अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र के गांव फरौटा की मढ़ैया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला का आरोप है कि उसके पति को एक सुनियोजित साज़िश के तहत झूठे मुक़दमे में फँसाकर जेल भेजा गया है। अपने दावों के समर्थन में उसने डिजिटल साक्ष्यों से भरी एक पेन ड्राइव पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से भेजी है और मामले की एसआईटी (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़िता निशा, जो मनोज की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई को गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर उसी रात आरोपी और उसके परिजनों ने घर में घुसकर मारपीट की, जिसके दौरान पेट में लात लगने से उनका दो माह का गर्भ गिर गया। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन थाना स्तर पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहाँ उनका परिवाद अभी विचाराधीन है। महिला का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण विपक्षी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा था। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया, तो उनके पति को झूठे मुक़दमे में फँसाने की साज़िश रची गई। इसी क्रम में रहरा थाने में मुक़दमा दर्ज कराया गया और पुलिस ने उनके पति के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर दी। शिकायती पत्र में महिला ने दावा किया है कि 20 जून को जिस समय की घटना मुक़दमे में दर्ज है, उस समय उनके पति गांव से निकलकर अपनी रिश्तेदारी में जा चुके थे। उसने बताया कि सोहत पेट्रोल पंप, उझारी और सैदनंगली मार्ग के सीसीटीवी कैमरों में उनके पति की आवाजाही रिकॉर्ड है। महिला का कहना है कि इन सभी फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनके पति घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 23 जून को उनके पति और देवर साक्ष्य लेकर रहरा थाने पहुँचे थे। वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों को मोबाइल में वीडियो दिखाए गए, लेकिन वीडियो देखने के बाद मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया गया और दोनों को हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि देवर को कई घंटों बाद छोड़ दिया गया, जबकि पति को करीब 40 घंटों तक हिरासत में रखने के बाद जेल भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वर्तमान विवेचना निष्पक्ष नहीं हो रही है और जांच अधिकारी उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उसने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पेन ड्राइव में उपलब्ध सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जाए तथा मामले की जांच वर्तमान विवेचक से हटाकर एसआईटी (SIT) के माध्यम से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रस्तुत किए गए डिजिटल साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला एक नई दिशा ले सकता है। पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र के गांव फरौटा की मढ़ैया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला का आरोप है कि उसके पति को एक सुनियोजित साज़िश के तहत झूठे मुक़दमे में फँसाकर जेल भेजा गया है। अपने दावों के समर्थन में उसने डिजिटल साक्ष्यों से भरी एक पेन ड्राइव पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से भेजी है और मामले की एसआईटी (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़िता निशा, जो मनोज की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई को गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर उसी रात आरोपी और उसके परिजनों ने घर में घुसकर मारपीट की, जिसके दौरान पेट में लात लगने से उनका दो माह का गर्भ गिर गया। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन थाना स्तर पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहाँ उनका परिवाद अभी विचाराधीन है। महिला का
आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण विपक्षी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा था। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया, तो उनके पति को झूठे मुक़दमे में फँसाने की साज़िश रची गई। इसी क्रम में रहरा थाने में मुक़दमा दर्ज कराया गया और पुलिस ने उनके पति के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर दी। शिकायती पत्र में महिला ने दावा किया है कि 20 जून को जिस समय की घटना मुक़दमे में दर्ज है, उस समय उनके पति गांव से निकलकर अपनी रिश्तेदारी में जा चुके थे। उसने बताया कि सोहत पेट्रोल पंप, उझारी और सैदनंगली मार्ग के सीसीटीवी कैमरों में उनके पति की आवाजाही रिकॉर्ड है। महिला का कहना है कि इन सभी फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनके पति घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 23 जून को उनके पति और देवर साक्ष्य लेकर रहरा थाने पहुँचे थे। वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों को
मोबाइल में वीडियो दिखाए गए, लेकिन वीडियो देखने के बाद मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया गया और दोनों को हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि देवर को कई घंटों बाद छोड़ दिया गया, जबकि पति को करीब 40 घंटों तक हिरासत में रखने के बाद जेल भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वर्तमान विवेचना निष्पक्ष नहीं हो रही है और जांच अधिकारी उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उसने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पेन ड्राइव में उपलब्ध सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जाए तथा मामले की जांच वर्तमान विवेचक से हटाकर एसआईटी (SIT) के माध्यम से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रस्तुत किए गए डिजिटल साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला एक नई दिशा ले सकता है। पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- Available for Sale Brand : Maruti Suzuki Model : Alto 800 LXI Year of Registration : 2021 Price (₹) : 300000 City / Locality : Hasanpur Vehicle Type : Car Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol New Maruti Suzuki Alto 800 LXI 2021 Drive Only 36000 With Service Record 1st Owner Bulandshahr UP.13BS9609 07 June 2021 Model Fuel Petrol Insurance 18 June 2027 Tak Valid Gadi Ka Pollution 1 Year Valid Power Steering 2 Power Window Ac Heater ABS System etc. Android Touch Music System Gadi Ki 2 Chabi hai Centr lock Wali Gadi Mein Full Accessories Lagi Hai Gadi Ka Price Rs. 300000 Gadi Location Village Post Adampur Tehsil Hasanpur ( Amroha ) Call 956870176210
- अमरोहा के रहरा थाना क्षेत्र के गांव फरौटा की मढ़ैया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला का आरोप है कि उसके पति को एक सुनियोजित साज़िश के तहत झूठे मुक़दमे में फँसाकर जेल भेजा गया है। अपने दावों के समर्थन में उसने डिजिटल साक्ष्यों से भरी एक पेन ड्राइव पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से भेजी है और मामले की एसआईटी (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़िता निशा, जो मनोज की पत्नी हैं, ने बताया कि 9 मई को गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर उसी रात आरोपी और उसके परिजनों ने घर में घुसकर मारपीट की, जिसके दौरान पेट में लात लगने से उनका दो माह का गर्भ गिर गया। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन थाना स्तर पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहाँ उनका परिवाद अभी विचाराधीन है। महिला का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण विपक्षी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा था। जब उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया, तो उनके पति को झूठे मुक़दमे में फँसाने की साज़िश रची गई। इसी क्रम में रहरा थाने में मुक़दमा दर्ज कराया गया और पुलिस ने उनके पति के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर दी। शिकायती पत्र में महिला ने दावा किया है कि 20 जून को जिस समय की घटना मुक़दमे में दर्ज है, उस समय उनके पति गांव से निकलकर अपनी रिश्तेदारी में जा चुके थे। उसने बताया कि सोहत पेट्रोल पंप, उझारी और सैदनंगली मार्ग के सीसीटीवी कैमरों में उनके पति की आवाजाही रिकॉर्ड है। महिला का कहना है कि इन सभी फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उनके पति घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 23 जून को उनके पति और देवर साक्ष्य लेकर रहरा थाने पहुँचे थे। वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों को मोबाइल में वीडियो दिखाए गए, लेकिन वीडियो देखने के बाद मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया गया और दोनों को हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि देवर को कई घंटों बाद छोड़ दिया गया, जबकि पति को करीब 40 घंटों तक हिरासत में रखने के बाद जेल भेज दिया गया। पीड़िता का कहना है कि वर्तमान विवेचना निष्पक्ष नहीं हो रही है और जांच अधिकारी उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उसने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पेन ड्राइव में उपलब्ध सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जाए तथा मामले की जांच वर्तमान विवेचक से हटाकर एसआईटी (SIT) के माध्यम से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब सभी की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रस्तुत किए गए डिजिटल साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला एक नई दिशा ले सकता है। पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।3
- राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मुरादाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “हू हील द हीलर्स” थीम पर आधारित इस समारोह में राष्ट्रीय सेमिनार, चिकित्सक सम्मान समारोह और टीबी मुक्त भारत शपथ समारोह शामिल थे। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 100 से अधिक चिकित्सकों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर, डीन मेडिकल डॉ. प्रभु एम.एच., एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित जैन तथा अन्य अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. रमाकांत सागर ने अपने संबोधन में चिकित्सकों की कोरोना महामारी सहित हर संकट की घड़ी में की गई निस्वार्थ सेवा की सराहना की। उन्होंने बताया कि वेंक्टेश्वरा मेडिकल संस्थान एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने चिकित्सकों को केवल स्वास्थ्य सेवाओं का वाहक नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव बताया और समाज से उनके समर्पण व सेवा भावना का सम्मान करने की अपील की। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों को मानव सेवा, राष्ट्र सेवा तथा टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। समारोह को और यादगार बनाने के लिए छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. योगेन्द्र, एडिशनल सीएमओ डॉ. भास्कर, डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. बी.एस. त्यागी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, मेडिकल छात्र और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।3
- अमरोहा जनपद में 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित होने वाली यूपीटीईटी-2026 परीक्षा के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने गजरौला स्थित ज्ञान भारती इंटर कॉलेज और शिव इंटर कॉलेज का दौरा कर परीक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, स्ट्रॉन्ग रूम की स्थिति और परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का गहनता से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी संबंधितों को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के सख्त निर्देश दिए। जनपद में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 28,440 अभ्यर्थी दो पालियों में यह परीक्षा देंगे।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव और उनके बारे में जानकारी देने हेतु शपथ भी दिलाई गई।1
- Available for Sale Brand : Maruti Suzuki Model : Alto 800 LXI Year of Registration : 2021 Price (₹) : 300000 City / Locality : Amroha Vehicle Type : Car Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol New Maruti Suzuki Alto 800 LXI 2021 Drive Only 36000 With Service Record 1st Owner Bulandshahr UP.13BS9609 07 June 2021 Model Fuel Petrol Insurance 18 June 2027 Tak Valid Gadi Ka Pollution 1 Year Valid Power Steering 2 Power Window Ac Heater ABS System etc. Android Touch Music System Gadi Ki 2 Chabi hai Centr lock Wali Gadi Mein Full Accessories Lagi Hai Gadi Ka Price Rs. 300000 Gadi Location Village Post Adampur Tehsil Hasanpur ( Amroha ) Call 956870176210
- मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के गागन वाली मैनाठेर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ आकाश बिजली गिरने की चपेट में आने से पाँच बच्चे प्रभावित हुए। यह घटना तब हुई जब वे एक पेड़ के नीचे दुबके हुए थे। बिजली गिरने से मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1