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भारतीय क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम गांधी हॉल इंदौर इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है। बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें। सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट

1 hr ago
user_Naseem Khan
Naseem Khan
इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

भारतीय क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम गांधी हॉल इंदौर इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है। बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें। सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट

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  • अगर बिजली और खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 10 और 11 तारीख को उग्र आंदोलन किया जाएगा
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    अगर बिजली और खाद की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 10 और 11 तारीख को उग्र आंदोलन किया जाएगा
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भारतीय क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम गांधी हॉल इंदौर इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है। बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें। सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट
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    भारतीय  क्रिकेट टीम में सिलेक्ट हुए सारांश जैन ने पिता सुबोध कुमार जैन को बताया अपना आदर्श नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया के सिखाये गुर आ रहे हैं काम 
गांधी हॉल इंदौर
इंदौर। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित ऑल राउंडर सारांश जैन  शुक्रवार को मीडिया से रूबरु हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के विरुद्ध खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज में उन्हें अंतिम 11 खिलाड़ियों में मौका मिलेगा और वह अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
स्टेट प्रेस क्लब,मप्र के रूबरु कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफलता का क्रेडिट अपने पिता को दिया। सारांश जैन के पिता सुबोध कुमार जैन मुंह के कैंसर से जब जूझ रहे थे उस समय सारांश एमपीसीए के टूर में ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। उस समय परिवार ने उन्हें नहीं बताया कि पिता के कैंसर का ऑपरेशन चल रहा है। सारांश जब इंदौर लोटे तो वह इस बात से बहुत नाराज़ हुए। सारांश ने बताया की उनके पिता ने कहा की वह जितना अच्छा क्रिकेट खेलेगा वह उतनी जल्दी ठीक हो जाएँगे। सारांश ने इसीलिए अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के साथ साथ नरेंद्र हिरवानी और अमय खुरासिया ने उन्हें गेंदबाजी के गुर सिखाए हैं। प्रसिद्ध गेंदबाज़ रविचन्द्रन अश्वीन और हरभजन सिंह उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हरभजन सिंह ने उन्हें मंत्र दिया है  कि कुछ पाने के लिए खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। इसी बात को उन्होंने अपने जीवन में ढल कर मेहनत को दोगुना कर दिया है।
बातचीत में सारांश ने अपने 26 वर्षों के संघर्ष, परिवार के सहयोग, पिता के सपने और टीम इंडिया तक पहुंचने के सफर को साझा किया। सारांश ने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था और अब उनका लक्ष्य मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इंदौर और देश का नाम रोशन करना है। भारतीय टेस्ट टीम में चयन की खुशी सारांश जैन के चेहरे पर साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि जिस दिन टीम का ऐलान हुआ उस दिन वे इंदौर के गुमास्ता नगर नाकोड़ा जैन मंदिर एवं रणजीत हनुमान मंदिर में दर्शन करने गए थे। मंदिर से लौटकर जैसे ही गाड़ी में बैठे सोशल मीडिया पर अपने चयन की खबर देखी। शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार आने वाले फोन कॉल और बधाई संदेशों ने इस ऐतिहासिक पल को सच साबित कर दिया। सारांश ने कहा कि यह पल उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था। उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है और अब उनकी कोशिश होगी कि भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम दुनिया भर में और ऊंचा करें।
सारांश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि टीम इंडिया तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था। कई बार परिस्थितियां ऐसी बनीं कि क्रिकेट छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपने पिता सुबोध जैन के सपने को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। पूर्व रणजी क्रिकेटर रहे उनके पिता हमेशा चाहते थे कि बेटा एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करे। चयन के बाद पिता का भावुक संदेश उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। सारांश ने अपने बड़े भाई, पूरे परिवार और मध्यप्रदेश टीम के कोच चंद्रकांत पंडित का भी आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी पूरी तैयारी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है। भारतीय टीम सम्भवतः 3 अगस्त को श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी।सारांश ने उम्मीद जताई की उन्हें अंतिम ग्यारह में अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में सारांश के पिता सुबोध जैन, माता संगीता जैन, पत्नी हर्षित जैन और भाई सौरभ जैन भी मौजूद थे। सारांश का स्वागत डॉ. सुशील पगारे,कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, सुनील जैन, सोनाली यादव एवं संजय मेहता ने किया। स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने सारांश जैन को स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। भास्कर समाचार सेवा के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कैसे भी हो बच्चों को मोबाइल में गेम ना खेलने दे नहीं तो बच्चे का गेम हो जाएगा
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    कैसे भी हो बच्चों को मोबाइल में गेम ना 
खेलने दे नहीं तो बच्चे का गेम हो जाएगा
    user_Radheshyam jogi
    Radheshyam jogi
    Citizen Reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इंदौर मध्य प्रदेश में वीडियो हुआ वायरल पीड़ित महिला ने बताई बातें वह मेरा पति नहीं वह टेंट हाउस का मालिक निकाला वह महिला को बदनाम करने उसको प्रताड़ित करता था ऐसे व्यक्ति के ऊपर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए पीड़ित महिला का वीडियो आया सामने
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    इंदौर मध्य प्रदेश में वीडियो हुआ वायरल पीड़ित महिला ने बताई बातें वह मेरा पति नहीं वह टेंट हाउस का मालिक निकाला वह महिला को बदनाम करने उसको प्रताड़ित करता था ऐसे व्यक्ति के ऊपर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए पीड़ित महिला का वीडियो आया सामने
    user_Vishal Jadhav
    Vishal Jadhav
    पत्रकार NCR समाचार इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • खुड़ैल तहसील में राजस्व शिविर आयोजित, एसडीएम ने किया पौधारोपण, किसानों को जनसुनवाई में सीधे पहुंचने का दिया संदेश*
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    खुड़ैल तहसील में राजस्व शिविर आयोजित, एसडीएम ने किया पौधारोपण, किसानों को जनसुनवाई में सीधे पहुंचने का दिया संदेश*
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • इंदौर में महिला को बेल्ट से पीटने वाला गिरफ्तार, विजय नगर पुलिस की कार्रवाई दरअसल, विजय नगर थाना क्षेत्र के रेडिसन चौराहे के पास एक व्यक्ति द्वारा महिला के साथ बेल्ट से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने महिला संबंधी अपराध को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। वाहन नंबर के आधार पर पुलिस पीड़िता तक पहुंची और इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने को लेकर सख्त हिदायत दी है। वहीं आरोपी ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। बाइट: पराग सैनी, एसीपी, इंदौर।
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    इंदौर में महिला को बेल्ट से पीटने वाला गिरफ्तार, विजय नगर पुलिस की कार्रवाई
दरअसल, विजय नगर थाना क्षेत्र के रेडिसन चौराहे के पास एक व्यक्ति द्वारा महिला के साथ बेल्ट से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने महिला संबंधी अपराध को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। वाहन नंबर के आधार पर पुलिस पीड़िता तक पहुंची और इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की।
पुलिस ने आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने को लेकर सख्त हिदायत दी है। वहीं आरोपी ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
बाइट: पराग सैनी, एसीपी, इंदौर।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
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