लालसोट क्षेत्र के मोरेल डेम में प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ अमानीशाह नाले के माध्यम से डेम में पहुँच रहे प्रदूषित पानी को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि मोरेल डेम इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसके जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा डेम को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार के स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी समाधान तुरंत किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के खाली बांधों को मोरेल डेम से जोड़ने, डेम के अतिरिक्त जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और संपूर्ण सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। इस बैठक में ब्रजमोहन (आईएएस), कमलेश लोटण, जिलाध्यक्ष सुखराम बारवाल, श्याम सिंह मीणा, रामोतार जोरवाल, हेमराज सरपंच (खेमावास), कुंजीलाल नेताजी (कल्याणपुरा), चंद्र मीणा (मंडावरी), जवान सिंह, अर्जुन महर, ब्रजमोहन मीणा (नगरीयावास), विमल (पक्काधोरा), मदन (राजौर), कमलेश (नगरीयावास), राजेश (सूरतपुरा), लोकगायक मुकेश थूनिया, सुरेश (सोननदा), मुकेश नेता और शुभेंद्र (भेड़ौली) सहित आसपास व दूरदराज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मोरेल डेम की सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
लालसोट क्षेत्र के मोरेल डेम में प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ अमानीशाह नाले के माध्यम से डेम में पहुँच रहे प्रदूषित पानी को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि मोरेल डेम इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसके जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा डेम को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार के स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी समाधान तुरंत किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के खाली बांधों को मोरेल डेम से जोड़ने, डेम के अतिरिक्त जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और संपूर्ण सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। इस बैठक में ब्रजमोहन (आईएएस), कमलेश लोटण, जिलाध्यक्ष सुखराम बारवाल, श्याम सिंह मीणा, रामोतार जोरवाल, हेमराज सरपंच (खेमावास), कुंजीलाल नेताजी (कल्याणपुरा), चंद्र मीणा (मंडावरी), जवान सिंह, अर्जुन महर, ब्रजमोहन मीणा (नगरीयावास), विमल (पक्काधोरा), मदन (राजौर), कमलेश (नगरीयावास), राजेश (सूरतपुरा), लोकगायक मुकेश थूनिया, सुरेश (सोननदा), मुकेश नेता और शुभेंद्र (भेड़ौली) सहित आसपास व दूरदराज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मोरेल डेम की सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
- राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक निजी बस कोलवा थाना क्षेत्र के रेस्ट एरिया के पास एक ट्रेलर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक घटना में 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसा सुबह करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुआ, जब बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खाई में जा गिरी। खाई में गिरते ही बस के पिछले हिस्से में भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैलने लगी, जिससे ऊपरी बर्थ पर सो रहे कई यात्री नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य यात्री बस में ही फंस गए। सूचना मिलते ही कोलवा थाना पुलिस, एंबुलेंस और राहत दल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में 6 यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 की जान सिर में गंभीर चोट लगने के कारण चली गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बस के स्टोरेज बॉक्स में सिगरेट के पैकेट भरे थे, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। पुलिस ने बस और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है तथा सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर [राज्य/सरकार] ने दुख व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए, जबकि एक [अधिकारी/नेता] और पूर्व मुख्यमंत्री ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।4
- आज, दिनांक 01.07.2026 को दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर पुलिस लाइन दौसा में महिला सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कानूनी प्रावधानों और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था, ताकि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा सकें। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के अधिकारी और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) श्री योगेंद्र फौजदार RPS, वृताधिकारी साइबर थाना, वृताधिकारी नांगल और वृताधिकारी (प्रोबेशन) श्री कैलाश जी सहित अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इनमें महिला सुरक्षा एवं संवेदनशील पुलिसिंग, महिला बीट अधिकारी योजना और कालिका पेट्रोलिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने, कानूनी एवं डिजिटल जागरूकता (पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, She-Box, e-Box तथा महिला एवं बाल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी) और साइबर सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, जन-जागरूकता बढ़ाने, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, महिला सुरक्षा संबंधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त किए गए। दौसा पुलिस ने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की, और यह दोहराया कि वह महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु निरंतर जागरूकता अभियान और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से कार्य करती रहेगी।1
- गंगापुर सिटी में रेलवे स्काउट ने एक 'जल सेवक मिलन समारोह' का आयोजन किया। इस अवसर पर उन सभी व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने जल सेवा के कार्यों में अपना सहयोग दिया था।1
- बस्सी क्षेत्र स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय जीएसटी दिवस के अवसर पर एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर मदन देगडा ने जानकारी दी।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सकारात्मक पहल और राज्य सरकार के मार्गदर्शन के फलस्वरूप करौली जिले के पांचना बांध से जुड़े 20 वर्ष पुराने जल वितरण विवाद का समाधान हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिसमें जनहित को सर्वोपरि रखा गया। उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता वाला पांचना बांध लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करता है, लेकिन वर्ष 2006 के बाद से इसके कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बंद हो गया था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि नहरों में जल प्रवाह की अनुमति देने से पहले बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए। पिछले 20 वर्षों से इस गंभीर मांग को पूरा करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए थे। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम से पानी देने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत का कार्य 11.50 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया, जो अब पूरा होने वाला है। आज की समझौता वार्ता के दौरान, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बांध से पानी छोड़ने की तारीख विभाग सात दिन के भीतर तय कर लेगा और नहरी तंत्र के तकनीकी आकलन के बाद जल्द ही टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए नहरों में शीघ्र जल प्रवाह का आग्रह किया। वहीं, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग बनाए रखने के लिए सराहा। गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी इस दशकों पुरानी समस्या का समाधान करने के लिए भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना के समाधान से जुड़े पहलुओं और राज्य सरकार की कार्यवाही की जानकारी दी।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक सड़क लंबे समय से खराब हालत में है और इसमें लगातार पानी भर रहा है। इस जलभराव के कारण आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि पंचायती विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है, जिससे राहगीरों की मुश्किलें बनी हुई हैं।1
- दौसा पुलिस लाइन में 1 जुलाई, बुधवार को महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार हुए इस कार्यक्रम का लक्ष्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) योगेंद्र फौजदार सहित साइबर थाना, नांगल वृत्त तथा अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसमें महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग, पॉक्सो अधिनियम, पीओएसएच एक्ट, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, शी-बॉक्स, ई-बॉक्स और हेल्पलाइन सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की। दौसा पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रभावी पुलिसिंग और जागरूकता अभियान चलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।4
- आज दौसा नगर कांग्रेस कमेटी ने दौसा शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान नगर कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य, दौसा विधायक डी.सी. बैरवा, जिला अध्यक्ष रामजीलाल ओड सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार बांसखोह द्वारा डॉक्टर्स डे के अवसर पर बांसखोह कस्बा स्थित सीएचसी केंद्र बांसखोह में सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ का सम्मान किया गया। इस मौके पर विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार के भामाशाह समाजसेवी प्रकाश चंद जैन, कमलेश जैन, दिनेश जैन, नितेश जैन, शैलेश जैन सहित परिवार के सदस्यों ने माला पहनाकर और उपहार देकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में विमल जैन, जयप्रकाश शर्मा, राजेंद्र घीया, शंभुदयाल जांगिड़, श्रवण सैन, कन्हैयालाल मीणा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। सीएचसी केंद्र बांसखोह के प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा, डा भरत शर्मा, डॉ लेखराज शर्मा, डा पवन मीणा, डॉ किशन खंडेलवाल, नर्सिंग ऑफिसर लक्ष्मण सिंह, सुशील कुमार, सौरभ मीणा, विनोद और समस्त स्टाफ को सम्मानित किया गया। इस दौरान दिनेश जैन ने बांसखोह सीएचसी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सभी को जागरूक किया, और सभी अतिथियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सीएचसी केंद्र प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर सभी को बताया कि लगभग 4 साल पहले केंद्र में एक सोनोग्राफी मशीन लगाई गई थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण वह करीब 3 साल से बंद पड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों को इस स्थिति से अवगत कराते हुए यह जानकारी भी दी कि यदि सोनोग्राफी करने वाला डॉक्टर यहां उपलब्ध हो जाए, तो क्षेत्रवासियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकती हैं।4