बदायूँ के नगर पालिका परिषद सहसवान में सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन न मिलने से परेशान इन कर्मचारियों के परिवार अब भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं और गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले, प्रभावित सफाई कर्मचारियों ने अपनी इस दुर्दशा को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें तत्काल वेतन दिलाने की मांग की गई है। संघ ने बताया है कि नगर पालिका के अधिकांश सफाई कर्मचारी ठेके और संविदा के माध्यम से कार्यरत हैं, और उनका वेतन पहले से ही काफी कम है। महीने की 20 तारीख बीत जाने के बावजूद वेतन का भुगतान न होने से उनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। सफाई मजदूर संघ ने जिलाधिकारी से स्पष्ट मांग की है कि जब तक शासन द्वारा किसी नए अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक किसी वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से इन सफाई कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन तुरंत जारी किया जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से ही उन्हें वर्तमान आर्थिक संकट से मुक्ति मिल पाएगी।
बदायूँ के नगर पालिका परिषद सहसवान में सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने के कारण भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन न मिलने से परेशान इन कर्मचारियों के परिवार अब भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं और गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले, प्रभावित सफाई कर्मचारियों ने अपनी इस दुर्दशा को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें तत्काल वेतन दिलाने की मांग की गई है। संघ ने बताया है कि नगर पालिका के अधिकांश सफाई कर्मचारी ठेके और संविदा के माध्यम से कार्यरत हैं, और उनका वेतन पहले से ही काफी कम है। महीने की 20 तारीख बीत जाने के बावजूद वेतन का भुगतान न होने से उनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। सफाई मजदूर संघ ने जिलाधिकारी से स्पष्ट मांग की है कि जब तक शासन द्वारा किसी नए अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक किसी वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से इन सफाई कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन तुरंत जारी किया जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से ही उन्हें वर्तमान आर्थिक संकट से मुक्ति मिल पाएगी।
- बदायूं में नीट यूजी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है, जहाँ परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए कुल 3027 परीक्षार्थियों हेतु 6 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं कि परीक्षा पूरी तरह से नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। इसी क्रम में, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को अत्यंत चाक-चौबंद किया गया है, जिसके माध्यम से प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा कराने की अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।1
- स्थानीय निवासियों को ओवरलोडिंग वाहनों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गेट, गली और दुकानों के आगे 5 से 7 घंटे तक खड़े रहते हैं। शिकायत के अनुसार, इस क्षेत्र में एक गहरा नाला भी है जो अक्सर जाम रहता है, और जाम की वजह से पहले भी कई वाहन उस नाले में जा चुके हैं। सार्वजनिक असुविधा से बचने के लिए लोगों से अपील की गई है कि वे इन स्थानों पर अपने वाहन खड़े न करें।1
- मथुरा के छाता तहसील मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिला अधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। हालांकि, अधिकारियों ने दावा किया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी पुरानी शिकायतों का समाधान समय पर कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, इस बार छाता तहसील के कामर गांव से सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। समाधान दिवस में यह गंभीर मामला सामने आया कि कई फरियादी एक ही समस्या को लेकर पांच से सात बार तक चक्कर काट चुके थे, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, प्रशासन ने मामलों की जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए एक एडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और टालमटोल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ डीएम चंद्र प्रकाश ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में एक लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इस लापरवाही में शामिल उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ भी शासन को लिखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील करते हुए सख्त हिदायत दी कि सरकार ने उन्हें आम जनता की समस्याओं का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के लिए ही तैनात किया है। उन्होंने यह भी कहा कि छाता तहसील में अधिक शिकायतें हैं, जिनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, और कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- बदायूं के बिल्सी नगर स्थित मोहल्ला नंबर 08 साहबगंज में राधा कृष्ण शिव मंदिर में देर शाम कुछ युवकों ने घुसकर हनुमान जी की वेदी पर लगे कांच के शीशे को तोड़ दिया और मूर्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें मंदिर परिसर में ही बंद कर दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर उनके हवाले कर दिया गया। सूचना मिलने पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुँचे और उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कोतवाल ने मंदिर का ताला खुलवाकर घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। मंदिर में तोड़फोड़ की इस कोशिश के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है।2
- शिवपाल सिंह यादव, नेताजी मुलायम सिंह यादव को लेकर भावुक हो गए।1
- थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सुरेश शर्मा सहित ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर अवैध वसूली, धमकी देने और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इस मामले में 18 जून 2026 को ग्राम चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर आम जनता में भय पैदा किया और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब इसका विरोध किया गया, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना भमोरा पर संगठित अपराध सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को इन तीनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश शर्मा पिछले लगभग तीन वर्षों से एक अन्य गंभीर मामले में भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया था। सुरेश शर्मा के खिलाफ न्यायालय से उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी थी, और हाल ही में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। पुलिस के मुताबिक, सुरेश शर्मा पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- बदायूं जिले के उसैहत थाना क्षेत्र के खेड़ा जलालपुर गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यहां सगी बहनों के बीच हुए झगड़े के बाद एक युवती ने कथित तौर पर मौत का रास्ता चुन लिया, जिससे उसका दर्दनाक अंत हो गया।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए गए हैं, जिसमें आरोप है कि एक 'आतंकी' खुलेआम घूम रहा है। इस व्यक्ति पर मुसलमानों को मारने-काटने और देश में दंगा भड़काने जैसी भड़काऊ बातें करने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट में पूछा गया है कि आखिर सरकार और प्रशासन की क्या मजबूरी है, जो ऐसे 'आतंकी' को खुली छूट दे रखी है।1