग्रह भी किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना ने सुझाव दिया कि भविष्य में आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 330(2) और 332(3) में आवश्यक संशोधन किए जाएं, और यदि लोकसभा तथा विधानसभा की कुल सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो एसटी और एससी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में वृद्धि होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन और डॉ. रामचन्द्र उरांव ने भी संवैधानिक एवं विधिक पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण देते हुए आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद एआईसीसी प्रभारी के. राजू ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर राहुल गांधी के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक शीघ्र कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भी माना कि अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा आवश्यक है और यदि विधानसभा एवं लोकसभा की कुल सीटों में वृद्धि होती है तो एसटी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होनी चाहिए। बैठक में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने जनगणना में सरना धर्म कोड लागू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस से इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया। बैठक के अंत में अजय तिर्की ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

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    झारखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को रांची स्थित राज्य अतिथि गृह, मोराबादी में एआईसीसी झारखंड प्रभारी के. राजू से मुलाकात की। इस बैठक में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा परिसीमन को लेकर अनुसूचित जनजाति (एसटी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, उनके संवैधानिक अधिकारों तथा आरक्षित सीटों की सुरक्षा और उनमें समानुपातिक वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन, डॉ. रामचन्द्र उरांव, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, लक्ष्मीनारायण मुंडा, सेलेस्टीन कुजूर, राजेश लिंडा, शिवा कच्छप, बिनसाय मुंडा, अनिल उरांव, गोविंद टोप्पो, विनय सिंह चेरो समेत राज्य के सभी 24 जिलों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में प्रस्तावित परिसीमन से झारखंड में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर संभावित प्रभाव, संवैधानिक प्रावधानों, पूर्व के परिसीमन अनुभवों और आदिवासी हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं विधिक उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस दौरान, बंधु तिर्की ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लोकसभा में विपक्ष के नेता से मिलकर परिसीमन संबंधी अपनी चिंताओं और सुझावों से अवगत कराना चाहता है और उन्होंने एआईसीसी प्रभारी से इस बैठक की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। साथ ही, 30 अगस्त 2026 को मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाली 'आदिवासी एकता महाजुटान रैली' में राहुल गांधी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का आग्रह भी किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना ने सुझाव दिया कि भविष्य में आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद 330(2) और 332(3) में आवश्यक संशोधन किए जाएं, और यदि लोकसभा तथा विधानसभा की कुल सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो एसटी और एससी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में वृद्धि होनी चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषिश रशीक सोरेन और डॉ. रामचन्द्र उरांव ने भी संवैधानिक एवं विधिक पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण देते हुए आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।

प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद एआईसीसी प्रभारी के. राजू ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर राहुल गांधी के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक शीघ्र कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भी माना कि अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा आवश्यक है और यदि विधानसभा एवं लोकसभा की कुल सीटों में वृद्धि होती है तो एसटी के लिए आरक्षित सीटों में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होनी चाहिए। बैठक में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने जनगणना में सरना धर्म कोड लागू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस से इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया। बैठक के अंत में अजय तिर्की ने सभी अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
    user_Manish
    Manish
    लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    4 hrs ago
  • लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप ग्राम पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र दोना की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसे 'मुफ़्त मौत का केंद्र' बताया जा रहा है। वर्षों पहले बना यह भवन अब सड़ कर गिर रहा है, बावजूद इसके 0 से 5 वर्ष के बच्चे और उनकी देखरेख करने वाली सेविका एवं सहायिका प्रत्येक दिन जान जोखिम में डालकर इस केंद्र में आ-जा रहे हैं। इस मामले पर पंचायत समिति सदस्य नीलम देवी और पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने रविवार सुबह 11:00 बजे बताया कि जर्जर भवन की शिकायत आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से संबंधित विभाग को पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल्द से जल्द इस जर्जर भवन का निर्माण कराए। वहीं, इस विषय पर स्थानीय मुखिया उषा खलखो से दूरभाष पर दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया।
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    लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप ग्राम पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र दोना की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसे 'मुफ़्त मौत का केंद्र' बताया जा रहा है। वर्षों पहले बना यह भवन अब सड़ कर गिर रहा है, बावजूद इसके 0 से 5 वर्ष के बच्चे और उनकी देखरेख करने वाली सेविका एवं सहायिका प्रत्येक दिन जान जोखिम में डालकर इस केंद्र में आ-जा रहे हैं।

इस मामले पर पंचायत समिति सदस्य नीलम देवी और पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने रविवार सुबह 11:00 बजे बताया कि जर्जर भवन की शिकायत आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से संबंधित विभाग को पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल्द से जल्द इस जर्जर भवन का निर्माण कराए। वहीं, इस विषय पर स्थानीय मुखिया उषा खलखो से दूरभाष पर दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    14 hrs ago
  • झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू शनिवार को लातेहार परिसदन पहुंचे, जहाँ अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष आफताब आलम के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मुलाकात में, आफताब आलम ने जिले में अल्पसंख्यक छात्रावास और अस्पताल की स्थापना की मांग रखी। मीडिया से बातचीत करते हुए, उपाध्यक्ष मथारू ने कहा कि आयोग जल्द ही लातेहार में जनसुनवाई आयोजित करेगा, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रख सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, रोजगार और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। आयोग मदरसों के आधुनिकीकरण, अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण और उन लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई कराने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा, जो योजनाओं से वंचित हैं।
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    झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू शनिवार को लातेहार परिसदन पहुंचे, जहाँ अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष आफताब आलम के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

इस मुलाकात में, आफताब आलम ने जिले में अल्पसंख्यक छात्रावास और अस्पताल की स्थापना की मांग रखी। मीडिया से बातचीत करते हुए, उपाध्यक्ष मथारू ने कहा कि आयोग जल्द ही लातेहार में जनसुनवाई आयोजित करेगा, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रख सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, रोजगार और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। आयोग मदरसों के आधुनिकीकरण, अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण और उन लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई कराने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा, जो योजनाओं से वंचित हैं।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    18 hrs ago
  • झारखंड के चंदवा में भाजपा ने टोरी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चंदवा के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में राज्य सरकार की कथित लापरवाही के कारण टोरी आरओबी सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो परियोजना रद्द हो सकती है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा। शाहदेव ने रेखांकित किया कि टोरी रेल ओवरब्रिज वर्षों से क्षेत्र की एक प्रमुख आवश्यकता रहा है, जिसके निर्माण से चंदवा और आसपास के लोगों को जाम, आवागमन की कठिनाइयों और दुर्घटनाओं के जोखिम से राहत मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण ही यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कालीचरण सिंह और प्रकाश राम इस परियोजना को बचाने और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भाजपा ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाती रहेगी ताकि क्षेत्र की यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द से जल्द पूरी हो सके। प्रेस वार्ता के दौरान, भाजपा नेताओं ने सरकार से मांग की कि वह भूमि अधिग्रहण सहित सभी लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर आरओबी निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे, क्योंकि यह परियोजना केवल विकास से नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ी है।
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    झारखंड के चंदवा में भाजपा ने टोरी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चंदवा के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में राज्य सरकार की कथित लापरवाही के कारण टोरी आरओबी सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो परियोजना रद्द हो सकती है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा।

शाहदेव ने रेखांकित किया कि टोरी रेल ओवरब्रिज वर्षों से क्षेत्र की एक प्रमुख आवश्यकता रहा है, जिसके निर्माण से चंदवा और आसपास के लोगों को जाम, आवागमन की कठिनाइयों और दुर्घटनाओं के जोखिम से राहत मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की उदासीनता के कारण ही यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कालीचरण सिंह और प्रकाश राम इस परियोजना को बचाने और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। भाजपा ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाती रहेगी ताकि क्षेत्र की यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द से जल्द पूरी हो सके। प्रेस वार्ता के दौरान, भाजपा नेताओं ने सरकार से मांग की कि वह भूमि अधिग्रहण सहित सभी लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर आरओबी निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे, क्योंकि यह परियोजना केवल विकास से नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ी है।
    user_संजय यादव
    संजय यादव
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    8 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले में एक घर के सामने बिजली का एक खंबा टूट गया है। यह खंबा एक चालू लाइन का हिस्सा था, जिससे बड़ा नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई दिनों पहले ही कर दी थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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    झारखंड के लातेहार जिले में एक घर के सामने बिजली का एक खंबा टूट गया है। यह खंबा एक चालू लाइन का हिस्सा था, जिससे बड़ा नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई दिनों पहले ही कर दी थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
    user_ROSHAN ORAON
    ROSHAN ORAON
    Video Creator Bariyatu, Latehar•
    3 hrs ago
  • लोहरदगा में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ उनके अभिनंदन के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग पूरे उत्साह और जोश के साथ उनके स्वागत में एकत्र हुए, जिससे यह आयोजन अत्यंत प्रभावशाली रहा।
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    लोहरदगा में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ उनके अभिनंदन के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग पूरे उत्साह और जोश के साथ उनके स्वागत में एकत्र हुए, जिससे यह आयोजन अत्यंत प्रभावशाली रहा।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • कोयंबटूर राज्य के नीलगिरी जिले में स्थित आडरली चायबगान में इन दिनों हाथियों की खुले स्थानों पर मौजूदगी से भय का आतंक मँडराने लगा है।
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    कोयंबटूर राज्य के नीलगिरी जिले में स्थित आडरली चायबगान में इन दिनों हाथियों की खुले स्थानों पर मौजूदगी से भय का आतंक मँडराने लगा है।
    user_Vijay kumar. vidhyarthi
    Vijay kumar. vidhyarthi
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    15 hrs ago
  • कांके विधायक सुरेश बैठा ने अपने पलामू प्रवास के दौरान रविवार को चंदवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक औपचारिक बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुँचाने और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श करना था। यह महत्वपूर्ण बैठक चंदवा स्थित अन्वी एजुकेशन एवं क्रिएटिव एकेडमी स्कूल के निदेशक डॉ. मनु गुप्ता के कार्यालय में आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं मुकेश सिंह, कांग्रेस यंग ब्रिगेड प्रदेश महासचिव बाबर खान और साबिर आलम ने विधायक सुरेश बैठा का शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की विचारधारा को सुदृढ़ करने तथा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने के लिए अपने-अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या मौजूद रही, और सभी ने एकजुट होकर संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
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    कांके विधायक सुरेश बैठा ने अपने पलामू प्रवास के दौरान रविवार को चंदवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक औपचारिक बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती, पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुँचाने और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श करना था।

यह महत्वपूर्ण बैठक चंदवा स्थित अन्वी एजुकेशन एवं क्रिएटिव एकेडमी स्कूल के निदेशक डॉ. मनु गुप्ता के कार्यालय में आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं मुकेश सिंह, कांग्रेस यंग ब्रिगेड प्रदेश महासचिव बाबर खान और साबिर आलम ने विधायक सुरेश बैठा का शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की विचारधारा को सुदृढ़ करने तथा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने के लिए अपने-अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या मौजूद रही, और सभी ने एकजुट होकर संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
    user_संजय यादव
    संजय यादव
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    8 hrs ago
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