उन्नाव: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बांगरमऊ आगमन,बाबा बुद्धेश्वर मंदिर में पूजा, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का आह्वान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार दोपहर 12 बजे उन्नाव के बांगरमऊ नगर पहुंचे। वे हरदोई-बिल्हौर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध बाबा बुद्धेश्वर मंदिर गए, जहां श्रद्धालुओं ने उनका जयकारों के साथ स्वागत किया। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 'गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' के तहत बांगरमऊ आए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को 'गौ माता' और 'भारत की राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग करना है। बांगरमऊ नगर में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का स्वागत किया। आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बोधेश्वर में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। इस मांग को याद दिलाने के लिए हर दस दिन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि अब इस समय सीमा के समाप्त होने में केवल 48 घंटे बचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तो सनातन धर्म को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने "धर्म की जय हो, अधर्म का विनाश हो" का नारा भी दिया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे। शंकराचार्य ने मंदिर के पुजारी से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बांगरमऊ के बाद शंकराचार्य हरदोई के लिए प्रस्थान करेंगे।
उन्नाव: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बांगरमऊ आगमन,बाबा बुद्धेश्वर मंदिर में पूजा, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का आह्वान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार दोपहर 12 बजे उन्नाव के बांगरमऊ नगर पहुंचे। वे हरदोई-बिल्हौर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध बाबा बुद्धेश्वर मंदिर गए, जहां श्रद्धालुओं ने उनका जयकारों के साथ स्वागत किया। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 'गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' के तहत बांगरमऊ आए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को 'गौ माता' और 'भारत की राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग करना है। बांगरमऊ नगर में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का स्वागत किया। आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बोधेश्वर में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। इस मांग को याद दिलाने के लिए हर दस दिन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि अब इस समय सीमा के समाप्त होने में केवल 48 घंटे बचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तो सनातन धर्म को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने "धर्म की जय हो, अधर्म का विनाश हो" का नारा भी दिया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे। शंकराचार्य ने मंदिर के पुजारी से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बांगरमऊ के बाद शंकराचार्य हरदोई के लिए प्रस्थान करेंगे।
- उन्नाव: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बांगरमऊ आगमन,बाबा बुद्धेश्वर मंदिर में पूजा, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का आह्वान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सोमवार दोपहर 12 बजे उन्नाव के बांगरमऊ नगर पहुंचे। वे हरदोई-बिल्हौर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध बाबा बुद्धेश्वर मंदिर गए, जहां श्रद्धालुओं ने उनका जयकारों के साथ स्वागत किया। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 'गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' के तहत बांगरमऊ आए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को 'गौ माता' और 'भारत की राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग करना है। बांगरमऊ नगर में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का स्वागत किया। आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बोधेश्वर में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था। इस मांग को याद दिलाने के लिए हर दस दिन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि अब इस समय सीमा के समाप्त होने में केवल 48 घंटे बचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तो सनातन धर्म को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने "धर्म की जय हो, अधर्म का विनाश हो" का नारा भी दिया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग मौजूद थे। शंकराचार्य ने मंदिर के पुजारी से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बांगरमऊ के बाद शंकराचार्य हरदोई के लिए प्रस्थान करेंगे।1
- Post by समाज सेवी1
- रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी थाना शिवराजपुर क्षेत्र के राधन गांव में खेत में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर थाना शिवराजपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची तथा फायर ब्रिगेड व ग्रामीणों के सहयोग से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या खेतों में नुकसान नहीं हुआ है। आसपास खड़ी फसल को भी सुरक्षित बचा लिया गया। क्षेत्र में स्थिति पूर्णतः सामान्य है।3
- वायरल: 'स्वैग' भी भरपूर और 'सिंदूर' भी सलामत, लड़की के अनोखे स्टाइल ने जीता सोशल मीडिया का दिल! डिजिटल डेस्क, हरदोई। सोशल मीडिया की दुनिया में कब क्या वायरल हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन जब बात परंपरा (Tradition) और स्टाइल (Style) के तालमेल की आती है, तो नेटिजन्स उसे सिर आंखों पर बिठा लेते हैं। हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं— "स्टाइल हो तो ऐसा!" क्या है वीडियो में खास? वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवती अपने बेहद आधुनिक और कूल अंदाज में नजर आ रही है। अमूमन देखा जाता है कि लोग वेस्टर्न लुक के चक्कर में पारंपरिक प्रतीकों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन इस 'देसी वाइब' वाली लड़की ने सबको हैरान कर दिया। अनोखा फैशन सेंस - लड़की ने जिस तरह से अपने आउटफिट को कैरी किया है, वह यूथ के लिए एक नया स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है। संस्कार और स्वैग - वीडियो की सबसे खास बात यह है कि ग्लैमरस दिखने के बावजूद लड़की ने अपनी मांग के सिंदूर को जिस गर्व के साथ फ्लॉन्ट किया है, उसने लोगों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर आई कमेंट्स की बाढ़ :- जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) पर शेयर किया गया, यह देखते ही देखते वायरल हो गया। लोग लड़की के इस एटीट्यूड की जमकर तारीफ कर रहे हैं। "इसे कहते हैं अपनी जड़ों से जुड़े रहना। मॉडर्न होने का मतलब अपनी पहचान भूलना नहीं होता। बहुत खूब!" — एक यूजर का कमेंट निष्कर्ष :- यह वीडियो उन सभी के लिए एक जवाब है जो मानते हैं कि स्टाइल और परंपरा एक साथ नहीं चल सकते। इस लड़की ने साबित कर दिया कि अगर आपके पास कॉन्फिडेंस है, तो आप अपने 'सिंदूर' की मर्यादा को सलामत रखते हुए भी दुनिया को अपने 'अनोखे स्टाइल' से दीवाना बना सकते हैं।1
- *अपने विरोधी के लिए सुरक्षा की मांग की,* आशुतोष ब्रह्मचारी को सरकार दे सुरक्षा अगर उनको कुछ हुआ उसकी जिम्मेदार सरकार होगी- *शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती* ⤵️1
- जय श्री श्याम1
- पेट्रोल डीजल के किल्लत के चलते जहां पूरी दुनिया भर में हाहाकार कार हे वहीं भारत के लिए एक बड़ी राहत की बात है कि कम से कम 74 दिनों तक की आपूर्ति भारत के पास स्टॉक हैं1
- जय श्री श्याम1