Shuru
Apke Nagar Ki App…
ब्रेकिंग: अंसार उल्ला संगठन के लड़ाके साउदी अरब में घुस कर उनके भाड़े के सैनिकों आमने सामने संघर्ष कर रहे आशा है इसी सप्ताह साउदी अरब यमन के कब्जे आ जायेगा
Samiullah Khan
ब्रेकिंग: अंसार उल्ला संगठन के लड़ाके साउदी अरब में घुस कर उनके भाड़े के सैनिकों आमने सामने संघर्ष कर रहे आशा है इसी सप्ताह साउदी अरब यमन के कब्जे आ जायेगा
More news from Lucknow and nearby areas
- ब्रेकिंग: अंसार उल्ला संगठन के लड़ाके साउदी अरब में घुस कर उनके भाड़े के सैनिकों आमने सामने संघर्ष कर रहे आशा है इसी सप्ताह साउदी अरब यमन के कब्जे आ जायेगा1
- लखनऊ। रायपुर गांव में नहरिया माइनर पर पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र के रायपुर गांव के पास नहरिया माइनर पर पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि भद्रावल निवासी राजपूत द्वारा कथित रूप से पेड़ों की कटाई कराई जा रही है और कटान के बाद लकड़ी को वाहनों के जरिए मौके से हटाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ों की कटाई के लिए वैध अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेजों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मौके की जांच कर कटान की वैधता, अनुमति और लकड़ी के परिवहन की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- Report Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और थारू जनजातीय कला का उत्सव: डॉ. स्मिता तिवारी की एकल लोक कला प्रदर्शनी का भव्य समापन लखनऊ, 21 सितम्बर 2026: उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और अकादमी की सचिव डॉ. स्मिता तिवारी की थारू जनजातीय शैली पर आधारित चित्रों की भव्य 'एकल-लोक कला प्रदर्शनी' का आज समापन समारोह कैसरबाग स्थित यू.पी. प्रेस क्लब में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति, समाज और पत्रकारिता जगत की अनेक गणमान्य विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।मुख्य अतिथि महंत कमलनयन दास जी के प्रेरक विचारकार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य और मणिराम दास छावनी (अयोध्या धाम) के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का आधिकारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में महंत जी ने थारू जनजाति की कला को वैश्विक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:"भारतीय संस्कृति की जड़ें हमारी लोक परंपराओं और जनजातीय कलाओं में निहित हैं।थारू जनजाति की कला सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी आदि-संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। डॉ. स्मिता तिवारी जैसे समर्पित कलाकार जब ऐसी धरोहरों को सहेजते हैं, तो इससे न केवल लोक कलाकारों की रचनाओं को व्यापकता मिलती है, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए लोक कलाओं का संरक्षण और प्रसार आज के समय की महती आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने थारू जनजाति की अनूठी लोक संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एकल कला प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस अवसर पर उन्होंने लोक संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्र की प्राथमिकता बताया।प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, "थारू जनजाति की प्रगति और उनकी लोक संस्कृति को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। जनजातीय समाज हमारे देश की जड़ों और समृद्ध इतिहास का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार उनकी कला, संस्कृति और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"लोक कला को मिला नया आयामकृषि मंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे लोक कला के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कला प्रदर्शनी लोक कला को समाज और वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। ऐसी प्रदर्शनियाँ हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं। मंत्री जी ने प्रख्यात लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी ने अपनी उत्कृष्ट कला और लगन के माध्यम से थारू जनजाति के जनजीवन और उनकी विरासत को कैनवास पर जीवंत कर दिया है। उनकी कलाकृतियों में थारू समाज की सादगी, संघर्ष और प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव की स्पष्ट झलक मिलती है।"इस कला प्रदर्शनी में थारू जनजाति के पारंपरिक रहन-सहन, त्योहारों और लोक कलाकृतियों को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों और कला प्रेमियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशिष्ट अतिथि, यू.पी. वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (लखनऊ इकाई) के अध्यक्ष के शिव शरण सिंह ने कहा कि लोक कलाएं हमारे ग्रामीण और जनजातीय समाज का दर्पण हैं, जिन्हें मीडिया और समाज के हर वर्ग द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उ.प्र. के अध्यक्ष कलाभूषण डॉ. राजेन्द्र सिंह पुण्डीर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोक कलाकारों को हर संभव मंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अकादमी भविष्य में भी लोक संस्कृति के विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर गति देती रहेगी। आयोजक मंडल की गरिमामयी उपस्थिति समापन समारोह में उत्कर्ष ललित कला अकादमी के सलाहकार शरद शर्मा और कोषाध्यक्ष ममता दीक्षित,पूर्व जन सूचना आयुक्त नरेन्द्र श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार अमित सिंह सहित कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित थारू जनजातीय शैली के अनूठे चित्रों ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों ने कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस सफल आयोजन के लिए डॉ. स्मिता तिवारी को शुभकामनाएं दीं। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 Report Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और थारू जनजातीय कला का उत्सव: डॉ. स्मिता तिवारी की एकल लोक कला प्रदर्शनी का भव्य समापन लखनऊ, 21 सितम्बर 2026: उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार और अकादमी की सचिव डॉ. स्मिता तिवारी की थारू जनजातीय शैली पर आधारित चित्रों की भव्य 'एकल-लोक कला प्रदर्शनी' का आज समापन समारोह कैसरबाग स्थित यू.पी. प्रेस क्लब में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति, समाज और पत्रकारिता जगत की अनेक गणमान्य विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।मुख्य अतिथि महंत कमलनयन दास जी के प्रेरक विचारकार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य और मणिराम दास छावनी (अयोध्या धाम) के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का आधिकारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में महंत जी ने थारू जनजाति की कला को वैश्विक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा:"भारतीय संस्कृति की जड़ें हमारी लोक परंपराओं और जनजातीय कलाओं में निहित हैं।थारू जनजाति की कला सिर्फ चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी आदि-संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। डॉ. स्मिता तिवारी जैसे समर्पित कलाकार जब ऐसी धरोहरों को सहेजते हैं, तो इससे न केवल लोक कलाकारों की रचनाओं को व्यापकता मिलती है, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ती है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए लोक कलाओं का संरक्षण और प्रसार आज के समय की महती आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने थारू जनजाति की अनूठी लोक संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एकल कला प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस अवसर पर उन्होंने लोक संस्कृति के संरक्षण को राष्ट्र की प्राथमिकता बताया।प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, "थारू जनजाति की प्रगति और उनकी लोक संस्कृति को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। जनजातीय समाज हमारे देश की जड़ों और समृद्ध इतिहास का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार उनकी कला, संस्कृति और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"लोक कला को मिला नया आयामकृषि मंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे लोक कला के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कला प्रदर्शनी लोक कला को समाज और वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। ऐसी प्रदर्शनियाँ हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी मूल संस्कृति से जोड़ने का काम करती हैं। मंत्री जी ने प्रख्यात लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "लोक कलाकार डॉ. स्मिता तिवारी ने अपनी उत्कृष्ट कला और लगन के माध्यम से थारू जनजाति के जनजीवन और उनकी विरासत को कैनवास पर जीवंत कर दिया है। उनकी कलाकृतियों में थारू समाज की सादगी, संघर्ष और प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव की स्पष्ट झलक मिलती है।"इस कला प्रदर्शनी में थारू जनजाति के पारंपरिक रहन-सहन, त्योहारों और लोक कलाकृतियों को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया, जिसे आगंतुकों और कला प्रेमियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। विशिष्ट अतिथि, यू.पी. वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (लखनऊ इकाई) के अध्यक्ष के शिव शरण सिंह ने कहा कि लोक कलाएं हमारे ग्रामीण और जनजातीय समाज का दर्पण हैं, जिन्हें मीडिया और समाज के हर वर्ग द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्कर्ष ललित कला अकादमी, उ.प्र. के अध्यक्ष कलाभूषण डॉ. राजेन्द्र सिंह पुण्डीर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोक कलाकारों को हर संभव मंच प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अकादमी भविष्य में भी लोक संस्कृति के विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर गति देती रहेगी। आयोजक मंडल की गरिमामयी उपस्थिति समापन समारोह में उत्कर्ष ललित कला अकादमी के सलाहकार शरद शर्मा और कोषाध्यक्ष ममता दीक्षित,पूर्व जन सूचना आयुक्त नरेन्द्र श्रीवास्तव,वरिष्ठ पत्रकार अमित सिंह सहित कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित थारू जनजातीय शैली के अनूठे चित्रों ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित सभी अतिथियों ने कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस सफल आयोजन के लिए डॉ. स्मिता तिवारी को शुभकामनाएं दीं। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 85746632224
- आम्रपाली में 5 दिन पहले हुई मरम्मत फिर धंसी सड़क, हादसे का खतरा* *लखनऊ* *आम्रपाली में 5 दिन पहले हुई मरम्मत फिर धंसी सड़क, हादसे का खतरा* इंदिरानगर के लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड में आम्रपाली क्षेत्र स्थित इंद्रप्रस्थ आनंद अपार्टमेंट के सामने सड़क दोबारा धंस गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 5 दिन पहले ही यहां सड़क की मरम्मत का काम कराया गया था। सड़क को दुरुस्त किए जाने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा धंसने से लोगों में नाराजगी है। धंसे हुए हिस्से की लंबाई करीब 4 फीट और चौड़ाई करीब 2 फीट बताई जा रही है। हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मौके पर ईंटें लगाकर घेरा बना दिया है चारों तरफ रात में पलटा ठेला, बाल-बाल बचा हादसा मौके पर मौजूद दुकानदार ने बताया कि रविवार देर रात सड़क धंसने की वजह से एक ठेला भी पलट गया था। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। *PWD की सड़क, पार्षद बोले- विभाग की जिम्मेदारी* *स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क PWD के अंतर्गत आती है। लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड के पार्षद का कहना है कि सड़क PWD की है, इसलिए अब इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है।* *समीर नक़वी*4
- मैक्स हॉस्पिटल पर कार्रवाई अगर नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में ज्ञापन दिया जाएगा l1
- *क्रिकेट खेलते समय 25-साल के युवक की हार्ट-अटैक से मौत:* 5 महीने पहले हुई थी शादी, कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा था टॉस जीतकर चुनी थी बैटिंग: महवा के समलेटी गांव का रहने वाला रामराज मीणा (25) रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे गांव के ही खेल मैदान में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। मैच से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह मुस्कुराते हुए टॉस करवाता और बल्लेबाजी चुनता नजर आ रहा है। मैदान पर ही बिगड़ी तबीयत: खेल के बीच में ही रामराज को अचानक सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। हालत बिगड़ते देख उसके साथी खिलाड़ी तुरंत उसे निजी कार से महवा जिला अस्पताल लेकर भागे। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दमजयपुर के लिए किया गया रेफर: महवा अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत जयपुर हायर सेंटर के लिए रेफर कर दियारास्ते में हुई मौत: जयपुर ले जाते समय दौसा के पास रामराज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह सडन कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) बताई गई है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र लखनऊ1
- ईरान के तेहरान शहर के आसमान में एक अजीब यान दिखाई दिया लोगों का अनुमान है यह दूसरे ग्रह से आया हो सकता है अथवा कोई अमेरिकी जासूसी विमान हो सकता है1
- चिल्ड्रेन्स एकेडमी शाहपुरा कोठी में क्लासरूम के अंदर महिला शिक्षिका निशात फातिमा (26) को युवक साउद अंसारी (28), निवासी नौरंगाबाद, ने गोली मारी, लखीमपुर- चिल्ड्रेन्स एकेडमी शाहपुरा कोठी में क्लासरूम के अंदर महिला शिक्षिका निशात फातिमा (26) को युवक साउद अंसारी (28), निवासी नौरंगाबाद, ने गोली मारी, इसके बाद युवक ने खुद की कनपटी पर गोली मारकर जान दे दी, दोनों की मृत्यु की सूचना है सूत्रों के अनुसार युवक स्कूल स्टाफ नही बल्कि बाहर का था, डीएम और एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद, सवाल यह है जब स्कूल में बिना एंट्री के किसी भी अभिभावक तक को जाने की इजाजत नहीं है तो वह युवक मय हथियार कैसे स्कूल में घुस गया यह स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है और एक ज्वलंत प्रश्न यह भी अगर किसी बच्चे को गोली लग जाती तो ?1