शाहाबाद ग्राम पंचायत में घटिया निर्माण का आरोप, लोकपाल एवं अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच शाहाबाद उपखण्ड मुख्यालय की ग्राम पंचायत शाहाबाद में इन दिनों चल रहे निर्माण कार्यों पर ग्रामीणों द्वारा कई सवाल खड़े किए जा रहा है जिसमें आज लोकपाल योगेश नामदेव जी ने निर्माण की जांच की जिसमें दो कनिष्ठ अभियंता साथ रहे। गूंगा जी मन्दिर इंटरलॉकिंग और सहस्त्रेश्वेसर महादेव मन्दिर की चार दीवारी के कार्यों में कमी पाई गई जिसमें इंटरलॉकिंग कार्य में पीसीसी 2 इंच और कही कही गायब मिली एम सेंड के स्थान पर लोकल डस्ट में काम किया पाया गया। सीमेंट रेत और गिट्टी का रेशों भी कम मात्रा में मिलाया गया है। इंटरलॉकिंग की ईंटों को जांच के लिए भेजा गया है। चार दीवारी के कार्य में नींव की खुदाई करके देखा गया जिसमें नींव की गहराई 18 इंच पाई गई। नींव को बिना पीसीसी के भरा गया है। जिसमें पीसीसी करके चुनाई होना तय हुआ था। लोकल पत्थर को भर्ती किए बिना चुनाई करना पाया गया। जिससे चुनाई में गड़बड़ झाला होना पाया गया। वर्जन 1 योगेश नामदेव लोकपाल महानरेगा मौके पर दो कनिष्ठ अभियंता को लेकर पहुंचा निर्माण कार्य में बिना पीसीसी किए चार दीवारी की जा रही थी। इंटरलॉकिंग में कम सीमेंट मिला कर किया जा रहा है एम सेंड के स्थान पर डस्ट का उपयोग दोनों जगह किया जा रहा है।
शाहाबाद ग्राम पंचायत में घटिया निर्माण का आरोप, लोकपाल एवं अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच शाहाबाद उपखण्ड मुख्यालय की ग्राम पंचायत शाहाबाद में इन दिनों चल रहे निर्माण कार्यों पर ग्रामीणों द्वारा कई सवाल खड़े किए जा रहा है जिसमें आज लोकपाल योगेश नामदेव जी ने निर्माण की जांच की जिसमें दो कनिष्ठ अभियंता साथ
रहे। गूंगा जी मन्दिर इंटरलॉकिंग और सहस्त्रेश्वेसर महादेव मन्दिर की चार दीवारी के कार्यों में कमी पाई गई जिसमें इंटरलॉकिंग कार्य में पीसीसी 2 इंच और कही कही गायब मिली एम सेंड के स्थान पर लोकल डस्ट में काम किया पाया गया। सीमेंट रेत और गिट्टी का रेशों भी कम मात्रा में मिलाया गया है। इंटरलॉकिंग
की ईंटों को जांच के लिए भेजा गया है। चार दीवारी के कार्य में नींव की खुदाई करके देखा गया जिसमें नींव की गहराई 18 इंच पाई गई। नींव को बिना पीसीसी के भरा गया है। जिसमें पीसीसी करके चुनाई होना तय हुआ था। लोकल पत्थर को भर्ती किए बिना चुनाई करना पाया गया। जिससे चुनाई
में गड़बड़ झाला होना पाया गया। वर्जन 1 योगेश नामदेव लोकपाल महानरेगा मौके पर दो कनिष्ठ अभियंता को लेकर पहुंचा निर्माण कार्य में बिना पीसीसी किए चार दीवारी की जा रही थी। इंटरलॉकिंग में कम सीमेंट मिला कर किया जा रहा है एम सेंड के स्थान पर डस्ट का उपयोग दोनों जगह किया जा रहा है।
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- #anarchy राजस्थान पुलिस का हाल: इज्जत, इकबाल सब खत्म, कमजोरों और गरीबों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को दबाना और ताकतवर लोगों की चाकरी करना, यहां ईमानदार के साथ ही अन्याय हो रहा है...1
- आज का यह स्पेशल बुलेटिन हमारे लाडले बेटे अग्निवेश के चरणों में समर्पित। आत्मिक श्रद्धांजलि पुष्पांजलि शत शत नमन। आत्मक श्रद्धांजलि पुष्पांजलि शत-शत नमन। आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। मेरा अग्निवेश, बेटा 49 साल का आज हमारे बीच नहीं रहा। एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाये इससे बुरा और क्या हो सकता है। अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में skiing करने गया था। वहां accident हो गया। वो Mount Sinai Hospital, New York में ठीक हो रहा था। हमें लगा सब ठीक हो जाएगा... लेकिन अचानक cardiac arrest हो गया। और हमारा वच्चा हमें छोड़कर चला गया। 3 जून 1976 को पटना में जब अग्निवेश हमारी दुनिया में आया, वो पल आज भी आंखों के सामने है। एक middle class Bihari परिवार में जन्मा था अग्नि। तुम्हारे साथ बिताया गया हर एक पल आज बहुत याद आ रहा है बेटा। अपनी माँ का दुलारा अग्नि बचपन में बेहद चंचल और शरारती था। हमेशा हँसता, हमेशा मुस्कुराता| यारों का यार था। वो, और अपनी बहन Priya को लेकर सबसे प्रोटेक्टिव भी। उसने Mayo College, Ajmer में पढ़ाई की। बेहद strong personality थी अग्नि की - boxing champion, horse riding का शौकीन, और कमाल का musician। उसने Fujeirah Gold जैसी शानदार कंपनी खड़ी की, और Hindustan Zinc का Chairman भी बना। लेकिन इन सबसे ऊपर अग्नि बेहद simple था। हमेशा अपने friends और colleagues के बीच में ही रहता था। जिससे भी मिलता, उसे अपना बना लेता था। वो हमेशा ज़मीन से जुड़ा रहा सीधा, सच्चा, जिंदादिली और इंसानियत से भरा अग्नि का जीवन था। वो सिर्फ बेटा नहीं था - वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था, मेरी पूरी दुनिया था। मैं और किरन टूट से गए हैं। बस यही सोच रहे हैं कि हमारा बेटा तो चला गया। लेकिन जो लोग हमारे वेदांता में काम करते हैं, वो सब अग्निवेश ही तो हैं। वो सब हमारे बेटे-बेटियां हैं। मेरा और अग्नि का सपना था, हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना। वो हमेशा कहता था - "पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें?” हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई बच्चा अनपढ़ न रहे।, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, और सभी युवाओं को रोज़गार मिले। मैंने अग्निवेश से वादा किया था हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगायेंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूँ। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा। और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा। हम उन सभी मित्रों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का दिल से धन्यवाद करते हैं जो हमेशा अग्निवेश के साथ रहे। अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि। तुम्हें पूरी जिंदगी जीनी थी। कितने सपने थे, कितने अरमान थे, सब कुछ अधूरा ही रह गये। समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब ज़िन्दगी कैसे कटेगी बेटा। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा। वेदांत के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल अग्रवाल जी को इस दुख धडी में ढांढस वधारहे है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पीकर ओमबिरला गृहमंत्री अमित शाह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सड़क मंत्री नितिन गडकरी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा। हजारों डॉक्टर इंजीनियर पत्रकार सभी अनिल जी के सुपुत्र के निधन पर गाहन शोक जाता रहे हैं। और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। और परमात्मा से प्रार्थना कर रहे हैं कि अग्निवेश को अपने श्री चरणों में उचित स्थान दें। और अनिल जी के परिवार पर आए इस भीषण दुख को उन्हें सहन करने की शक्ति दे। राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हैड रमेश गांधी ने अनिल जी को सांत्वना देते हुए कहा है। कि आपका बेटा अजर है अमर है मात्र उसका शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ है। प्रदेश के करोड़ों युवकों की आश बनकर आपके साथ खड़ा है।1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- जिला झालावाड़ से होकर रायपुर सोयत आगर मालवा उज्जैन के लिए रेल लाइन मंजूरी हो चुकी है अब इसमें दृश्य देख सकते हो1
- रावतभाटा नगरपालिका ने अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए हाट चौक में दुकानों के बाहर हो रहें अतिक्रमण पर चलाया बुलडोजर। रावतभाटा नगरपालिका ने गुरुवार को सुबह 11 बजे के लमसम नगरपालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर के नेतृत्व में की बड़ी कारवाई। मुकेश नागर ने बताया कि अतिक्रमण के संबंध में पूर्व में ही विक्रेताओं को आम सूचना के माध्यम से सूचित कर दिया गया था। उसके उपरांत भी विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकान के आगे ठेले, बोर्ड, छप्पर, पलंग आदि सामान रख कर अतिक्रमण कर रखा था। जिससे मुख्य मार्ग एवं हाट चौक में बने मार्ग अवरुद्ध हो रहे थे। जिसको देखते हुए नगरपालिका प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण दल द्वारा हाट चौक में अव्यवस्थित रूप से लगी दुकाने, ठेले, छप्पर आदि के कारण सफाई कार्य करने में भी काफी असुविधा उत्पन्न हो रही थी। जिसके चलते अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन व रावतभाटा नगरपालिका जाप्ता रहा मोजूद।1
- डायनामिक मैडिटेशन1