पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर बगावत की आग भड़क उठी है। अवामी एक्शन कमेटी के आह्वान पर रविवार (7 जून) को पूरे पीओके में बंद और प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में सोमवार (8 जून) को लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर भी पीओके के अप्रवासी लोगों ने पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए "पाकिस्तानी सेना वापस जाओ" के नारे लगाए। इस बीच, पीओके के रावलकोट में पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने आम लोगों पर गोलीबारी की और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। रविवार रात से लेकर सोमवार शाम तक रावलकोट में सेना और रेंजर्स के इस दमन में कुल 26 लोगों की जान चली गई, जबकि 190 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई के शरीर पर पैलेट गन के छर्रों के निशान मिले हैं। स्थिति को देखते हुए पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में कर्फ्यू लगा दिया गया है और पूरा शहर इस समय बंद है। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के विपरीत, पीओके के लोग वीडियो बयान जारी कर आरोप लगा रहे हैं कि रावलकोट में पाकिस्तानी सेना के दमन के कारण 100 से 150 लोगों की मौत हुई है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर बगावत की आग भड़क उठी है। अवामी एक्शन कमेटी के आह्वान पर रविवार (7 जून) को पूरे पीओके में बंद और प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में सोमवार (8 जून) को लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर भी पीओके के अप्रवासी लोगों ने पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए "पाकिस्तानी सेना वापस जाओ" के नारे लगाए। इस बीच, पीओके के रावलकोट में पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने आम लोगों पर गोलीबारी की और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। रविवार रात से लेकर सोमवार शाम तक रावलकोट में सेना और रेंजर्स के इस दमन में कुल 26 लोगों की जान चली गई, जबकि 190 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई के शरीर पर पैलेट गन के छर्रों के निशान मिले हैं। स्थिति को देखते हुए पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में कर्फ्यू लगा दिया गया है और पूरा शहर इस समय बंद है। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के विपरीत, पीओके के लोग वीडियो बयान जारी कर आरोप लगा रहे हैं कि रावलकोट में पाकिस्तानी सेना के दमन के कारण 100 से 150 लोगों की मौत हुई है।
- NasinSai Ssimran City, Mathpurena😤5 hrs ago
- रोहतक में आग के एक भीषण महातांडव ने तीन लोगों की जान ले ली। इस भयावह आग पर काबू पाने के लिए 17 घंटे तक लगातार संघर्ष करना पड़ा। यह घटना गर्मी के मौसम में आग लगने के कारणों और उनसे बचाव के लिए आवश्यक उपायों पर भी विस्तार से प्रकाश डालती है।1
- दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज रंगदारी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों साहिल गर्ग और राजन कालरा को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कारोबारी से कथित तौर पर कुख्यात काला जठेड़ी गैंग के नाम पर पैसे की मांग करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने केवल अपने उधार दिए गए पैसे को वापस लेने के लिए इस गैंग के नाम का इस्तेमाल किया था। राजन कालरा के एक जानकार ने कैलिफोर्निया से व्हाट्सएप्प के माध्यम से काला जठेड़ी के नाम पर वॉयस नोट भेजकर रंगदारी मांगी थी। उत्तर पश्चिम दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि आदर्श नगर निवासी कारोबारी रोहित जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप्प कॉल और संदेशों के जरिए धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को काला जठेड़ी गिरोह का सदस्य बताया और कथित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, धमकी देने वाले ने दावा किया था कि उसने साहिल गर्ग से कथित बकाया राशि की वसूली के लिए 50 लाख रुपये ‘टोकन मनी’ ली है और भुगतान न करने पर शिकायतकर्ता की हत्या कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को धमकी भरी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी, जिसके आधार पर सात जून को आदर्श नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस टीम ने हरियाणा के करनाल, जगाधरी और यमुनानगर में छापेमारी की, जिसके बाद पहले राजन कालरा को और फिर उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी साहिल गर्ग को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रंगदारी की वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका किसी गैंग से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने तथा अपना उधार दिया पैसा वापस मांगने के लिए काला जठेड़ी गिरोह के नाम का इस्तेमाल किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों के अन्य संभावित संपर्कों तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, राजन कालरा के भाई को दबोचने के प्रयास भी जारी हैं, जिसने कैलिफोर्निया से वॉयस नोट भेजे थे।1
- गुजरात के सूरत स्थित अरेथ के केवड़िया गांव में जब्त की गई 3.38 करोड़ रुपये मूल्य की शराब को नष्ट कर दिया गया।1
- बागपत जनपद के बड़ौत में एक सनसनीखेज फायरिंग की घटना सामने आई है, जिसमें दो व्यापारी, एक पिता और पुत्र की गोली लगने से मौत हो गई। इस वारदात के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही, भानु भास्कर, कलानिधि नैथानी और मेरठ मंडल आयुक्त तत्काल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ बागपत के डीएम, शामली के एसपी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और क्षेत्र में उत्पन्न हुई स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।1
- अभी तक दिलों का मेल हो चुका है और लोगों के बीच जान-पहचान भी बन चुकी है। इस बात को लेकर उम्मीद जताई गई है कि यह संबंध अब आगे बढ़ेगा। यह विश्वास व्यक्त किया गया है कि एक दिन इस रिश्ते को लेकर परिवार में भी बात आगे बढ़ाई जाएगी।1
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोहतक पहुंचे, जहाँ उन्होंने देश के पहले एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना की सराहना भी की।1
- दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ₹20 लाख के हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ एक छात्र को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय जसीम सियादुल फरसान के रूप में हुई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में बी.ए. के आठवें सेमेस्टर का छात्र है और केरल का मूल निवासी है. पुलिस ने जसीम को विजय नगर, डबल स्टोरी के पास से पकड़ा, जहाँ उसके कब्जे से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, जिसे OG भी कहा जाता है, बरामद किया गया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह आसानी से और तेजी से पैसा कमाने के लिए सत्यवती कॉलेज के छात्रों को ही ड्रग्स सप्लाई करता था. इस मामले में थाना मॉडल टाउन में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस अब इस छात्र के ड्रग नेटवर्क से जुड़ी अन्य कड़ियों को भी खंगालने में जुटी है.1
- दिल्ली के नरेला क्षेत्र में व्यस्त हरिश्चंद्र रोड पर तेज रफ्तार के कारण एक कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार हवा में उछलकर पलट गई और उसके परखच्चे उड़ गए, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को इसकी सूचना दी। फिलहाल, इस दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें तेज रफ्तार को ही मुख्य वजह माना जा रहा है।1