लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 14 लोगों की जान चली गई, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है। आजकल पूरे देश में लाइब्रेरी खोलने का एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ बच्चे स्कूल, कॉलेज और घरों की बजाय पढ़ाई के नाम पर अधिक समय बिता रहे हैं। ये लाइब्रेरी हर गली-मोहल्ले में खुल गई हैं, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इनमें कोई सुविधा नहीं है। खासकर, अधिकतर लाइब्रेरी तो जमीन के अंदर बने तहखानों में संचालित हो रही हैं, जहाँ किसी भी घटना की स्थिति में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस गंभीर स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वे इन लाइब्रेरियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मोटी मलाई चाटकर आसानी से मान्यता प्रदान कर दी जाती है और उसके बाद दोबारा यह जाँचने की ज़हमत भी नहीं उठाई जाती कि वहाँ क्या सुविधाएँ हैं और क्या नहीं। ज़्यादातर लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी की सुविधा तो है ही नहीं; नाम मात्र की सुविधा के साथ रातोंरात लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। हालांकि, यह केवल सरकार और प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नज़र रखनी चाहिए जो इन लाइब्रेरियों में घंटों बिताने या पढ़ाई करने जाते हैं। उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे वहाँ क्या कर रहे हैं और वहाँ क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं, खासकर जब लाइब्रेरी के अंदर से ज़्यादा भीड़ बाहर फोन पर दिखती है। सरकार और प्रशासन से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी लाइब्रेरियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद करवाया जाए, जहाँ सुविधा के नाम पर सिर्फ़ ठेंगा है।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 14 लोगों की जान चली गई, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है। आजकल पूरे देश में लाइब्रेरी खोलने का एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ बच्चे स्कूल, कॉलेज और घरों की बजाय पढ़ाई के नाम पर अधिक समय बिता रहे हैं। ये लाइब्रेरी हर गली-मोहल्ले में खुल गई हैं, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से इनमें कोई सुविधा नहीं है। खासकर, अधिकतर लाइब्रेरी तो जमीन के अंदर बने तहखानों में संचालित हो रही हैं, जहाँ किसी भी घटना की स्थिति में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस गंभीर स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वे इन लाइब्रेरियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मोटी मलाई चाटकर आसानी से मान्यता प्रदान कर दी जाती है और उसके बाद दोबारा यह जाँचने की ज़हमत भी नहीं उठाई जाती कि वहाँ क्या सुविधाएँ हैं और क्या नहीं। ज़्यादातर लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी की सुविधा तो है ही नहीं; नाम मात्र की सुविधा के साथ रातोंरात लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। हालांकि, यह केवल सरकार और प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नज़र रखनी चाहिए जो इन लाइब्रेरियों में घंटों बिताने या पढ़ाई करने जाते हैं। उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे वहाँ क्या कर रहे हैं और वहाँ क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं, खासकर जब लाइब्रेरी के अंदर से ज़्यादा भीड़ बाहर फोन पर दिखती है। सरकार और प्रशासन से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी लाइब्रेरियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद करवाया जाए, जहाँ सुविधा के नाम पर सिर्फ़ ठेंगा है।
- कौशांबी जिले में पुलिस ने भैंस चोरी की घटनाओं में वांछित ₹25,000 के इनामी बदमाश गुड्डू उर्फ साहिल को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जवाबी फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और नकदी भी बरामद हुई है। यह मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के बंधवा रजबर और भेलखा गांव से 29 और 30 अप्रैल की रात चार भैंसों और एक बच्चे की चोरी से जुड़ा है। इन मुकदमों की जांच के दौरान पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि गुड्डू उर्फ साहिल फरार चल रहा था और उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुड्डू उर्फ साहिल एदिलपुर नहर के पास अपने साथियों का इंतजार कर रहा है और किसी वारदात की फिराक में है। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी की पहचान तूफान अहमद के पुत्र गुड्डू उर्फ साहिल, निवासी रहीमपुर मौलानी, थाना करारी के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और ₹3310 बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ बंधवा रजबर और भेलखा गांव से भैंसें चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई भैंसों को उन्नाव के एक स्लॉटर हाउस में ₹30,000 में बेच दिया गया था, जिसकी रकम इन आरोपियों ने आपस में बांट ली थी। मंझनपुर के सीओ शिवांक सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- गाज़ीपुर में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा संस्थानों की निष्पक्षता और शिक्षकीय मर्यादा पर गंभीर बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति, जिन्हें सोशल मीडिया पोस्टों में एमएएच इंटर कॉलेज, गाज़ीपुर के प्रधानाचार्य मोहम्मद खालिद उमर बताया जा रहा है, छात्रों के बीच एक ग्राम प्रधान प्रत्याशी के समर्थन में अपील करते दिखाई दे रहे हैं। हमारा चैनल इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन सोशल मीडिया दावों के अनुसार यह कार्यक्रम उसिया गांव के एक विद्यालय का बताया जा रहा है, जहाँ एमएएच इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य बतौर अतिथि मौजूद थे। वीडियो में कथित तौर पर छात्रों से कहा जा रहा है कि वे अपने माता-पिता से एक विशेष उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील करें। यदि वीडियो में किए जा रहे दावे सही हैं, तो यह मामला शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता, शिक्षकीय आचरण और लोकतांत्रिक मर्यादा से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न बन जाता है। विद्यालय बच्चों को ज्ञान, विवेक, संवैधानिक मूल्यों और स्वतंत्र सोच की शिक्षा देने का स्थान होता है। ऐसे में यदि किसी शैक्षणिक मंच से चुनावी संदेश दिया जाए या बच्चों को किसी प्रत्याशी के समर्थन का माध्यम बनाया जाए, तो यह शिक्षा के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़े करता है। इस पूरे प्रकरण का संवेदनशील पक्ष यह है कि बच्चे स्वयं मतदाता नहीं होते; उन्हें राजनीतिक संदेशों का वाहक बनाने की कोशिश नैतिकता और शिक्षकीय जिम्मेदारी दोनों कसौटियों पर सवालों के घेरे में आती है, क्योंकि समाज अपने बच्चों को जागरूक नागरिक बनाने के लिए विद्यालय भेजता है, न कि किसी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाने के लिए। वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और इसी के साथ कई अहम सवाल उठ रहे हैं, जैसे कि क्या स्कूलों और शैक्षणिक आयोजनों को राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं रखा जाना चाहिए, और क्या बच्चों के सामने किसी प्रत्याशी के पक्ष में अपील करना शिक्षकीय मर्यादा के अनुरूप माना जा सकता है। यदि वीडियो के दावे सही हैं, तो यह भी सवाल उठता है कि क्या संबंधित प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करानी चाहिए। शिक्षक और प्रधानाचार्य समाज में केवल प्रशासक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे हर परिस्थिति में निष्पक्षता, गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का पालन करें। शिक्षा का मंच जितना पवित्र और राजनीति से मुक्त रहेगा, लोकतंत्र की जड़ें उतनी ही मजबूत होंगी।1
- भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में सोमवार को प्रयागराज में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने बढ़ती कृषि लागत, नकली बीज एवं कीटनाशकों की बिक्री, उर्वरकों की कमी, प्रशासनिक जटिलताओं और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ न मिलने को प्रदेश के किसानों के लिए गंभीर संकट का कारण बताया। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और इनकी कालाबाजारी व ओवररेटिंग पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही नकली बीज, नकली कीटनाशक और मिलावटी उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई, जिसमें खराब और नकली बीजों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और संपूर्ण बीज वितरण व्यवस्था की जांच कराने की बात भी शामिल थी। ज्ञापन में भूमि संबंधी मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिसमें अंश निर्धारण, विरासत और बंटवारे के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की गई। किसानों ने किसान आईडी (Farmer ID) बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाने और तकनीकी खामियों को दूर करने की भी मांग रखी। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने सभी फसलों की एमएसपी पर सरकारी खरीद की गारंटी सुनिश्चित करने और फसल बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाने की वकालत की। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि एवं अन्य कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान का शीघ्र सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, किसानों ने आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की, क्योंकि आवारा पशुओं के कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कृषि विद्युत आपूर्ति को नियमित एवं सुचारु बनाए रखने की भी मांग की। प्रदर्शन में मौजूद किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। यूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई से ही संभव है।3
- प्रयागराज के नैनी क्षेत्र स्थित खरकौनी गांव की 8 वर्षीय अन्नी यादव ने अपनी प्रतिभा और साहस का प्रदर्शन करते हुए यमुना नदी को सफलतापूर्वक पार कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस असाधारण सफलता ने पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना दिया है, जिससे जिले का गौरव बढ़ा है। अन्नी की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ परिवार और प्रशिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी माता सोनम यादव और पिता रंजीत यादव ने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं कोच मोनू निषाद ने उन्हें बेहतर प्रशिक्षण प्रदान कर इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कम उम्र में यह बड़ा कारनामा कर अन्नी यादव आज प्रयागराज ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। क्षेत्र के लोगों ने उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।4
- प्रयागराज के वकीलों ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद और हज़रत आयशा सिद्दीका के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। सोमवार को अधिवक्ता मो. मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में वकीलों ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित एक ज्ञापन डीएम प्रयागराज को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक कथित वीडियो/पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं, जिससे देशभर के करोड़ों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं।1
- कौशांबी जिले में भैंस चोरी की घटनाओं में वांछित और 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस जवाबी फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस और नकदी भी बरामद की गई है। यह मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के बंधवा रजबर और भेलखा गांव से जुड़ा है, जहाँ 29 और 30 अप्रैल की रात को चार भैंसों और एक बच्चे की चोरी हुई थी। पुलिस ने इन मुकदमों की जांच के दौरान पहले ही छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गुड्डू उर्फ साहिल नामक बदमाश फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुड्डू उर्फ साहिल एदिलपुर नहर के पास अपने साथियों का इंतजार कर रहा है और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो आरोपी ने उन पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई और उसे पकड़ लिया गया। घायल आरोपी की पहचान गुड्डू उर्फ साहिल पुत्र तूफान अहमद, निवासी रहीमपुर मौलानी, थाना करारी के रूप में हुई है। उसके पास से एक तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और 3310 रुपये की नकदी बरामद हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी गुड्डू उर्फ साहिल ने अपने साथियों के साथ बंधवा रजबर और भेलखा गांव से भैंसें चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई भैंसों को उन्नाव के स्लॉटर हाउस में 30 हजार रुपये में बेच दिया गया था और यह रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली थी। पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुहास के पास महुवाव रत्योरा रोड के किनारे, सुबह लगभग 06:00 बजे स्थानीय लोगों ने एक अज्ञात व्यक्ति का शव देखा। इसकी सूचना तुरंत कोरांव थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव की पहचान कराई। मृतक की पहचान सुरेश कुमार धरिकार, पुत्र श्याम धरिकार, उम्र लगभग 50 वर्ष के रूप में हुई। वह कोरांव थाना अंतर्गत ग्राम टुड़िया का मूल निवासी था और वर्तमान में थाना खीरी अंतर्गत ग्राम चपरो में रहता था। मृतक के परिजनों को सूचना मिलते ही वे रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे और हत्या का आरोप लगाया। मौके पर थाना अध्यक्ष कोरांव और एसीपी मेजा मौजूद रहे, जिन्होंने शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश कुमार धरिकार का ग्राम सुहास निवासी लालजी धरिकार के बेटे की बहू के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस प्रशासन फिलहाल मामले की गहन जांच में जुटा है।2