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रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।
Dilip Karmali
रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।
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- रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। इसी कड़ी में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की गोला शाखा में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।1
- ओरमांझी प्रखंड में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। सुबह लगभग 7 बजे से करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत महसूस की। तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से उन्हें फायदा पहुंचा है। सुबह की बारिश के कारण सड़कों पर भी ठंडक महसूस हुई और पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना रहा। हालांकि, कुछ इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने इस राहत भरी बारिश का स्वागत किया।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- सांसद ढुलू महतो ने बेरमो कांड के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।2
- झारखंड की राजधानी रांची में 30 मई 2026 को Entrepreneurial Connect 3.0 (EC 3.0) का सफल आयोजन किया गया, जिसने राज्य के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को नई दिशा प्रदान की है। I-Hub Startup Jharkhand Foundation और JIIDCO के सहयोग से आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 600 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप ग्रोथ, निवेश, MSME विकास, AI इनोवेशन, Entrepreneurship, Fundraising, Market Expansion और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चाएँ हुईं। इस आयोजन ने राज्य में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया।1
- झारखंड के लातेहार स्थित रिचूघूटा से प्राप्त होने वाला बॉक्साइट पत्थर काफी कीमती है। यह महत्वपूर्ण खनिज झारखंड राज्य की सीमाओं से बाहर ले जाया जाता है।1
- झारखंड के ढोरी में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद लोगों ने 19 घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह धरना आंदोलन शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुआ था और रविवार की सुबह 4 बजे समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने तब रास्ता खोला जब इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।3