थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सुरेश शर्मा सहित ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर अवैध वसूली, धमकी देने और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इस मामले में 18 जून 2026 को ग्राम चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर आम जनता में भय पैदा किया और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब इसका विरोध किया गया, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना भमोरा पर संगठित अपराध सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को इन तीनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश शर्मा पिछले लगभग तीन वर्षों से एक अन्य गंभीर मामले में भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया था। सुरेश शर्मा के खिलाफ न्यायालय से उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी थी, और हाल ही में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। पुलिस के मुताबिक, सुरेश शर्मा पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सुरेश शर्मा सहित ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर अवैध वसूली, धमकी देने और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इस मामले में 18 जून 2026 को ग्राम चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर आम जनता में भय पैदा किया और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब इसका विरोध किया गया, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना भमोरा पर संगठित अपराध सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को इन तीनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश शर्मा पिछले लगभग तीन वर्षों से एक अन्य गंभीर मामले में भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया था। सुरेश शर्मा के खिलाफ न्यायालय से उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी थी, और हाल ही में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। पुलिस के मुताबिक, सुरेश शर्मा पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
- थाना भमोरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी सुरेश शर्मा सहित ओमवीर और कृतिका शर्मा को गिरफ्तार कर एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर अवैध वसूली, धमकी देने और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इस मामले में 18 जून 2026 को ग्राम चांदपुर निवासी अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात मिश्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर आम जनता में भय पैदा किया और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब इसका विरोध किया गया, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में थाना भमोरा पर संगठित अपराध सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को इन तीनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सुरेश शर्मा पिछले लगभग तीन वर्षों से एक अन्य गंभीर मामले में भी वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर पहले 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया था। सुरेश शर्मा के खिलाफ न्यायालय से उद्घोषणा और कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी थी, और हाल ही में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। पुलिस के मुताबिक, सुरेश शर्मा पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- बरेली के थाना भोजीपुरा से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ भोजीपुरा क्षेत्र में दो प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुट गई है।1
- बरेली में राम राज्य दल के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (सेवनी मालवा) में हुए मॉब लिंचिंग प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई गई। दल ने इस मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह प्रकरण अगस्त 2022 का है, जब गौ तस्करी के संदेह में भीड़ द्वारा पिटाई के बाद नजीर अहमद की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 12 जून 2026 को 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राम राज्य दल के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा और अखिल भारतीय राजार्य सभा के महामंत्री डॉ. रामकुमार आर्य ने शासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और आरोपित गौरक्षकों को न्याय दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया। ज्ञापन सौंपते समय अर्चना सक्सेना, शशि, डॉ. रामकुमार और डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बरेली की बारादरी पुलिस ने संजय नगर में 15 जून 2026 को हुई एक युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे वांछित अभियुक्त कुश पुत्र अंतराम उर्फ नन्हे कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी अर्जुन पुत्र राकेश को गोली मारने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान अर्जुन के रूप में हुई, जिसके बाद परिजनों की तहरीर पर थाना बारादरी में मु0अ0सं0 799/2026 धारा 103(1)/3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इस घटना के अनावरण और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थाना बारादरी, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। पूर्व में इस मामले में एक अन्य अभियुक्त अर्पित उर्फ पहाड़ी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इसी क्रम में, 20 जून 2026 को घटना में संलिप्त वांछित अभियुक्त कुश पुत्र अंतराम उर्फ नन्हे कश्यप, जो संजय नगर, थाना बारादरी का ही निवासी है, को डीडीपुरम पार्क के पास से दबोचा गया। अभियुक्त कुश से विस्तृत पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- बरेली के थाना कोतवाली पुलिस को चोरी की एक वारदात का खुलासा करने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।1
- राम के नाम पर दिए गए दान में कथित गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जहाँ दानदाताओं को उनके योगदान के लिए रसीदें जारी नहीं की गईं। इस घटना को 'राम के खजाने में डाका डालने' जैसा घोर अपराध बताते हुए कड़ी निंदा की गई है। सवाल उठाया जा रहा है कि इस कृत्य में शामिल 'रामद्रोहियों' के खिलाफ क्या और कब ठोस कार्यवाही की जाएगी।1
- बरेली की बारादरी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 14 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को 19/20 जून 2026 की रात में क्षेत्र में गस्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि 99 बीघा पीलीमीत रोड के पास एक व्यक्ति स्मैक बेचने के लिए खड़ा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर अभियुक्त को हिरासत में ले लिया और उसकी तलाशी के दौरान स्मैक बरामद की। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अफजाल हुसैन पुत्र अमानत, उम्र 55 वर्ष, निवासी निकट सराफत हॉस्पिटल के पास रजान नगर गोटिया, थाना बारादरी, बरेली के रूप में हुई है। उसका आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें वर्ष 2025 में थाना बारादरी में एनडीपीएस एक्ट के तहत, थाना इज्जतनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत, और थाना इज्जतनगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले पंजीकृत हैं। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना बारादरी में मु0अ0सं0 0824/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह नशेड़ियों को छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्मैक सस्ते दामों में बेचता है और इसी अवैध कारोबार से प्राप्त धन से अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसने यह भी बताया कि उसने यह स्मैक काफी समय पहले चंद नामक व्यक्ति से खरीदी थी। पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष रिमांड हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए गए हैं, जिसमें आरोप है कि एक 'आतंकी' खुलेआम घूम रहा है। इस व्यक्ति पर मुसलमानों को मारने-काटने और देश में दंगा भड़काने जैसी भड़काऊ बातें करने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट में पूछा गया है कि आखिर सरकार और प्रशासन की क्या मजबूरी है, जो ऐसे 'आतंकी' को खुली छूट दे रखी है।1