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मंगलवार को लालसोट शहर की घाटी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बी.एड छात्रा खुशी सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में स्कूटी पर सवार एक अन्य छात्रा कल्पना सैनी घायल हो गई। मृतका खुशी सैनी, जो हनुमान सैनी निवासी तुंगा की पुत्री थी, और घायल कल्पना सैनी, जो जगदीश सैनी निवासी बेढ्डा की ढाणी, रामगढ़ पचवारा की पुत्री है, दोनों रामगढ़ पचवारा स्थित एक निजी बी.एड कॉलेज की छात्राएं थीं। परिजनों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों छात्राएं अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा देकर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं। लालसोट शहर की घाटी में एक बस ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे यह दुखद दुर्घटना घटी। हादसे के बाद, खुशी सैनी और कल्पना सैनी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कल्पना सैनी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की, और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

12 hrs ago
user_Girdhari lal Sahu
Girdhari lal Sahu
लालसोट, दौसा, राजस्थान•
12 hrs ago

मंगलवार को लालसोट शहर की घाटी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बी.एड छात्रा खुशी सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में स्कूटी पर सवार एक अन्य छात्रा कल्पना सैनी घायल हो गई। मृतका खुशी सैनी, जो हनुमान सैनी निवासी तुंगा की पुत्री थी, और घायल कल्पना सैनी, जो जगदीश सैनी निवासी बेढ्डा की ढाणी, रामगढ़ पचवारा

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की पुत्री है, दोनों रामगढ़ पचवारा स्थित एक निजी बी.एड कॉलेज की छात्राएं थीं। परिजनों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों छात्राएं अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा देकर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं। लालसोट शहर की घाटी में एक बस ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे यह दुखद दुर्घटना घटी। हादसे के बाद, खुशी सैनी और कल्पना

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सैनी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कल्पना सैनी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की, और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • लालसोट क्षेत्र के मोरेल डेम में प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ अमानीशाह नाले के माध्यम से डेम में पहुँच रहे प्रदूषित पानी को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि मोरेल डेम इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसके जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा डेम को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार के स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी समाधान तुरंत किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के खाली बांधों को मोरेल डेम से जोड़ने, डेम के अतिरिक्त जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और संपूर्ण सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। इस बैठक में ब्रजमोहन (आईएएस), कमलेश लोटण, जिलाध्यक्ष सुखराम बारवाल, श्याम सिंह मीणा, रामोतार जोरवाल, हेमराज सरपंच (खेमावास), कुंजीलाल नेताजी (कल्याणपुरा), चंद्र मीणा (मंडावरी), जवान सिंह, अर्जुन महर, ब्रजमोहन मीणा (नगरीयावास), विमल (पक्काधोरा), मदन (राजौर), कमलेश (नगरीयावास), राजेश (सूरतपुरा), लोकगायक मुकेश थूनिया, सुरेश (सोननदा), मुकेश नेता और शुभेंद्र (भेड़ौली) सहित आसपास व दूरदराज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मोरेल डेम की सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
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    लालसोट क्षेत्र के मोरेल डेम में प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, किसानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जहाँ अमानीशाह नाले के माध्यम से डेम में पहुँच रहे प्रदूषित पानी को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में उपस्थित लोगों ने एकमत से कहा कि मोरेल डेम इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, और इसके जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा डेम को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार के स्तर पर प्रभावी एवं स्थायी समाधान तुरंत किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के खाली बांधों को मोरेल डेम से जोड़ने, डेम के अतिरिक्त जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और संपूर्ण सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

इस बैठक में ब्रजमोहन (आईएएस), कमलेश लोटण, जिलाध्यक्ष सुखराम बारवाल, श्याम सिंह मीणा, रामोतार जोरवाल, हेमराज सरपंच (खेमावास), कुंजीलाल नेताजी (कल्याणपुरा), चंद्र मीणा (मंडावरी), जवान सिंह, अर्जुन महर, ब्रजमोहन मीणा (नगरीयावास), विमल (पक्काधोरा), मदन (राजौर), कमलेश (नगरीयावास), राजेश (सूरतपुरा), लोकगायक मुकेश थूनिया, सुरेश (सोननदा), मुकेश नेता और शुभेंद्र (भेड़ौली) सहित आसपास व दूरदराज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर मोरेल डेम की सुरक्षा, स्वच्छ जल की उपलब्धता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मंगलवार को लालसोट शहर की घाटी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बी.एड छात्रा खुशी सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में स्कूटी पर सवार एक अन्य छात्रा कल्पना सैनी घायल हो गई। मृतका खुशी सैनी, जो हनुमान सैनी निवासी तुंगा की पुत्री थी, और घायल कल्पना सैनी, जो जगदीश सैनी निवासी बेढ्डा की ढाणी, रामगढ़ पचवारा की पुत्री है, दोनों रामगढ़ पचवारा स्थित एक निजी बी.एड कॉलेज की छात्राएं थीं। परिजनों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों छात्राएं अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा देकर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं। लालसोट शहर की घाटी में एक बस ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे यह दुखद दुर्घटना घटी। हादसे के बाद, खुशी सैनी और कल्पना सैनी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कल्पना सैनी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की, और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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    मंगलवार को लालसोट शहर की घाटी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार बी.एड छात्रा खुशी सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में स्कूटी पर सवार एक अन्य छात्रा कल्पना सैनी घायल हो गई। मृतका खुशी सैनी, जो हनुमान सैनी निवासी तुंगा की पुत्री थी, और घायल कल्पना सैनी, जो जगदीश सैनी निवासी बेढ्डा की ढाणी, रामगढ़ पचवारा की पुत्री है, दोनों रामगढ़ पचवारा स्थित एक निजी बी.एड कॉलेज की छात्राएं थीं।

परिजनों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों छात्राएं अपनी फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा देकर स्कूटी से अपने घर लौट रही थीं। लालसोट शहर की घाटी में एक बस ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे यह दुखद दुर्घटना घटी। हादसे के बाद, खुशी सैनी और कल्पना सैनी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने खुशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कल्पना सैनी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की, और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सवाई माधोपुर में 1 जुलाई को आयोजित सहकार सप्ताह के शुभारंभ और कृषक सम्मान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर काना राम ने किसानों से जैविक तथा प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी फसल सीजन में उन्नत बीज और खाद का उपयोग करने पर जोर दिया और खरीफ फसल सीजन में रासायनिक खादों की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इस अवसर पर उन्होंने सहकारी समितियों और खाद-बीज विक्रेताओं से भी जैविक खेती के उत्पाद किसानों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया। कलक्टर काना राम ने जिला तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों से अपने खाद-बीज काउंटरों पर उन्नत खाद और बीज बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बारिश के तुरंत बाद कृषि आदानों की मांग बढ़ेगी, और ऐसे माहौल में समितियों के प्रबंधकों तथा किसानों को अमानक बीज और घटिया खाद की बिक्री के प्रति सचेत रहना होगा। उन्होंने सहकारिता और कृषि अधिकारियों को सहकार सप्ताह के दौरान आम लोगों को प्रगतिशील खेती-किसानी के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवधि में सहकारी समितियां अपनी सदस्य संख्या बढ़ाएं और नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन करें। इसके अतिरिक्त, जिन सहकारी समितियों के पास कस्टम हायरिंग केंद्र खुले हैं, वहां उपलब्ध कृषि उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए सदस्य किसानों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया, जिससे समितियों के राजस्व में वृद्धि होगी और उपकरणों का सही उपयोग हो पाएगा। जिला कलक्टर ने सहकारी बैंकों के माध्यम से पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऋण लेकर घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ऋण देने की नई योजना चलाई है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपनी समितियों के माध्यम से कम-से-कम ब्याज दर पर उठाना चाहिए। समारोह के दौरान, काना राम ने प्राकृतिक खेती सहित अन्य नवाचारों के लिए क्षेत्र के तीन प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया। साथ ही, केंद्रीय जिला एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उनके अध्यक्षों और व्यवस्थापकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारी बैंकों के नए ग्राहक किसानों को एटीएम कार्ड भी वितरित किए गए और सरस डेयरी सवाई माधोपुर के उत्पादों के सूचना-पत्रक का विमोचन किया गया। सहकार सप्ताह के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक बिजेन्द्र कुमार शर्मा, सरस डेयरी के जिला प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सैन, पूर्व उपसभापति राजेश गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कार्मिक उपस्थित रहे।
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    सवाई माधोपुर में 1 जुलाई को आयोजित सहकार सप्ताह के शुभारंभ और कृषक सम्मान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर काना राम ने किसानों से जैविक तथा प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी फसल सीजन में उन्नत बीज और खाद का उपयोग करने पर जोर दिया और खरीफ फसल सीजन में रासायनिक खादों की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इस अवसर पर उन्होंने सहकारी समितियों और खाद-बीज विक्रेताओं से भी जैविक खेती के उत्पाद किसानों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

कलक्टर काना राम ने जिला तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों से अपने खाद-बीज काउंटरों पर उन्नत खाद और बीज बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में बारिश के तुरंत बाद कृषि आदानों की मांग बढ़ेगी, और ऐसे माहौल में समितियों के प्रबंधकों तथा किसानों को अमानक बीज और घटिया खाद की बिक्री के प्रति सचेत रहना होगा। उन्होंने सहकारिता और कृषि अधिकारियों को सहकार सप्ताह के दौरान आम लोगों को प्रगतिशील खेती-किसानी के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवधि में सहकारी समितियां अपनी सदस्य संख्या बढ़ाएं और नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन करें। इसके अतिरिक्त, जिन सहकारी समितियों के पास कस्टम हायरिंग केंद्र खुले हैं, वहां उपलब्ध कृषि उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए सदस्य किसानों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया, जिससे समितियों के राजस्व में वृद्धि होगी और उपकरणों का सही उपयोग हो पाएगा।

जिला कलक्टर ने सहकारी बैंकों के माध्यम से पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऋण लेकर घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ऋण देने की नई योजना चलाई है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपनी समितियों के माध्यम से कम-से-कम ब्याज दर पर उठाना चाहिए। समारोह के दौरान, काना राम ने प्राकृतिक खेती सहित अन्य नवाचारों के लिए क्षेत्र के तीन प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया। साथ ही, केंद्रीय जिला एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उनके अध्यक्षों और व्यवस्थापकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारी बैंकों के नए ग्राहक किसानों को एटीएम कार्ड भी वितरित किए गए और सरस डेयरी सवाई माधोपुर के उत्पादों के सूचना-पत्रक का विमोचन किया गया।

सहकार सप्ताह के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक बिजेन्द्र कुमार शर्मा, सरस डेयरी के जिला प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सैन, पूर्व उपसभापति राजेश गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी-कार्मिक उपस्थित रहे।
    user_Sudeep Kumar Gaur
    Sudeep Kumar Gaur
    Local News Reporter बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Ramsingh Meena
    1
    Post by Ramsingh Meena
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • दौसा पुलिस लाइन में 01.07.2026 को जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महिला सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कानूनी प्रावधानों और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था, साथ ही महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला। सभा में जिले के अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) श्री योगेंद्र फौजदार RPS, वृताधिकारी साइबर थाना, वृताधिकारी नांगल और वृताधिकारी (प्रोबेशन) श्री कैलाश जी सहित अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान महिला सुरक्षा एवं संवेदनशील पुलिसिंग, महिला बीट अधिकारी योजना व कालिका पेट्रोलिंग के प्रभावी क्रियान्वयन, और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। चर्चा के मुख्य विषयों में महिला अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधान, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, She-Box, e-Box और महिला एवं बाल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी शामिल थी। साइबर सुरक्षा के तहत महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों की रोकथाम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जन-जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता स्थापित करने, साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की, और अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए गए। दौसा पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि वे महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और महिलाओं व बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु निरंतर जागरूकता अभियान तथा प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से कार्य करती रहेगी।
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    दौसा पुलिस लाइन में 01.07.2026 को जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महिला सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक विशेष संपर्क सभा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, कानूनी प्रावधानों और संवेदनशील पुलिसिंग के प्रति जागरूक करना था, साथ ही महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक चला।

सभा में जिले के अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) श्री योगेंद्र फौजदार RPS, वृताधिकारी साइबर थाना, वृताधिकारी नांगल और वृताधिकारी (प्रोबेशन) श्री कैलाश जी सहित अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान महिला सुरक्षा एवं संवेदनशील पुलिसिंग, महिला बीट अधिकारी योजना व कालिका पेट्रोलिंग के प्रभावी क्रियान्वयन, और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। चर्चा के मुख्य विषयों में महिला अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधान, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, राजकोप सिटीजन ऐप, She-Box, e-Box और महिला एवं बाल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी शामिल थी। साइबर सुरक्षा के तहत महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों की रोकथाम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जन-जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता स्थापित करने, साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की, और अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए गए। दौसा पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि वे महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और महिलाओं व बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु निरंतर जागरूकता अभियान तथा प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से कार्य करती रहेगी।
    user_जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • नगर कांग्रेस कमेटी दौसा ने दौसा विधानसभा क्षेत्र की बुरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत की मांग को लेकर राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपा। दौसा विधायक डी.सी. बैरवा और नगर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में हुई अत्यधिक वर्षा और विभिन्न विभागों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के कारण शहर एवं विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खराब हो गई हैं। जगह-जगह गड्ढों से आमजन, वाहन चालकों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते मानसून से पहले इन सड़कों की तत्काल मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर दौसा विधायक डी.सी. बैरवा ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने दौसा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की टूटी सड़कों को आमजन के लिए परेशानी का कारण बताते हुए उनकी शीघ्र मरम्मत पर जोर दिया। विधायक बैरवा ने यह भी कहा कि उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है तथा सड़क मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पिछले दो साल से बारिश के बाद सड़कों की पैच वर्क या मरम्मत का कोई कार्य नहीं करवाया है, जबकि यह हर बारिश के मौसम के बाद किया जाता था। उन्होंने कहा कि इसी कारण दौसा शहर की सभी सड़कें, चाहे वे नगर परिषद ने बनाई हों या पीडब्ल्यूडी ने, बहुत ही जर्जर हालत में हैं और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जनहित में मजबूरीवश आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि नगर कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी। ज्ञापन कार्यक्रम में नगर कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद, वरिष्ठ कांग्रेसजन, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग का समर्थन करते हुए ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।
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    नगर कांग्रेस कमेटी दौसा ने दौसा विधानसभा क्षेत्र की बुरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत की मांग को लेकर राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपा। दौसा विधायक डी.सी. बैरवा और नगर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में हुई अत्यधिक वर्षा और विभिन्न विभागों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के कारण शहर एवं विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खराब हो गई हैं। जगह-जगह गड्ढों से आमजन, वाहन चालकों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते मानसून से पहले इन सड़कों की तत्काल मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर दौसा विधायक डी.सी. बैरवा ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने दौसा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की टूटी सड़कों को आमजन के लिए परेशानी का कारण बताते हुए उनकी शीघ्र मरम्मत पर जोर दिया। विधायक बैरवा ने यह भी कहा कि उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है तथा सड़क मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पिछले दो साल से बारिश के बाद सड़कों की पैच वर्क या मरम्मत का कोई कार्य नहीं करवाया है, जबकि यह हर बारिश के मौसम के बाद किया जाता था। उन्होंने कहा कि इसी कारण दौसा शहर की सभी सड़कें, चाहे वे नगर परिषद ने बनाई हों या पीडब्ल्यूडी ने, बहुत ही जर्जर हालत में हैं और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो जनहित में मजबूरीवश आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि नगर कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी। ज्ञापन कार्यक्रम में नगर कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद, वरिष्ठ कांग्रेसजन, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग का समर्थन करते हुए ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।
    user_पत्रकार दीपक सैनी
    पत्रकार दीपक सैनी
    Court reporter Dausa, Rajasthan•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर चला आ रहा 20 वर्ष पुराना विवाद अब हल हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिससे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए दोनों पक्षों में सौहार्दपूर्ण सहमति बनी। उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के इस बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। हालांकि, वर्ष 2006 के बाद से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह नहीं हो रहा था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए, तभी नहरों में जल प्रवाह की अनुमति दी जाए। दो दशक से चली आ रही इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए अब तक कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए थे। इस गतिरोध को दूर करने में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा निर्णायक साबित हुई। उन्होंने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम के माध्यम से पानी दिए जाने की घोषणा की थी, जिससे क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब समापन की ओर है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने आज की चर्चा के दौरान इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया। प्रेस वार्ता में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक दृष्टिकोण का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं। उन्होंने घोषणा की कि विभाग सात दिन के भीतर बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख तय करेगा, और नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन कर टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने और कमांड क्षेत्र के भीतर लिफ्ट योजना के माध्यम से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग पर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया। ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद किया और उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग, समन्वय और सौहार्द बनाए रखने के लिए सराहा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग राजस्थान जयपुर अभय कुमार सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना में उत्पन्न गतिरोध के समाधान से जुड़े सभी पहलुओं तथा राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।
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    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर चला आ रहा 20 वर्ष पुराना विवाद अब हल हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिससे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए दोनों पक्षों में सौहार्दपूर्ण सहमति बनी।

उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता के इस बांध से लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। हालांकि, वर्ष 2006 के बाद से बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह नहीं हो रहा था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए, तभी नहरों में जल प्रवाह की अनुमति दी जाए। दो दशक से चली आ रही इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए अब तक कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए थे।

इस गतिरोध को दूर करने में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा निर्णायक साबित हुई। उन्होंने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम के माध्यम से पानी दिए जाने की घोषणा की थी, जिससे क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत के लिए 11.50 करोड़ रुपए की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया, जो अब समापन की ओर है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने आज की चर्चा के दौरान इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया।

प्रेस वार्ता में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक दृष्टिकोण का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं। उन्होंने घोषणा की कि विभाग सात दिन के भीतर बांध का पानी छोड़े जाने की तारीख तय करेगा, और नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन कर टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, सिंचाई क्षेत्र को विकसित करने और कमांड क्षेत्र के भीतर लिफ्ट योजना के माध्यम से सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने की मांग पर भी शीघ्र कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से नहरों में जल प्रवाह शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया। ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद किया और उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग, समन्वय और सौहार्द बनाए रखने के लिए सराहा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग राजस्थान जयपुर अभय कुमार सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना में उत्पन्न गतिरोध के समाधान से जुड़े सभी पहलुओं तथा राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया।
    user_Sudeep Kumar Gaur
    Sudeep Kumar Gaur
    Local News Reporter बामनवास, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • 1 जुलाई को दौसा में, बांदीकुई तहसील के कोलवा क्षेत्र स्थित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक बस और ट्रेलर की भीषण भिड़ंत के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इस गंभीर सड़क हादसे के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने एक उच्चस्तरीय जांच दल का गठन करने का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, इस जांच दल में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट लालसोट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी दौसा, उपखण्ड मजिस्ट्रेट बांदीकुई और उपखण्ड मजिस्ट्रेट बसवा शामिल हैं। इसके साथ ही, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग (जो सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य सचिव भी हैं), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दौसा, और प्रभारी iRAD, एनआईसी दौसा को भी इस दल का हिस्सा बनाया गया है। जिला कलक्टर ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे दुर्घटना के कारणों, सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित लापरवाही की गहन पड़ताल करें तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
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    1 जुलाई को दौसा में, बांदीकुई तहसील के कोलवा क्षेत्र स्थित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक बस और ट्रेलर की भीषण भिड़ंत के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इस गंभीर सड़क हादसे के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने एक उच्चस्तरीय जांच दल का गठन करने का आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार, इस जांच दल में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट लालसोट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी दौसा, उपखण्ड मजिस्ट्रेट बांदीकुई और उपखण्ड मजिस्ट्रेट बसवा शामिल हैं। इसके साथ ही, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग (जो सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य सचिव भी हैं), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दौसा, और प्रभारी iRAD, एनआईसी दौसा को भी इस दल का हिस्सा बनाया गया है। जिला कलक्टर ने जांच दल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे दुर्घटना के कारणों, सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित लापरवाही की गहन पड़ताल करें तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
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