दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। दूनी सेक्टर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संथली द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत 88.08 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। संथली ने जुलाई 2025 में राज्यस्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया था। इसके बाद अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना संस्थान की निरंतर प्रगति और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सफलता संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, उत्कृष्ट टीमवर्क और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प का परिणाम है। प्रमाणन प्राप्त करने के बाद भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों का निरंतर पालन करना आवश्यक है। ब्लॉक क्वालिटी टीम के खेमराज चौधरी ने बताया कि इस उपलब्धि में सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी, बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी, दूनी अस्पताल प्रभारी डॉ. सतीश जोहरवाल तथा ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रणजीत सिंह का मार्गदर्शन एवं नर्सिंग आफिसर खेमराज चौधरी, राकेश नामा, चंद्र प्रकाश मीणा तथा फार्मासिस्ट भगवान स्वरूप माहेश्वरी का सहयोग एवं संथली की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सुनीता गौड़, प्रसाविका प्रेम राठौड़ एवं आशा सहयोगिनी रामघणी देवी सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई। यह उपलब्धि न केवल संथली बल्कि पूरे देवली उपखंड के लिए गर्व का विषय है। इससे भविष्य में आमजन को और बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रेरणा मिलेगी।
दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। दूनी सेक्टर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संथली द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत 88.08 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। संथली ने जुलाई 2025 में राज्यस्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया था। इसके बाद अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना संस्थान की निरंतर प्रगति और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सफलता संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, उत्कृष्ट टीमवर्क और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प का परिणाम है। प्रमाणन प्राप्त करने के बाद भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों का निरंतर पालन करना आवश्यक है। ब्लॉक क्वालिटी टीम के खेमराज चौधरी ने बताया कि इस उपलब्धि में सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी, बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी, दूनी अस्पताल प्रभारी डॉ. सतीश जोहरवाल तथा ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रणजीत सिंह का मार्गदर्शन एवं नर्सिंग आफिसर खेमराज चौधरी, राकेश नामा, चंद्र प्रकाश मीणा तथा फार्मासिस्ट भगवान स्वरूप माहेश्वरी का सहयोग एवं संथली की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सुनीता गौड़, प्रसाविका प्रेम राठौड़ एवं आशा सहयोगिनी रामघणी देवी सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई। यह उपलब्धि न केवल संथली बल्कि पूरे देवली उपखंड के लिए गर्व का विषय है। इससे भविष्य में आमजन को और बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रेरणा मिलेगी।
- दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। दूनी सेक्टर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संथली द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत 88.08 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। संथली ने जुलाई 2025 में राज्यस्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया था। इसके बाद अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना संस्थान की निरंतर प्रगति और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सफलता संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, उत्कृष्ट टीमवर्क और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प का परिणाम है। प्रमाणन प्राप्त करने के बाद भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों का निरंतर पालन करना आवश्यक है। ब्लॉक क्वालिटी टीम के खेमराज चौधरी ने बताया कि इस उपलब्धि में सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी, बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी, दूनी अस्पताल प्रभारी डॉ. सतीश जोहरवाल तथा ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रणजीत सिंह का मार्गदर्शन एवं नर्सिंग आफिसर खेमराज चौधरी, राकेश नामा, चंद्र प्रकाश मीणा तथा फार्मासिस्ट भगवान स्वरूप माहेश्वरी का सहयोग एवं संथली की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सुनीता गौड़, प्रसाविका प्रेम राठौड़ एवं आशा सहयोगिनी रामघणी देवी सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई। यह उपलब्धि न केवल संथली बल्कि पूरे देवली उपखंड के लिए गर्व का विषय है। इससे भविष्य में आमजन को और बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रेरणा मिलेगी।1
- बैंक ऑफ़ बड़ौदा का महिला स्वयं सहायता समूह ऋण वितरण शिविर हुआ आयोजित बूंदी मे बैंक ऑफ़ बड़ौदा का महिला स्वयं सहायता समूह ऋण वितरण शिविर शहर के गणगौर रिसोर्ट में सशक्त नारी सशक्त समाज के धय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम बैंक ऑफ़ बड़ौदा कोटा क्षेत्र जयपुर अंचल द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपना उद्योग लगाने एवं कार्य करने तथा कार्य को आगे बढ़ाने के लिए करीबन 5 करोड रुपए के ऋण वितरित किए गए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बैंक ऑफ़ बड़ौदा की महा प्रबंधक एवं राजस्थान प्रमुख सुश्री परिमिता मिश्रा रही, अध्यक्षता कोटा रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम में कोटा रीजन में संचालित महिला सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रही।4
- उनियारा विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा एवं बाल कानून की जानकारी देते अधिकारी समाचार उनियारा, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के निर्देशानुसार मंगलवार को तालुका विधिक सेवा समिति, उनियारा की ओर से क्षेत्र के तीन राजकीय विद्यालयों में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे कार्यक्रम के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इनमें विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार, बाल संरक्षण, सुरक्षित विद्यालय वातावरण और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के तहत तालुका अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दीपक कुमार सोनी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ढिकोलिया में विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित विद्यालय भवन, स्वच्छ परिसर, योग्य शिक्षक तथा भेदभाव एवं शारीरिक दंड से सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया। इसी क्रम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबा परवीन कागजी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ककोड़ में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, उनके कर्तव्यों और बाल संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम जग्रवाल ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेठा में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार एवं विद्यालय परिसर में सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस दौरान पीएलवी चंचल गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी शिविरों में विद्यार्थियों को विद्यालय भवन में दरारें, खुले बिजली के तार, दूषित पेयजल सहित अन्य असुरक्षित परिस्थितियों से होने वाले खतरों के बारे में बताया गया। साथ ही किसी समस्या या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को आपातकालीन सहायता के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 तथा निःशुल्क विधिक सहायता के लिए 15100 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति सजग बनाना रहा।4
- सावर में सरकारी स्कूल की दीवार तोड़कर अन्दर घुसा टेलर किसी भी प्रकार की जन हानि नहीं हुई1
- 80 लाख की सफाई मशीन बनी कबाड़! नगर परिषद सवाई माधोपुर में सरकारी धन की बर्बादी पर उठे सवाल सवाई माधोपुर। शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद सवाई माधोपुर द्वारा खरीदी गई स्वीपिंग मशीन (सड़क सफाई मशीन) अब खुद बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। करीब 80 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2021-22 में खरीदी गई यह मशीन नगर परिषद परिसर में कबाड़ जैसी स्थिति में खड़ी दिखाई दे रही है। शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई इस मशीन का वर्तमान में समुचित उपयोग नहीं होने से सरकारी धन के सदुपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय है कि आखिर इतनी महंगी मशीन खरीदने के बाद इसके रखरखाव और नियमित संचालन की जिम्मेदारी किसकी है? सरकार बदली, मशीन की सुध लेने वाला कोई नहीं! मशीन की मौजूदा स्थिति को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नगर परिषद के पास इसके संचालन और रखरखाव की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है? यदि मशीन खराब है तो उसे दुरुस्त करवाकर दोबारा उपयोग में क्यों नहीं लिया जा रहा? वहीं, यदि मशीन उपयोग के योग्य है तो उसे सफाई कार्य में क्यों नहीं लगाया जा रहा है? जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए शहरवासियों के मन में सवाल है कि करीब 80 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई इस मशीन का अब तक कितना उपयोग हुआ और इसके रखरखाव पर कितना खर्च किया गया? क्या नगर परिषद ने मशीन की उपयोगिता और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की है? नगर परिषद प्रशासन को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही मशीन की वर्तमान हालत, उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी तथा सरकारी धन के उपयोग को लेकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि जनता के पैसे से खरीदे गए संसाधन यूं ही बर्बाद न हों।1
- आमजन का पुलिस में विश्वास पैदा करना मेरा प्रथम लक्ष्य: तेजस्विनी। एक दिन पूर्व ट्रैफिक पुलिस के सिपाही द्वारा आम नागरिक से गाली गलौज करने के वीडियो को गंभीरता से लेते हुए शहर पुलिस कप्तान तेजस्विनी गौतम ने ट्रैफिक के सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।1
- चौथ का बरवाड़ा में करवा चौथ कल, चौथ माता के दरबार में उमड़ेगा सुहागिनों का सैलाब करवा चौथ कल, चौथ माता के दरबार में उमड़ेगा सुहागिनों का सैलाब! महिलाएं चौथ माता के दर्शन कर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की करेंगी कामना। चौथ माता ट्रस्ट और ग्राम पंचायत प्रशासन तैयारियों में जुटे, कोटा के कलाकार फूलों से सजाएंगे मंदिर। ट्रस्ट की ओर से माता को लगेगा छप्पन भोग, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी की होगी व्यवस्था। पार्किंग से सुरक्षा तक विशेष इंतजाम, भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाब्ते की तैनाती के लिए भी लिखा पत्र।1
- दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी सेक्टर का पहला प्रमाणित उप-स्वास्थ्य केंद्र बना संथली, हासिल किया राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। दूनी सेक्टर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संथली द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत 88.08 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। संथली ने जुलाई 2025 में राज्यस्तरीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया था। इसके बाद अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना संस्थान की निरंतर प्रगति और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सफलता संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, उत्कृष्ट टीमवर्क और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प का परिणाम है। प्रमाणन प्राप्त करने के बाद भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों का निरंतर पालन करना आवश्यक है। ब्लॉक क्वालिटी टीम के खेमराज चौधरी ने बताया कि इस उपलब्धि में सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी, बीसीएमएचओ डॉ. मनीष लोधी, दूनी अस्पताल प्रभारी डॉ. सतीश जोहरवाल तथा ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रणजीत सिंह का मार्गदर्शन एवं नर्सिंग आफिसर खेमराज चौधरी, राकेश नामा, चंद्र प्रकाश मीणा तथा फार्मासिस्ट भगवान स्वरूप माहेश्वरी का सहयोग एवं संथली की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सुनीता गौड़, प्रसाविका प्रेम राठौड़ एवं आशा सहयोगिनी रामघणी देवी सहित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई। यह उपलब्धि न केवल संथली बल्कि पूरे देवली उपखंड के लिए गर्व का विषय है। इससे भविष्य में आमजन को और बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रेरणा मिलेगी।1