logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शुभ रविवार मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ रविवार मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें।

3 hrs ago
user_Sandeep shukla
Sandeep shukla
पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
3 hrs ago

शुभ रविवार मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ रविवार मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मादा तेंदुए की हुई मौत
    1
    अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मादा तेंदुए की हुई मौत
    user_Rupesh Jain
    Rupesh Jain
    में दैनिक भास्कर में संवाददाता हु पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Neeraj Ravi
    1
    Post by Neeraj Ravi
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *मैहर में जंगलराज की बानगी जरूर देखे जिम्मेवार।* *भदनपुर बराखुर्द मार्ग बना मौत का जाल, ओवरलोड ट्रकों पर भड़के ग्रामीण, दी सीधी चेतावनी!* मैहर के भदनपुर बराखुर्द मार्ग की जर्जर हालत ने अब स्थानीय लोगों का गुस्सा विस्फोटक बना दिया है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील रास्ता हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद बेलगाम ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को लड्डू खिलाकर सख्त संदेश दिया है—इस मार्ग का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और निजी रास्तों का उपयोग करें। चेतावनी साफ है, अगर अब भी अनदेखी हुई तो ग्रामीण खुद सड़कों पर उतरकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देंगे।
    1
    *मैहर में जंगलराज की बानगी जरूर देखे जिम्मेवार।*
*भदनपुर बराखुर्द मार्ग बना मौत का जाल, ओवरलोड ट्रकों पर भड़के ग्रामीण, दी सीधी चेतावनी!*
मैहर के भदनपुर बराखुर्द मार्ग की जर्जर हालत ने अब स्थानीय लोगों का गुस्सा विस्फोटक बना दिया है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील रास्ता हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद बेलगाम ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को लड्डू खिलाकर  सख्त संदेश दिया है—इस मार्ग का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और निजी रास्तों का उपयोग करें। चेतावनी साफ है, अगर अब भी अनदेखी हुई तो ग्रामीण खुद सड़कों पर उतरकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देंगे।
    user_Ravi Shankar pathak
    Ravi Shankar pathak
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • टाउनहाल सतना में हर्षोंल्लाष के साथ मनाई गई महात्मा ज्योतिवा राव फुले की 198वीं जयंती सतना। द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना , सामाजिक एवं बौद्धिष्ट संगठनों द्वारा 11 अप्रैल 2026 शनिवार सामाजिक क्रांति के पितामह एवं शिक्षा के जनक राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिवा राव फुले जी की 198वीं जयंती स्थानीय * * माता सावित्री बाई-महात्मा ज्योति राव फुले **टाउन हाल परिसर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले ने 19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था, छुआछूत, महिलाओं के शोषण और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें "महात्मा" की उपाधि 1888 में मिली थी। विधायक श्री सिद्धार्थ ने कहा कि वे माली जाति (शूद्र वर्ग) से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गोविंदराव फुले फूलों का व्यापार करते थे। बचपन में ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक ब्राह्मण दोस्त की शादी में उन्हें निमंत्रित किया गया, लेकिन उनके निम्न जाति होने पर अपमानित किया गया। इस घटना ने उन्हें जाति व्यवस्था की अन्यायपूर्णता का गहरा एहसास कराया। उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय दुर्लभ थी। उन्होंने थॉमस पेन जैसे विचारकों से प्रेरणा ली। द बुद्धाज बुद्ध के जिलाध्यक्ष एड० के० पी० पाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार माना। उन्होंने कहा कि अज्ञानता ही शोषण की जड़ है। 1848 में उन्होंने पुणे में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल स्थापित किया। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले (जिन्हें उन्होंने खुद शिक्षित किया था) इस स्कूल की पहली महिला शिक्षिका बनीं। बाद में उन्होंने और भी स्कूल खोले, साथ ही निम्न जातियों के बच्चों के लिए स्कूल और रात्रि विद्यालय शुरू किए। वे स्त्री शिक्षा के जनक कहे जाते हैं। पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू ने कहा कि सावित्रीबाई जी के साथ मिलकर उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा विवाह विरोध और विधवाओं के लिए आश्रय गृह जैसे कार्य किए। उन्होंने ब्राह्मणवाद और वर्ण व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उनका मानना था कि यह व्यवस्था विदेशी आक्रमणकारियों (आर्यों) द्वारा थोपी गई है, जो मूल निवासियों (शूद्रों और अतिशूद्रों) को दबाती रही। उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए अपना कुआं सबके लिए खोल दिया और सभी वर्गों को अपने घर में आमंत्रित किया। गरीब सेना के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, ने कहा कि 24 सितंबर 1873 को उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इसका उद्देश्य शूद्रों, अतिशूद्रों, महिलाओं और दबे-कुचले वर्गों को शिक्षित करना, उनके अधिकार दिलाना और ब्राह्मण पुरोहितों के बिना विवाह जैसी रस्में शुरू करना था। इस समाज में किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति शामिल हो सकता था। यह संगठन सामाजिक समानता का प्रतीक बना। वरिष्ठ समाजसेवी स्वामीदीन कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने किसानों की गरीबी और शोषण पर भी आवाज उठाई। ब्रिटिश शासन और स्थानीय जमींदारों/ब्राह्मणों द्वारा किसानों के शोषण की आलोचना की। वे पुणे नगरपालिका के कमिश्नर भी रहे (1876-1883) अखिल भारतीय पिछ्ड़ा वर्ग फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ने कहा कि फूले जी ने मराठी भाषा में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें सामाजिक अन्याय की तीखी आलोचना है। गुलामगिरि दासता पर, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था को गुलामी का रूप बताया। उनका अंतिम कार्य, जिसमें उन्होंने सत्य, न्याय और समानता पर आधारित धर्म की बात की। ये रचनाएँ आज भी सामाजिक न्याय आंदोलनों की प्रेरणा हैं। 1888 में स्ट्रोक से लकवा पड़ने के बाद उन्होंने बाएं हाथ से भी लिखना जारी रखा। उनकी विरासत डॉ. भीमराव आंबेडकर, पेरियार और अन्य सामाजिक न्याय के योद्धाओं को प्रेरित करती रही। उन्होंने साबित किया कि शिक्षा और तर्क से समाज को बदला जा सकता है। आज भी उनके विचार जाति मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और समानता के आंदोलनों में जीवित हैं। ज्योतिबा जी की पत्नी सावित्रीबाई जी उनके संघर्ष की साथी थीं। उन्होंने न केवल स्कूल चलाए बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का सामना भी किया। दोनों की जोड़ी को स्त्री शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रतीक माना जाता है। महात्मा ज्योति ने दिखाया कि सच्चा सुधार तब होता है जब हम सबसे कमजोर वर्ग को आगे लाएं। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को याद करते हुए समानता और न्याय की प्रतिज्ञा करते हैं। इस अवसर पर सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू, एड० के0पी० पाल , पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ, गरीब सेना के जिलाध्यक्ष व पूर्ब जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, भंते करुणा सागर, रवि बौद्ध, पिछड़ा विंग फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ,कांग्रेस इंटक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, आनंद कुमार महाजन, मनीष सिंह, संजय मिश्रा, एड० नन्दकुमार कुशवाहा, एस० पी० बौद्ध, अनमोल पाल अरुण कुशवाहा अनुराग पाल, रामसिया कुशवाहा, पूर्व सरपंच के० एल० सिद्धार्थ , सरपंच अशोक सतनामी, हीरालाल कुशवाहा, महेश चक्रवर्ती, केदार कुशवाहा, पूर्व सरपंच अनिल दाहिया, सुरेश प्रजापति, विजय देवसेना, , बृजेंद्र अग्निहाेत्री , विक्रम तामरे, साहिद कुमार साकेत, सिद्धार्थ कुमार साकेत, सत्यराज पाल, अरमान चौधरी, संगीता कुशवाहा, ओमप्रकाश बौद्ध, एड० उमेश राव दिनकर, प्रकाश वर्मा, राजमन वर्मा, जगन्नाथ प्रजापति, सहित सैकड़ों की संख्या में द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना, एवं बौद्धिक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहें। भवदीय महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू पूर्व पार्षद नगर पालिक निगम सतना Mo. 9981881811
    1
    टाउनहाल सतना में हर्षोंल्लाष के साथ मनाई गई महात्मा ज्योतिवा राव 
फुले  की 198वीं जयंती 
सतना। द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना , सामाजिक एवं बौद्धिष्ट संगठनों द्वारा 11 अप्रैल 2026 शनिवार  सामाजिक क्रांति के पितामह एवं शिक्षा के जनक राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिवा राव फुले जी की 198वीं जयंती स्थानीय * * माता सावित्री बाई-महात्मा ज्योति राव फुले **टाउन हाल परिसर  में  हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि महात्मा  ज्योतिराव गोविंदराव  फुले ने   19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था, छुआछूत, महिलाओं के शोषण और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें "महात्मा" की उपाधि 1888 में मिली थी।
विधायक श्री सिद्धार्थ  ने कहा कि  वे माली जाति (शूद्र वर्ग) से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गोविंदराव फुले फूलों का व्यापार करते थे।
बचपन में ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक ब्राह्मण दोस्त की शादी में उन्हें निमंत्रित किया गया, लेकिन उनके निम्न जाति होने पर अपमानित किया गया। इस घटना ने उन्हें जाति व्यवस्था की अन्यायपूर्णता का गहरा एहसास कराया।
उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय दुर्लभ थी। उन्होंने थॉमस पेन जैसे विचारकों से प्रेरणा ली। 
द बुद्धाज बुद्ध के जिलाध्यक्ष एड० के० पी० पाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार माना। उन्होंने कहा कि अज्ञानता ही शोषण की जड़ है। 1848 में उन्होंने पुणे में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल स्थापित किया। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले (जिन्हें उन्होंने खुद शिक्षित किया था) इस स्कूल की पहली महिला शिक्षिका बनीं। बाद में उन्होंने और भी स्कूल खोले, साथ ही निम्न जातियों के बच्चों के लिए स्कूल और रात्रि विद्यालय शुरू किए। वे स्त्री शिक्षा के जनक कहे जाते हैं। 
पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू ने कहा कि सावित्रीबाई जी के साथ मिलकर उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा विवाह विरोध और विधवाओं के लिए आश्रय गृह जैसे कार्य किए। उन्होंने ब्राह्मणवाद और वर्ण व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उनका मानना था कि यह व्यवस्था विदेशी आक्रमणकारियों (आर्यों) द्वारा थोपी गई है, जो मूल निवासियों (शूद्रों और अतिशूद्रों) को दबाती रही। उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए अपना कुआं सबके लिए खोल दिया और सभी वर्गों को अपने घर में आमंत्रित किया।
गरीब सेना के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, ने कहा कि 24 सितंबर 1873 को उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इसका उद्देश्य शूद्रों, अतिशूद्रों, महिलाओं और दबे-कुचले वर्गों को शिक्षित करना, उनके अधिकार दिलाना और ब्राह्मण पुरोहितों के बिना विवाह जैसी रस्में शुरू करना था। इस समाज में किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति शामिल हो सकता था। यह संगठन सामाजिक समानता का प्रतीक बना।
वरिष्ठ समाजसेवी स्वामीदीन कुशवाहा ने कहा कि  उन्होंने किसानों की गरीबी और शोषण पर भी आवाज उठाई। ब्रिटिश शासन और स्थानीय जमींदारों/ब्राह्मणों द्वारा किसानों के शोषण की आलोचना की।
वे पुणे नगरपालिका के कमिश्नर भी रहे (1876-1883)
अखिल भारतीय पिछ्ड़ा वर्ग फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ने कहा कि फूले जी ने मराठी भाषा में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें सामाजिक अन्याय की तीखी आलोचना है। गुलामगिरि दासता पर, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था को गुलामी का रूप बताया।  उनका अंतिम कार्य, जिसमें उन्होंने सत्य, न्याय और समानता पर आधारित धर्म की बात की।
ये रचनाएँ आज भी सामाजिक न्याय आंदोलनों की प्रेरणा हैं।
1888 में स्ट्रोक से लकवा पड़ने के बाद उन्होंने बाएं हाथ से भी लिखना जारी रखा।
उनकी विरासत डॉ. भीमराव आंबेडकर, पेरियार और अन्य सामाजिक न्याय के योद्धाओं को प्रेरित करती रही। उन्होंने साबित किया कि शिक्षा और तर्क से समाज को बदला जा सकता है। आज भी उनके विचार जाति मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और समानता के आंदोलनों में जीवित हैं। 
ज्योतिबा जी की पत्नी सावित्रीबाई जी उनके संघर्ष की साथी थीं। उन्होंने न केवल स्कूल चलाए बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का सामना भी किया। दोनों की जोड़ी को स्त्री शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रतीक माना जाता है।
महात्मा ज्योति ने दिखाया कि सच्चा सुधार तब होता है जब हम सबसे कमजोर वर्ग को आगे लाएं। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को याद करते हुए समानता और न्याय की प्रतिज्ञा करते हैं। 
इस अवसर पर सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू, एड० के0पी० पाल , पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ, गरीब सेना के जिलाध्यक्ष व पूर्ब जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, भंते करुणा सागर, रवि बौद्ध,  पिछड़ा विंग फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ,कांग्रेस इंटक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, आनंद कुमार महाजन,  मनीष सिंह, संजय मिश्रा, एड० नन्दकुमार कुशवाहा, एस० पी० बौद्ध, अनमोल पाल  अरुण कुशवाहा अनुराग पाल, रामसिया कुशवाहा,   पूर्व सरपंच के० एल० सिद्धार्थ , सरपंच अशोक सतनामी, हीरालाल कुशवाहा, महेश चक्रवर्ती, केदार कुशवाहा, पूर्व सरपंच अनिल दाहिया, सुरेश प्रजापति, विजय देवसेना, , बृजेंद्र अग्निहाेत्री , विक्रम तामरे, साहिद कुमार साकेत, सिद्धार्थ कुमार साकेत, सत्यराज पाल, अरमान चौधरी, संगीता कुशवाहा, ओमप्रकाश बौद्ध, एड० उमेश राव दिनकर,  प्रकाश वर्मा, राजमन वर्मा, जगन्नाथ प्रजापति, सहित सैकड़ों की संख्या में द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना, एवं बौद्धिक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहें।
भवदीय
महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू 
पूर्व पार्षद
नगर पालिक निगम सतना 
Mo. 9981881811
    user_रूप कुमार हरबोल
    रूप कुमार हरबोल
    Court reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मैहर में जंगलराज की बानगी जरूर देखे जिम्मेवार। भदनपुर बराखुर्द मार्ग बना मौत का जाल, ओवरलोड ट्रकों पर भड़के ग्रामीण, दी सीधी चेतावनी! मैहर के भदनपुर बराखुर्द मार्ग की जर्जर हालत ने अब स्थानीय लोगों का गुस्सा विस्फोटक बना दिया है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील रास्ता हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद बेलगाम ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को लड्डू खिलाकर सख्त संदेश दिया है—इस मार्ग का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और निजी रास्तों का उपयोग करें। चेतावनी साफ है, अगर अब भी अनदेखी हुई तो ग्रामीण खुद सड़कों पर उतरकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देंगे।
    1
    मैहर में जंगलराज की बानगी जरूर देखे जिम्मेवार।
भदनपुर बराखुर्द मार्ग बना मौत का जाल, ओवरलोड ट्रकों पर भड़के ग्रामीण, दी सीधी चेतावनी!
मैहर के भदनपुर बराखुर्द मार्ग की जर्जर हालत ने अब स्थानीय लोगों का गुस्सा विस्फोटक बना दिया है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, गड्ढों में तब्दील रास्ता हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद बेलगाम ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को लड्डू खिलाकर  सख्त संदेश दिया है—इस मार्ग का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और निजी रास्तों का उपयोग करें। चेतावनी साफ है, अगर अब भी अनदेखी हुई तो ग्रामीण खुद सड़कों पर उतरकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देंगे।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    50 min ago
  • Writing 🔥 ब्रेकिंग न्यूज़ | सतना नागौद ब्लॉक के सिंहपुर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी, 50 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलकर खाक सतना जिले के नागौद ब्लॉक अंतर्गत सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना हार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लगभग पचासों एकड़ फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर पहुंचे नागौद के नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी मायूसी है, क्योंकि उनकी मेहनत की पूरी फसल कुछ ही समय में राख में बदल गई। सिंहपुर से N.D. न्यूज चैनल के लिए पुष्पेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
    4
    Writing
🔥 ब्रेकिंग न्यूज़ | सतना
नागौद ब्लॉक के सिंहपुर में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी, 50 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलकर खाक
सतना जिले के नागौद ब्लॉक अंतर्गत सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना हार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लगभग पचासों एकड़ फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर पहुंचे नागौद के नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी मायूसी है, क्योंकि उनकी मेहनत की पूरी फसल कुछ ही समय में राख में बदल गई।
सिंहपुर से N.D. न्यूज चैनल के लिए पुष्पेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
    user_Ravendra Uramaliya Media satna
    Ravendra Uramaliya Media satna
    Local News Reporter रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Neeraj Ravi
    1
    Post by Neeraj Ravi
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मैहर में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रेलर ने मारी टक्कर, 15 घायल,बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे लोग मैहर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमरपाटन क्षेत्र अंतर्गत NH-30 पर ग्राम रिगरा ब्रिज के पास हुई, जहां हाईवे किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग बरहों कार्यक्रम में शामिल होकर बेलदरा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के कारण वाहन हाईवे किनारे खड़ा कर दिया गया था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार करीब 15 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही डायल 112, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन पहुंचाया गया। घायलों में संखिबाई साकेत (50 वर्ष), अजय बुंकर (17 वर्ष), प्रदीप साकेत (24 वर्ष) और संतोष साकेत (50 वर्ष) सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का का इलाज मैहर सिविल अस्पताल और अमरपाटन सिविल अस्पताल में जारी है। मामले में पंचराज सिंह, थाना प्रभारी नादन देहात ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने लाया जा रहा है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    1
    मैहर में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रेलर ने मारी टक्कर, 15 घायल,बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे लोग
मैहर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमरपाटन क्षेत्र अंतर्गत NH-30 पर ग्राम रिगरा ब्रिज के पास हुई, जहां हाईवे किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग बरहों कार्यक्रम में शामिल होकर बेलदरा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के कारण वाहन हाईवे किनारे खड़ा कर दिया गया था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार करीब 15 लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही डायल 112, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन पहुंचाया गया।
घायलों में संखिबाई साकेत (50 वर्ष), अजय बुंकर (17 वर्ष), प्रदीप साकेत (24 वर्ष) और संतोष साकेत (50 वर्ष) सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का का इलाज मैहर सिविल अस्पताल और अमरपाटन सिविल अस्पताल में जारी है।
मामले में पंचराज सिंह, थाना प्रभारी नादन देहात ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने लाया जा रहा है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_रूप कुमार हरबोल
    रूप कुमार हरबोल
    Court reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ डेस्क सतना। नगर निगम द्वारा विकास के नाम पर सरकारी खजाने की किस तरह बर्बादी की जा रही है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण पुराने पावर हाउस क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहाँ बनाई जा रही सड़क की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे खुलेआम घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। धूल-मिट्टी के ऊपर ही बिछा दी डस्ट मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के तय मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमानुसार, डामरीकरण या डस्ट डालने से पहले कंप्रेसर मशीन के जरिए सड़क की धूल और मिट्टी को पूरी तरह साफ किया जाना अनिवार्य है, ताकि सड़क की पकड़ मजबूत रहे। लेकिन यहाँ बिना किसी सफाई के, धूल के ऊपर ही डस्ट डालकर खानापूर्ति की जा रही है। सरकारी खजाने की बर्बादी, कौन होगा जिम्मेदार? क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस तकनीक और लापरवाही से यह सड़क बनाई जा रही है, वह कुछ ही दिनों में उखड़ने लगेगी। यह न केवल भ्रष्टाचार का संकेत है, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी भी है। बिना किसी ठोस आधार के बनाई जा रही यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी। जिम्मेदारों की चुप्पी पर खड़े हो रहे सवाल घटिया निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों ने मांग की है कि: निर्माणाधीन कार्य की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए। घटिया कार्य कराने वाले ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर पर सख्त एक्शन लिया जाए। सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप दोबारा शुरू कराया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है: "बिना सफाई किए मिट्टी पर ही रोड बनाई जा रही है। यह सड़क कितने दिन टिकेगी? प्रशासन को इस भ्रष्टाचार पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।" प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ डेस्क
    1
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ डेस्क
सतना। नगर निगम द्वारा विकास के नाम पर सरकारी खजाने की किस तरह बर्बादी की जा रही है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण पुराने पावर हाउस क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहाँ बनाई जा रही सड़क की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे खुलेआम घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
धूल-मिट्टी के ऊपर ही बिछा दी डस्ट
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण के तय मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमानुसार, डामरीकरण या डस्ट डालने से पहले कंप्रेसर मशीन के जरिए सड़क की धूल और मिट्टी को पूरी तरह साफ किया जाना अनिवार्य है, ताकि सड़क की पकड़ मजबूत रहे। लेकिन यहाँ बिना किसी सफाई के, धूल के ऊपर ही डस्ट डालकर खानापूर्ति की जा रही है।
सरकारी खजाने की बर्बादी, कौन होगा जिम्मेदार?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस तकनीक और लापरवाही से यह सड़क बनाई जा रही है, वह कुछ ही दिनों में उखड़ने लगेगी। यह न केवल भ्रष्टाचार का संकेत है, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी भी है। बिना किसी ठोस आधार के बनाई जा रही यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर खड़े हो रहे सवाल
घटिया निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों ने मांग की है कि:
निर्माणाधीन कार्य की तुरंत तकनीकी जांच कराई जाए।
घटिया कार्य कराने वाले ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर पर सख्त एक्शन लिया जाए।
सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप दोबारा शुरू कराया जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है:
"बिना सफाई किए मिट्टी पर ही रोड बनाई जा रही है। यह सड़क कितने दिन टिकेगी? प्रशासन को इस भ्रष्टाचार पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।"
प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ डेस्क
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.