दौसा पुलिस लाइन में 1 जुलाई, बुधवार को महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार हुए इस कार्यक्रम का लक्ष्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) योगेंद्र फौजदार सहित साइबर थाना, नांगल वृत्त तथा अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसमें महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग, पॉक्सो अधिनियम, पीओएसएच एक्ट, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, शी-बॉक्स, ई-बॉक्स और हेल्पलाइन सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की। दौसा पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रभावी पुलिसिंग और जागरूकता अभियान चलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दौसा पुलिस लाइन में 1 जुलाई, बुधवार को महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार हुए इस कार्यक्रम का लक्ष्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सरकारी
योजनाओं और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) योगेंद्र फौजदार सहित साइबर थाना, नांगल वृत्त तथा अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा के विभिन्न
पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसमें महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग, पॉक्सो अधिनियम, पीओएसएच एक्ट, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, शी-बॉक्स, ई-बॉक्स और हेल्पलाइन सेवाओं जैसी
महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की। दौसा पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रभावी पुलिसिंग और जागरूकता अभियान चलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- आज, दिनांक 01.07.2026 को दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर पुलिस लाइन दौसा में महिला सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कानूनी प्रावधानों और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था, ताकि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा सकें। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के अधिकारी और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) श्री योगेंद्र फौजदार RPS, वृताधिकारी साइबर थाना, वृताधिकारी नांगल और वृताधिकारी (प्रोबेशन) श्री कैलाश जी सहित अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इनमें महिला सुरक्षा एवं संवेदनशील पुलिसिंग, महिला बीट अधिकारी योजना और कालिका पेट्रोलिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने, कानूनी एवं डिजिटल जागरूकता (पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, She-Box, e-Box तथा महिला एवं बाल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी) और साइबर सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, जन-जागरूकता बढ़ाने, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, महिला सुरक्षा संबंधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त किए गए। दौसा पुलिस ने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की, और यह दोहराया कि वह महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु निरंतर जागरूकता अभियान और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से कार्य करती रहेगी।1
- विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार बांसखोह द्वारा डॉक्टर्स डे के अवसर पर बांसखोह कस्बा स्थित सीएचसी केंद्र बांसखोह में सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ का सम्मान किया गया। इस मौके पर विमला इंटरनेशनल एंड जैन आर्ट परिवार के भामाशाह समाजसेवी प्रकाश चंद जैन, कमलेश जैन, दिनेश जैन, नितेश जैन, शैलेश जैन सहित परिवार के सदस्यों ने माला पहनाकर और उपहार देकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में विमल जैन, जयप्रकाश शर्मा, राजेंद्र घीया, शंभुदयाल जांगिड़, श्रवण सैन, कन्हैयालाल मीणा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। सीएचसी केंद्र बांसखोह के प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा, डा भरत शर्मा, डॉ लेखराज शर्मा, डा पवन मीणा, डॉ किशन खंडेलवाल, नर्सिंग ऑफिसर लक्ष्मण सिंह, सुशील कुमार, सौरभ मीणा, विनोद और समस्त स्टाफ को सम्मानित किया गया। इस दौरान दिनेश जैन ने बांसखोह सीएचसी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सभी को जागरूक किया, और सभी अतिथियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी चिकित्सकों और समस्त स्टाफ ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सीएचसी केंद्र प्रभारी डॉ धर्मेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर सभी को बताया कि लगभग 4 साल पहले केंद्र में एक सोनोग्राफी मशीन लगाई गई थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण वह करीब 3 साल से बंद पड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों को इस स्थिति से अवगत कराते हुए यह जानकारी भी दी कि यदि सोनोग्राफी करने वाला डॉक्टर यहां उपलब्ध हो जाए, तो क्षेत्रवासियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकती हैं।4
- Post by Hemraj1
- लालसोट क्षेत्र के मोरेल डेम में प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ अमानीशाह नाले के माध्यम से डेम में पहुँच रहे प्रदूषित पानी को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि मोरेल डेम इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसके जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा डेम को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार के स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी समाधान तुरंत किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के खाली बांधों को मोरेल डेम से जोड़ने, डेम के अतिरिक्त जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और संपूर्ण सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। इस बैठक में ब्रजमोहन (आईएएस), कमलेश लोटण, जिलाध्यक्ष सुखराम बारवाल, श्याम सिंह मीणा, रामोतार जोरवाल, हेमराज सरपंच (खेमावास), कुंजीलाल नेताजी (कल्याणपुरा), चंद्र मीणा (मंडावरी), जवान सिंह, अर्जुन महर, ब्रजमोहन मीणा (नगरीयावास), विमल (पक्काधोरा), मदन (राजौर), कमलेश (नगरीयावास), राजेश (सूरतपुरा), लोकगायक मुकेश थूनिया, सुरेश (सोननदा), मुकेश नेता और शुभेंद्र (भेड़ौली) सहित आसपास व दूरदराज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मोरेल डेम की सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।1
- मंगलवार को लालसोट शहर की घाटी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बी.एड छात्रा खुशी सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में स्कूटी पर सवार एक अन्य छात्रा कल्पना सैनी घायल हो गई। मृतका खुशी सैनी, जो हनुमान सैनी निवासी तुंगा की पुत्री थी, और घायल कल्पना सैनी, जो जगदीश सैनी निवासी बेढ्डा की ढाणी, रामगढ़ पचवारा की पुत्री है, दोनों रामगढ़ पचवारा स्थित एक निजी बी.एड कॉलेज की छात्राएं थीं। परिजनों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों छात्राएं अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा देकर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं। लालसोट शहर की घाटी में एक बस ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे यह दुखद दुर्घटना घटी। हादसे के बाद, खुशी सैनी और कल्पना सैनी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कल्पना सैनी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की, और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।3
- दौसा पुलिस लाइन में 1 जुलाई, बुधवार को महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दौसा के जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार हुए इस कार्यक्रम का लक्ष्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला, जिसमें जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) योगेंद्र फौजदार सहित साइबर थाना, नांगल वृत्त तथा अन्य अधिकारियों ने महिला सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसमें महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग, पॉक्सो अधिनियम, पीओएसएच एक्ट, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, शी-बॉक्स, ई-बॉक्स और हेल्पलाइन सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की। दौसा पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रभावी पुलिसिंग और जागरूकता अभियान चलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।4
- आज दौसा नगर कांग्रेस कमेटी ने दौसा शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान नगर कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य, दौसा विधायक डी.सी. बैरवा, जिला अध्यक्ष रामजीलाल ओड सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अयोध्या में कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। इस फैसले का उल्लंघन करने वाले वकीलों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं; यदि कोई वकील आरोपियों का बचाव करता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। अध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग भी की जाएगी। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दृढ़ और साहसिक निर्णय के लिए अयोध्या के सभी वकीलों को हृदय से सलाम किया गया है।1
- राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कई परिवारों की खुशियां छिन गईं। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे एक ट्रेलर से टकरा गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भयंकर आग लग गई। इस दुर्घटना में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस की डिक्की में सिगरेट के बॉक्स रखे होने के कारण आग और तेजी से फैल गई। यह बस हंस ट्रेवल्स की बताई जा रही है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1