जसवंतनगर में बिजली कटौती से परेशान किसानों ने मंगलवार को कछपुरा फीडर का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का गुस्सा इस बात पर फूटा कि 33/11 बलरई फीडर से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही थी, जबकि सरकारी आदेशों के बावजूद 10 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे पूरे नहीं हो रहे थे, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं। किसानों ने आरोप लगाया कि कछपुरा फीडर से कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसके कारण उड़द, मूंग और मक्का जैसी जायद की फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी हैं। उनका कहना था कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है और बिजली विभाग सिर्फ कागजी दावे कर रहा है। नगला सलहदी, नगला तौर, घुरा, जाखन, सरामई और कछपुरा सहित लगभग एक दर्जन गांवों के 100 से अधिक किसान फीडर पर जमा हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की। इस घेराव के दौरान किसानों की जेई रघुनाथ से तीखी बहस भी हुई। किसान राहुल, जयसिंह, लव किशोर, अवनीश, अंजू और राजकिशोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल थे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस पूरे मामले पर एसडीओ विद्युत आनंदपाल सिंह ने अपनी बात रखते हुए बताया कि जल निगम विभाग द्वारा फीडर के पास जेसीबी से खुदाई की जा रही थी, जिसके चलते केबल कट गई और आपूर्ति बाधित हो गई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6 बजे तक दूसरी केबल डालकर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। एसडीओ के अनुसार, किसानों की नाराजगी का मुख्य कारण सिंचाई न हो पाना ही था।
जसवंतनगर में बिजली कटौती से परेशान किसानों ने मंगलवार को कछपुरा फीडर का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का गुस्सा इस बात पर फूटा कि 33/11 बलरई फीडर से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही थी, जबकि सरकारी आदेशों के बावजूद 10 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे पूरे नहीं हो रहे थे, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं। किसानों ने आरोप लगाया कि कछपुरा फीडर से कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसके कारण उड़द, मूंग और मक्का जैसी जायद की फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी हैं। उनका कहना था कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है और बिजली विभाग सिर्फ कागजी दावे कर रहा है। नगला सलहदी, नगला तौर, घुरा, जाखन, सरामई और कछपुरा सहित लगभग एक दर्जन गांवों के 100 से अधिक किसान फीडर पर जमा हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की। इस घेराव के दौरान किसानों की जेई रघुनाथ से तीखी बहस भी हुई। किसान राहुल, जयसिंह, लव किशोर, अवनीश, अंजू और राजकिशोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल थे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस पूरे मामले पर एसडीओ विद्युत आनंदपाल सिंह ने अपनी बात रखते हुए बताया कि जल निगम विभाग द्वारा फीडर के पास जेसीबी से खुदाई की जा रही थी, जिसके चलते केबल कट गई और आपूर्ति बाधित हो गई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6 बजे तक दूसरी केबल डालकर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। एसडीओ के अनुसार, किसानों की नाराजगी का मुख्य कारण सिंचाई न हो पाना ही था।
- एटा जिले में आगामी ईद और गंगा दशहरा के पर्वों को ध्यान में रखते हुए, एसएसपी ने विशेष और कड़े इंतजाम किए हैं। यह जानकारी संवाददाता रोहित कुमार की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।4
- इटावा में डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं के लिए डीबीए सभागार में एक मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, जहाँ सैकड़ों अधिवक्ताओं ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से, विभिन्न बीमारियों के लिए एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अधिवक्ताओं का परीक्षण किया। इस मेडिकल कैंप का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला जज रजत सिंह जैन ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार, अपर जिला जज द्वितीय संजय कुमार, अपर जिला जज तृतीय आलोक कुमार श्रीवास्तव, ईसी एक्ट जज अंकुर शर्मा, अपर जिला जज अश्वनी कुमार और अपर जिला जज बारह अशोक कुमार दुबे सहित अन्य अतिथि भी उपस्थित रहे। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नितिन तिवारी और कोषाध्यक्ष प्रभाकर त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान, जिला जज ने स्वास्थ्य शिविर में तैनात डॉक्टर्स की टीम से मुलाकात की, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.के. सिंह भी मौजूद थे। जिला बार के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कार्यकारिणी के सदस्यों सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने इस मेडिकल कैंप में अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उन्होंने डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद दवाएं भी प्राप्त कीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद तिवारी, राकेश वर्मा, राजुल शुक्ला, अनूप शर्मा, राना यादव, अमित नारायण पांडे, अजय द्विवेदी, श्याम चौधरी, जयंत मिश्रा, सीपू चौधरी, आदित्य मोहन शर्मा, मोहम्मद नईम, रविंद्र सिंह दुबे, रविंद्र सिंह चौहान, निषेसकांत सिंह, अवधेश तिवारी, दयाशंकर शुक्ल, विमल तिवारी, अंशुल पांडे, रीना यादव, विकास रावत, विकास दिवाकर, अनिल वर्मा, विनोद शर्मा, राकेश चंद्र त्रिपाठी, उम्मेद यादव, विनीत दीक्षित, सनी यादव, हिमांशु यादव, अनिल कुमार, हेमंत तिवारी, राजीव चंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र पाल सिंह यादव, फेरी सिंह और मीडिया प्रभारी प्रवक्ता अमित तिवारी भी मौजूद रहे।1
- इटावा के सिविल लाइन थाने में पीस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जय जवान जय किसान लोक शक्ति संगठन इटावा के कई पदाधिकारी सम्मिलित हुए। इस बैठक में विकास अग्रवाल, अमित पटेल, अनवर, आशीष कुमार और अमरनाथ जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- Post by Ramnaresh vishwkarma1
- इटावा के महेवा स्थित नेशनल हाईवे 19 (NH19) पर हुए एक सड़क हादसे में नवविवाहित जोड़े सहित पांच लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। बताया गया है कि यह नवविवाहित जोड़ा जालौन से शादी करके पंजाब जा रहा था। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने कार के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें एक लेडीज पार्क में छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। जानकारी के अनुसार, यह विवाद किसी पुराने मसले को लेकर शुरू हुआ था। इस दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को लात-घूंसों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे पार्क में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई और हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- जसवंतनगर में बिजली कटौती से परेशान किसानों ने मंगलवार को कछपुरा फीडर का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का गुस्सा इस बात पर फूटा कि 33/11 बलरई फीडर से निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही थी, जबकि सरकारी आदेशों के बावजूद 10 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे पूरे नहीं हो रहे थे, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं। किसानों ने आरोप लगाया कि कछपुरा फीडर से कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसके कारण उड़द, मूंग और मक्का जैसी जायद की फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी हैं। उनका कहना था कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है और बिजली विभाग सिर्फ कागजी दावे कर रहा है। नगला सलहदी, नगला तौर, घुरा, जाखन, सरामई और कछपुरा सहित लगभग एक दर्जन गांवों के 100 से अधिक किसान फीडर पर जमा हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित आपूर्ति की मांग की। इस घेराव के दौरान किसानों की जेई रघुनाथ से तीखी बहस भी हुई। किसान राहुल, जयसिंह, लव किशोर, अवनीश, अंजू और राजकिशोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल थे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्धारित समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस पूरे मामले पर एसडीओ विद्युत आनंदपाल सिंह ने अपनी बात रखते हुए बताया कि जल निगम विभाग द्वारा फीडर के पास जेसीबी से खुदाई की जा रही थी, जिसके चलते केबल कट गई और आपूर्ति बाधित हो गई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6 बजे तक दूसरी केबल डालकर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। एसडीओ के अनुसार, किसानों की नाराजगी का मुख्य कारण सिंचाई न हो पाना ही था।1
- जनपद इटावा को ऑरेंज जोन घोषित कर दिया गया है। इस घोषणा के संबंध में, व्यापारी रविकांत दीक्षित ने गौवंश के लिए नांद आदि की व्यवस्था करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से इस भीषण गर्मी में किसी भी बेजुबान जानवर को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।1
- आगरा जिले में एक सरकारी नल का घेरा अब तक नहीं बन पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों ने मांग की है कि इस सरकारी नल के चारों ओर तुरंत एक घेरा बनवाया जाए।1