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झाँसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी फतेहपुर से गिरफ्तार कम ब्याज दर और लोन बंद कराने का दिया था झांसा, बैंक में जमा नहीं हुई रकम; प्रेमनगर थाने में दर्ज था मुकदमा झाँसी में कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कम ब्याज दर पर लोन कराने और कार लोन बंद कराने का प्रलोभन देकर रकम लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, झाँसी निवासी अभिमन्यु तिवारी ने 17 अगस्त को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, टाटा सफारी फेसलिफ्ट कार खरीदने के लिए एक्सिस बैंक से 19 लाख 32 हजार 3 रुपये का कार लोन स्वीकृत हुआ था। इसी दौरान मिजीना एसेंशियल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मोहम्मद मुस्तफीक सिद्दीकी ने कम ब्याज दर पर लोन कराने और मौजूदा लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चार किस्तों में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बदले कंपनी की पावती रसीद भी दी गई। बाद में जानकारी करने पर कथित तौर पर पता चला कि रकम बैंक में जमा नहीं की गई थी और लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव भी वास्तविक नहीं था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल की, गाली-गलौज की और रकम वापस न करने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर सिमरन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रेमनगर शेर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया।

14 hrs ago
user_Abhishek Jain
Abhishek Jain
झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

झाँसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी फतेहपुर से गिरफ्तार कम ब्याज दर और लोन बंद कराने का दिया था झांसा, बैंक में जमा नहीं हुई रकम; प्रेमनगर थाने में दर्ज था मुकदमा झाँसी में कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कम ब्याज दर पर लोन कराने और कार लोन बंद कराने का प्रलोभन देकर रकम लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, झाँसी निवासी अभिमन्यु तिवारी ने 17 अगस्त को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, टाटा सफारी फेसलिफ्ट कार खरीदने के लिए एक्सिस बैंक से 19 लाख 32 हजार 3 रुपये का कार लोन स्वीकृत हुआ था। इसी दौरान मिजीना एसेंशियल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मोहम्मद मुस्तफीक सिद्दीकी ने कम ब्याज दर पर लोन कराने और मौजूदा लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चार किस्तों में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बदले कंपनी की पावती रसीद भी दी गई। बाद में जानकारी करने पर कथित तौर पर पता चला कि रकम बैंक में जमा नहीं की गई थी और लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव भी वास्तविक नहीं था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल की, गाली-गलौज की और रकम वापस न करने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर सिमरन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रेमनगर शेर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया।

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    user_Abhishek Jain
    Abhishek Jain
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • डॉ. संदीप सरावगी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की भव्य शोभायात्रा में की सहभागिता, सामाजिक समरसता का दिया संदेश
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    user_Bablu Ramaiya
    Bablu Ramaiya
    Photographer झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बहन के हत्यारे दे रहे जान से मारने की धमकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण जान माल की सुरक्षा के लिए आईजी को दिया प्रार्थना पत्र
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    user_Pramendra singh
    Pramendra singh
    Movie studio झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • झांसी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेजके लिए लाखों रुपए बजट पास होने पर भी यह हाल है कि मरीजों को कंधे पर ले जाना पड़ता है तीमारदारों को
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    user_Omprakash Parihar
    Omprakash Parihar
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बरका में दो लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पति सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय साधना की शादी 17 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के फरदुआ निवासी राजीव कुशवाहा से हुई थी। शादी में पिता ने साढ़े तीन लाख रुपए नकद, प्लेटिना मोटरसाइकिल और गृहस्थी का सामान दिया था। आरोप है कि शादी के पांच-छह महीने बाद पति नटी उर्फ राजीव, जेठानी बिन्ना, सास गुड्डी और ससुर बहादुर सिंह दो लाख रुपए की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और खाना नहीं देने का आरोप है। पीड़िता के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को पति जेवर अपने पास रखकर उसे मायके छोड़ गया और दो लाख रुपए मिलने तक साथ रखने से इनकार कर दिया। मंगलवार 27 अक्टूबर को पीड़िता ने पिता के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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    पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बरका में दो लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पति सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय साधना की शादी 17 अप्रैल 2024 को भिंड जिले के फरदुआ निवासी राजीव कुशवाहा से हुई थी। शादी में पिता ने साढ़े तीन लाख रुपए नकद, प्लेटिना मोटरसाइकिल और गृहस्थी का सामान दिया था। आरोप है कि शादी के पांच-छह महीने बाद पति नटी उर्फ राजीव, जेठानी बिन्ना, सास गुड्डी और ससुर बहादुर सिंह दो लाख रुपए की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और खाना नहीं देने का आरोप है।
पीड़िता के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को पति जेवर अपने पास रखकर उसे मायके छोड़ गया और दो लाख रुपए मिलने तक साथ रखने से इनकार कर दिया। मंगलवार 27 अक्टूबर को पीड़िता ने पिता के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* *रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?* *दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। *काली रात में सफेद रेत का कारोबार!* रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं? *वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग* सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। *अब कार्रवाई का इंतजार* सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे? *सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* *रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?* *दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। *काली रात में सफेद रेत का कारोबार!* रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं? *वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग* सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। *अब कार्रवाई का इंतजार* सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे?
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    *सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल*

*रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?*

*दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
*काली रात में सफेद रेत का कारोबार!*
रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं?
*वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग*
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
*अब कार्रवाई का इंतजार*
सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।

बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे?
*सेवड़ा में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल*
*रात के अंधेरे में रेत के कारोबार की चर्चा, नए थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल; प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?*
*दतिया*। दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आरोप हैं कि रात के अंधेरे में रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है और रेत माफिया खुलेआम नियमों को चुनौती दे रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नए थाना प्रभारी के कार्यकाल में कथित अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियां सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पर प्रभावी रोक कब लगेगी? हालांकि, थाना प्रभारी के संरक्षण में उत्खनन होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
*काली रात में सफेद रेत का कारोबार!*
रात के अंधेरे में रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें यदि सही हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी के लिए गंभीर चुनौती है। सवाल यह भी है कि खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं? क्या संबंधित विभागों को इन गतिविधियों की जानकारी है, या फिर कार्रवाई के अभाव में कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं?
*वायरल वीडियो की जांच और कार्रवाई की मांग*
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की सत्यता, स्थान और समय की जांच किया जाना आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्र में रेत का उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभागों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
*अब कार्रवाई का इंतजार*
सेवड़ा क्षेत्र में रेत के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं। वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
बड़ा सवाल यह है कि यदि सेवड़ा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन हो रहा है, तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है और संबंधित विभाग इस पर कब कार्रवाई करेंगे?
    user_Abnish Dubey
    Abnish Dubey
    Court reporter दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • झाँसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी फतेहपुर से गिरफ्तार कम ब्याज दर और लोन बंद कराने का दिया था झांसा, बैंक में जमा नहीं हुई रकम; प्रेमनगर थाने में दर्ज था मुकदमा झाँसी में कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कम ब्याज दर पर लोन कराने और कार लोन बंद कराने का प्रलोभन देकर रकम लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, झाँसी निवासी अभिमन्यु तिवारी ने 17 अगस्त को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, टाटा सफारी फेसलिफ्ट कार खरीदने के लिए एक्सिस बैंक से 19 लाख 32 हजार 3 रुपये का कार लोन स्वीकृत हुआ था। इसी दौरान मिजीना एसेंशियल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मोहम्मद मुस्तफीक सिद्दीकी ने कम ब्याज दर पर लोन कराने और मौजूदा लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चार किस्तों में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बदले कंपनी की पावती रसीद भी दी गई। बाद में जानकारी करने पर कथित तौर पर पता चला कि रकम बैंक में जमा नहीं की गई थी और लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव भी वास्तविक नहीं था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल की, गाली-गलौज की और रकम वापस न करने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर सिमरन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रेमनगर शेर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया।
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    झाँसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी फतेहपुर से गिरफ्तार

कम ब्याज दर और लोन बंद कराने का दिया था झांसा, बैंक में जमा नहीं हुई रकम; 

प्रेमनगर थाने में दर्ज था मुकदमा

झाँसी में कार लोन फोरक्लोज कराने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कम ब्याज दर पर लोन कराने और कार लोन बंद कराने का प्रलोभन देकर रकम लेने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, झाँसी निवासी अभिमन्यु तिवारी ने 17 अगस्त को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, टाटा सफारी फेसलिफ्ट कार खरीदने के लिए एक्सिस बैंक से 19 लाख 32 हजार 3 रुपये का कार लोन स्वीकृत हुआ था। इसी दौरान मिजीना एसेंशियल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मोहम्मद मुस्तफीक सिद्दीकी ने कम ब्याज दर पर लोन कराने और मौजूदा लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव दिया।

आरोप है कि आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चार किस्तों में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बदले कंपनी की पावती रसीद भी दी गई। बाद में जानकारी करने पर कथित तौर पर पता चला कि रकम बैंक में जमा नहीं की गई थी और लोन फोरक्लोज कराने का प्रस्ताव भी वास्तविक नहीं था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने टालमटोल की, गाली-गलौज की और रकम वापस न करने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर सिमरन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रेमनगर शेर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को जनपद फतेहपुर से गिरफ्तार किया।
    user_Abhishek Jain
    Abhishek Jain
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • झांसी के मऊरानीपुर से शिकायत : मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिजन पहुंचे SSP कार्यालय मऊरानीपुर से शिकायत : मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिजन पहुंचे SSP कार्यालय झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र से एक शिकायत से जुड़ा मामला सामने आया है, जो अब SSP कार्यालय तक पहुंच गया है। प्राप्त प्रार्थना पत्र के अनुसार, ग्राम कुरेचा स्थित एक मंदिर में पुजारी के रूप में बताए जा रहे एक व्यक्ति पर, एक नाबालिग बच्चे के साथ कथित गलत हरकत के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में उल्लेखित हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली, जिसके बाद वे न्याय की गुहार लेकर झांसी SSP कार्यालय पहुंचे हैं। अब इस पूरे मामले में कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच से ही मिलेगा - पहला सवाल - क्या परिजनों द्वारा दी गई शिकायत पर विधि अनुसार FIR और अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई है? दूसरा सवाल - क्या इस संवेदनशील मामले में नाबालिग का बयान और नियमानुसार जांच की प्रक्रिया अपनाई गई है? तीसरा सवाल - क्या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं? हम यहां स्पष्ट कर दें, किसी व्यक्ति पर आरोप लगना और आरोप का सिद्ध होना, दोनों अलग-अलग विषय हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और साक्ष्य जरूरी हैं। यह खबर किसी की आस्था पर सवाल नहीं है। यह खबर एक परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी ओर से न्याय की मांग की सूचना मात्र है। हमारा उद्देश्य पुलिस प्रशासन तक उनकी बात पहुंचाना है। हम किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय है। हम उम्मीद करते हैं कि पुलिस POCSO एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत, तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करेगी और बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखेगी। इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई क्या रहती है, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी। इस वीडियो में दी गई सभी जानकारी पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और उनके कथन पर आधारित है। हम किसी व्यक्ति, मंदिर या संस्था के विरुद्ध कोई दावा नहीं कर रहे हैं। जांच जारी है।
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    झांसी के मऊरानीपुर से शिकायत : मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिजन पहुंचे SSP कार्यालय 
मऊरानीपुर से शिकायत : मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, पीड़ित परिजन पहुंचे SSP कार्यालय 
झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र से एक शिकायत से जुड़ा मामला सामने आया है, जो अब SSP कार्यालय तक पहुंच गया है।
प्राप्त प्रार्थना पत्र के अनुसार, ग्राम कुरेचा स्थित एक मंदिर में पुजारी के रूप में बताए जा रहे एक व्यक्ति पर, एक नाबालिग बच्चे के साथ कथित गलत हरकत के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में उल्लेखित हैं।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली, जिसके बाद वे न्याय की गुहार लेकर झांसी SSP कार्यालय पहुंचे हैं।
अब इस पूरे मामले में कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच से ही मिलेगा -
पहला सवाल - क्या परिजनों द्वारा दी गई शिकायत पर विधि अनुसार FIR और अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई है?
दूसरा सवाल - क्या इस संवेदनशील मामले में नाबालिग का बयान और नियमानुसार जांच की प्रक्रिया अपनाई गई है?
तीसरा सवाल - क्या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं?
हम यहां स्पष्ट कर दें, किसी व्यक्ति पर आरोप लगना और आरोप का सिद्ध होना, दोनों अलग-अलग विषय हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और साक्ष्य जरूरी हैं।
यह खबर किसी की आस्था पर सवाल नहीं है। यह खबर एक परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और उनकी ओर से न्याय की मांग की सूचना मात्र है। हमारा उद्देश्य पुलिस प्रशासन तक उनकी बात पहुंचाना है।
हम किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय है। हम उम्मीद करते हैं कि पुलिस POCSO एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत, तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करेगी और बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखेगी।
इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई क्या रहती है, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
इस वीडियो में दी गई सभी जानकारी पीड़ित परिवार द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और उनके कथन पर आधारित है। हम किसी व्यक्ति, मंदिर या संस्था के विरुद्ध कोई दावा नहीं कर रहे हैं। जांच जारी है।
    user_प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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